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उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान राशि से जुड़े कथित अनियमितता मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को तकनीकी जांच के दौरान अहम सुराग हाथ लगे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान राशि से जुड़े कथित अनियमितता मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को तकनीकी जांच के दौरान अहम सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से पहले डिलीट की गई सीसीटीवी फुटेज का एक हिस्सा रिकवर कर लिया गया है। शुरुआती विश्लेषण में कुछ व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। जांच एजेंसियां अब इन फुटेज की हाई-रिजॉल्यूशन तकनीक से जांच कर संबंधित लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। UP News
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सूत्रों के मुताबिक, पहले उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में कई ऐसे हिस्से मिले थे जहां कैमरों का कवरेज सीमित था। इसी आधार पर एसआईटी ने डिलीट वीडियो को दोबारा हासिल करने की योजना बनाई। तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से कुछ रिकॉर्डिंग रिकवर की गई हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन फुटेज से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि कथित अनियमितताओं में कौन-कौन शामिल था, सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और पूरा घटनाक्रम किस तरह अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि कुछ रिकॉर्डिंग में संदिग्ध व्यक्ति कथित तौर पर नोटों की गड्डियां अपने कपड़ों में छिपाते हुए दिखाई देते हैं। हालांकि फुटेज में चेहरे स्पष्ट नहीं हैं, इसलिए डिजिटल इमेज एन्हांसमेंट तकनीक के जरिए वीडियो की गुणवत्ता बेहतर बनाकर पहचान की प्रक्रिया जारी है। UP News
एसआईटी केवल कथित दान राशि की अनियमितता की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर परिसर की निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा कर रही है। जांच के दौरान सीसीटीवी मॉनिटरिंग से जुड़े एक जिम्मेदार कर्मचारी से भी पूछताछ की गई है। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में संभावित लापरवाही और निगरानी प्रणाली के संचालन को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई है। जांच का दायरा अब मंदिर निर्माण से जुड़े पहलुओं तक भी पहुंच गया है। एसआईटी ने निर्माण एजेंसी एलएंडटी और तकनीकी पर्यवेक्षण से जुड़े अभियंताओं को बुलाकर कई बिंदुओं पर पूछताछ की। इस दौरान निर्माण कार्य से संबंधित दस्तावेज और तकनीकी अभिलेख भी जांच टीम ने अपने कब्जे में लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन दस्तावेजों का परीक्षण जारी है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। UP News
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी वर्ष 2021 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से की गई जमीन खरीद, निर्माण सामग्री की आपूर्ति और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न दस्तावेजों का भी परीक्षण कर रही है। राजस्व अभिलेखों के साथ-साथ बैंकिंग लेनदेन से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मंगाए गए हैं, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके। एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारी प्राथमिक जांच पूरी करने के बाद लखनऊ लौट चुके हैं, जबकि तकनीकी और जांच टीम के अन्य सदस्य अयोध्या में रहकर डिजिटल साक्ष्यों, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य अभिलेखों की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। UP News
जांच के दौरान एक बैंक अधिकारी ने भी अपना पक्ष रखा है। सूत्रों के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि नोटों की गिनती करने वाले कर्मचारी सामान्य और अनुशासित व्यवहार करते थे, इसलिए उन पर कभी संदेह नहीं हुआ। जांच एजेंसियां अब इस बयान का मिलान सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी साक्ष्यों और अन्य तकनीकी प्रमाणों से कर रही हैं, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। UP News
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