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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक सोमवार को बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल के दिनों में मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले के बाद यह पहली आधिकारिक बैठक होगी, जिसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर विचार किया जाएगा।

UP News : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक सोमवार को बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल के दिनों में मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले के बाद यह पहली आधिकारिक बैठक होगी, जिसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर विचार किया जाएगा। दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाएंगे या नहीं, इसका फैसला ट्रस्ट के मतदान अधिकार रखने वाले सदस्यों के बहुमत से होगा। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब राम मंदिर से जुड़े दान और उसकी पारदर्शिता को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। ऐसे में ट्रस्ट का यह निर्णय भविष्य की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। UP News
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य हैं, लेकिन सभी को मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं है। इनमें चार सदस्य पदेन (Ex-Officio) हैं, जिन्हें बैठक में अपनी राय रखने का अधिकार तो है, लेकिन वे मतदान नहीं कर सकते। वर्तमान में ट्रस्ट का एक पद रिक्त है। ऐसे में मतदान का अधिकार रखने वाले कुल 11 सदस्यों में से प्रभावी रूप से 10 सदस्य ही निर्णय प्रक्रिया में भाग लेंगे। इन्हीं के बहुमत के आधार पर तय होगा कि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाएं या उन्हें पद पर बने रहने दिया जाए। UP News
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य शामिल हैं। इनमें 13 सदस्यों का नामांकन सरकार की ओर से किया गया है। इन 13 सदस्यों में नौ स्थायी सदस्य और चार पदेन सदस्य शामिल हैं। पदेन सदस्यों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधि, उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधि, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष तथा अयोध्या के जिलाधिकारी शामिल होते हैं। हालांकि, अयोध्या नरेश विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद ट्रस्ट का एक पद अभी रिक्त है, जिसके कारण मौजूदा बैठक में सीमित संख्या में सदस्य मतदान करेंगे। मणिराम दास छावनी में आयोजित होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे, जबकि बैठक के संचालन और प्रमुख प्रक्रियाओं में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी उपस्थित रह सकते हैं। उनके इस्तीफों पर चर्चा के बाद मतदान कराया जाएगा। यदि बहुमत इस्तीफे स्वीकार करने के पक्ष में रहता है, तो ट्रस्ट में नए सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। UP News
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यदि ट्रस्ट दोनों इस्तीफों को स्वीकार कर लेता है, तो संगठन में नए पदाधिकारियों और सदस्यों के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव संभव है और भविष्य में नई जिम्मेदारियां नए चेहरों को सौंपी जा सकती हैं। हालांकि यदि बहुमत इस्तीफे स्वीकार नहीं करता, तो चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा अपने वर्तमान पदों पर बने रहेंगे और ट्रस्ट का कार्य पूर्ववत चलता रहेगा। UP News
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में धार्मिक, प्रशासनिक और कानूनी क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हैं। इनमें महंत नृत्य गोपाल दास (अध्यक्ष), चंपत राय (महासचिव), स्वामी गोविंद देव गिरि (कोषाध्यक्ष), वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन, डॉ. अनिल मिश्रा, युगपुरुष परमानंद गिरि, कृष्ण मोहन, दिनेंद्र दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ प्रमुख नाम हैं। वहीं पदेन सदस्यों में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि प्रशांत लोखंडे शामिल हैं। UP News
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