अमेठी में सुलतानपुर-धम्मौर मार्ग पर बाइक खाई में गिरने से तीन युवकों की मौत हो गई। हादसा अमहट के आगे कब्रिस्तान के पास हुआ। मृतकों की पहचान रामापुर गांव के विशाल कोरी, ईशू कोरी और रोहित के रूप में हुई है।

UP News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में सुलतानपुर-धम्मौर मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवकों की जान चली गई। सोमवार शाम अमहट से आगे कब्रिस्तान के पास एक राइडर बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तीसरे युवक ने मंगलवार को लखनऊ के हायर सेंटर में दम तोड़ दिया। एक साथ तीन युवकों की मौत से रामापुर गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों की पहचान अमेठी जिले के भेटुआ ब्लॉक की पीपरपुर ग्राम पंचायत के रामापुर गांव निवासी विशाल कोरी (17), ईशू कोरी (करीब 20) और रोहित (करीब 17) के रूप में हुई है। तीनों युवक सुलतानपुर में सटरिंग का काम करने गए थे। सोमवार शाम घर लौटते समय वे हादसे का शिकार हो गए।
यह भी पढ़ें : पंचायत चुनाव से पहले OBC आरक्षण पर मंथन, आयोग ने जनप्रतिनिधियों से मांगे सुझाव
जानकारी के मुताबिक, तीनों युवक रोजी-रोटी के लिए सुलतानपुर गए थे। सोमवार शाम लौटते समय अमहट से आगे कब्रिस्तान के पास उनकी राइडर बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि दो युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तीसरे युवक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार को उसकी मौत हो गई। तीनों की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन अपनों को खोने के सदमे में हैं। खबर लिखे जाने तक शव घर नहीं पहुंचे थे और परिवार अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे थे। UP News:
विशाल कोरी (17) दो भाइयों और दो बहनों में था। उसके बड़े भाई श्रवण और बहन काजल की शादी हो चुकी है। बेटे की मौत की खबर से मां मीना का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को उससे भविष्य की उम्मीदें थीं, लेकिन हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
ईशू कोरी की उम्र करीब 20 वर्ष बताई गई है। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। मेहनत-मजदूरी करके वह परिवार की आर्थिक मदद करता था। हादसे में क्षतिग्रस्त हुई राइडर बाइक भी उसी की बताई गई है। ईशू की मौत से मां रंगीता बदहवास हैं। परिवार के लिए यह क्षति केवल बेटे को खोने की नहीं, बल्कि एक बड़े सहारे के छिन जाने की भी है।
करीब 17 वर्षीय रोहित दो भाइयों और एक बहन में था। वह भी मेहनत-मजदूरी करके परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाता था। उसकी मौत से मां संगीता का बुरा हाल है। तीनों युवकों की असमय मौत ने उनके परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया है।
तीनों युवकों के पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। विशाल, ईशू और रोहित को जाल बांधने, सटरिंग, पुट्टी और पेंट जैसे काम आते थे। वे काम करके परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करते थे। तीनों अविवाहित थे और परिवारों को उनसे बेहतर भविष्य की उम्मीद थी। एक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की उम्मीदें छीन लीं। रामापुर गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और परिजन अपने बेटों को याद कर बिलख रहे हैं। UP News:
विज्ञापन