सरकारी डॉक्टर की दोहरी ज़िंदगी का पर्दाफाश, लड़की बनकर करता था ऐसा काम, देखकर उड़े पत्नी के होश, पुलिस भी हैरान
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:17 AM
संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर ज़िले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। सीएचसी में तैनात एक डॉक्टर पर आरोप है कि वह लड़की के भेष में अश्लील वीडियो बनाता था और सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। यह राज तब खुला जब उसकी पत्नी ने एक वायरल वीडियो में उसे पहचान लिया और पुलिस से शिकायत की।
महिला वेशभूषा में शूट करता था वीडियो, 'मीना राय' नाम से सोशल मीडिया पर एक्टिव
डॉक्टर की पत्नी ने शिकायत में बताया गया कि डॉक्टर ‘मीना राय’ नाम से सोशल मीडिया पर एक्टिव था और महिला कपड़ों में खुद के वीडियो बनाता था। इन वीडियोज़ में डॉक्टर महिला की तरह मेकअप, साड़ी/कुर्ती, और नकली बाल पहनकर विभिन्न अश्लील गतिविधियाँ करते देखा गया।
पत्नी को यह सब तब पता चला जब उसे एक वीडियो भेजा गया। उसने शक के आधार पर और वीडियो खंगाले और अपने पति को पहचान लिया।
सरकारी क्वार्टर बना रखा था वीडियो शूटिंग स्टूडियो
खबरों के मुताबिक डॉक्टर का नाम वरुणेश दुबे है, जो खलीलाबाद के सीएचसी में तैनात है। परिसर में ही मिले क्वार्टर में ही वो यह सब कर रहा था। वहां से महिला कपड़े, मेकअप किट, कैमरा सेटअप, रिंग लाइट और अन्य वीडियो प्रोडक्शन उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी डॉक्टर न केवल वीडियो बना रहा था, बल्कि इन्हें मोनिटाइज़ कर कमाई भी कर रहा था।
पत्नी ने साहसिक कदम उठाकर की FIR, पुलिस जांच में जुटी
पत्नी की शिकायत पर स्थानीय खलीलाबाद कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ आईटी एक्ट, अश्लीलता फैलाने, धोखाधड़ी और फर्जी पहचान के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि वीडियो खुद उसने ही बनाए और सोशल मीडिया पर अपलोड किए।
डॉक्टर की दोहरी ज़िंदगी से सहकर्मी और स्थानीय लोग हैरान
डॉक्टर का व्यवहार पहले से ही थोड़ा अजीब बताया गया था, लेकिन किसी ने यह अंदाजा नहीं लगाया था कि वह ऐसी हरकतों में शामिल हो सकता है। उसके साथी डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इस खुलासे से स्तब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है, और आरोपी को जल्द ही निलंबित किए जाने की संभावना है।
डिजिटल साक्ष्य बनेंगे जांच का आधार
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है। डिजिटल फॉरेंसिक टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितने वीडियो बनाए गए, कहां-कहां अपलोड हुए, और क्या इनसे आर्थिक लाभ लिया गया।
यह मामला आधुनिक समाज में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल और पेशेवर पदों पर बैठे लोगों की नैतिक जिम्मेदारियों को उजागर करता है। डॉक्टर जैसे जिम्मेदार पेशे में कार्यरत व्यक्ति द्वारा इस प्रकार की गतिविधि समाज और सरकारी संस्थानों की छवि को धक्का पहुंचाती है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस की जांच में क्या-क्या और खुलासे होते हैं और आरोपी डॉक्टर पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई कितनी सख्त होती है।
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