अमेरिका में गाजियाबाद की बेटी का बड़ा कमाल, बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की बेटी सबा हैदर ने अमेरिका में स्टेट रिप्रेजेंटेटिव के प्राइमरी चुनाव में जीत दर्ज कर एक बार फिर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। इलिनॉइस में 17 मार्च को हुए इस चुनाव में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से शानदार सफलता हासिल की।

UP News : उत्तर प्रदेश की बेटियां अब सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े लोकतांत्रिक मंचों पर भी अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं। उत्तर प्रदेश की एक और बेटी ने इस कथन को सही साबित किया है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की बेटी सबा हैदर ने अमेरिका में स्टेट रिप्रेजेंटेटिव के प्राइमरी चुनाव में जीत दर्ज कर एक बार फिर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। इलिनॉइस में 17 मार्च को हुए इस चुनाव में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से शानदार सफलता हासिल की। अब सबा हैदर नवंबर में होने वाले मुख्य चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करेंगी। इस उपलब्धि ने गाजियाबाद समेत पूरे उत्तर प्रदेश को गर्व का मौका दिया है। विदेश की धरती पर मिली यह जीत सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की बेटियों की बढ़ती वैश्विक पहचान का भी संकेत मानी जा रही है। गाजियाबाद के संजय नगर स्थित उनके घर पर जीत की खबर पहुंचते ही खुशी का माहौल बन गया।
उत्तर प्रदेश की बेटी ने अमेरिका में दिखाई ताकत
सबा हैदर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली हैं। संजय नगर के चित्रगुप्त विहार से निकलकर अमेरिका की राजनीति में अपनी अलग जगह बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से चुनाव लड़ते हुए अपनी ही पार्टी के प्रतिद्वंद्वी को हराया और प्राइमरी मुकाबले में जीत हासिल की। इस जीत ने यह साफ कर दिया है कि सबा हैदर अब अमेरिकी राजनीति में एक गंभीर और प्रभावशाली चेहरा बन चुकी हैं। इससे पहले भी वह चुनावी सफलता हासिल कर चुकी हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने ड्यूपेज काउंटी बोर्ड के चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। अब स्टेट रिप्रेजेंटेटिव के प्राइमरी चुनाव में जीत ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूत कर दिया है।
जीत की खबर के लिए रातभर जागता रहा परिवार
सबा हैदर की जीत का इंतजार सिर्फ अमेरिका में नहीं, बल्कि गाजियाबाद में भी पूरे उत्साह के साथ किया जा रहा था। भारत और अमेरिका के समय में अंतर होने के कारण मतगणना का दौर रातभर चलता रहा। परिवार लगातार चुनाव परिणामों की जानकारी लेता रहा। जैसे ही सुबह के समय जीत की पुष्टि हुई, घर में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों के मुताबिक, यह पल बेहद भावुक करने वाला था। गाजियाबाद में बैठे परिवार के लिए यह सिर्फ एक राजनीतिक परिणाम नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी से जुड़ी बेटी की बड़ी उपलब्धि थी। जीत की पुष्टि होने तक परिवार के कई सदस्य सोए नहीं और लगातार अपडेट लेते रहे।
गाजियाबाद से शुरू हुआ सफलता का सफर
सबा हैदर, सैयद हैदर की बेटी हैं और उनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा उत्तर प्रदेश में ही हुई। उन्होंने गाजियाबाद के होली चाइल्ड स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद राम चमेली चड्ढा विश्वास गर्ल्स कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का रुख किया और वाइल्डलाइफ साइंस में एमएससी किया।
यानी उनकी शैक्षणिक यात्रा पूरी तरह उत्तर प्रदेश से जुड़ी रही। यही वजह है कि उनकी सफलता को गाजियाबाद या परिवार तक सीमित नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश की प्रतिभा और परवरिश की उपलब्धि के तौर पर भी समझा जा रहा है।
समाजसेवा से बनाई पहचान
वर्ष 2006 में अली काजमी से विवाह के बाद सबा हैदर 2007 में अमेरिका चली गईं। वहां जाकर उन्होंने खुद को केवल निजी जीवन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। योग प्रशिक्षण से लेकर सार्वजनिक सेवा से जुड़े प्रयासों तक, उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अमेरिका में उन्हें पब्लिक हेल्थ बोर्ड, इंडियन प्रेयरी एजुकेशनल फाउंडेशन और इंडियन प्रेयरी पेरेंट्स काउंसिल जैसे संगठनों में नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी मिलीं। इन्हीं मंचों पर काम करते हुए उन्होंने लोगों के बीच भरोसा, पहचान और नेतृत्व क्षमता विकसित की, जो आगे चलकर उनकी राजनीतिक यात्रा की मजबूत नींव बनी। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश की बेटियां अब सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े लोकतांत्रिक मंचों पर भी अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं। उत्तर प्रदेश की एक और बेटी ने इस कथन को सही साबित किया है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की बेटी सबा हैदर ने अमेरिका में स्टेट रिप्रेजेंटेटिव के प्राइमरी चुनाव में जीत दर्ज कर एक बार फिर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। इलिनॉइस में 17 मार्च को हुए इस चुनाव में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से शानदार सफलता हासिल की। अब सबा हैदर नवंबर में होने वाले मुख्य चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करेंगी। इस उपलब्धि ने गाजियाबाद समेत पूरे उत्तर प्रदेश को गर्व का मौका दिया है। विदेश की धरती पर मिली यह जीत सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की बेटियों की बढ़ती वैश्विक पहचान का भी संकेत मानी जा रही है। गाजियाबाद के संजय नगर स्थित उनके घर पर जीत की खबर पहुंचते ही खुशी का माहौल बन गया।
उत्तर प्रदेश की बेटी ने अमेरिका में दिखाई ताकत
सबा हैदर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली हैं। संजय नगर के चित्रगुप्त विहार से निकलकर अमेरिका की राजनीति में अपनी अलग जगह बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से चुनाव लड़ते हुए अपनी ही पार्टी के प्रतिद्वंद्वी को हराया और प्राइमरी मुकाबले में जीत हासिल की। इस जीत ने यह साफ कर दिया है कि सबा हैदर अब अमेरिकी राजनीति में एक गंभीर और प्रभावशाली चेहरा बन चुकी हैं। इससे पहले भी वह चुनावी सफलता हासिल कर चुकी हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने ड्यूपेज काउंटी बोर्ड के चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। अब स्टेट रिप्रेजेंटेटिव के प्राइमरी चुनाव में जीत ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूत कर दिया है।
जीत की खबर के लिए रातभर जागता रहा परिवार
सबा हैदर की जीत का इंतजार सिर्फ अमेरिका में नहीं, बल्कि गाजियाबाद में भी पूरे उत्साह के साथ किया जा रहा था। भारत और अमेरिका के समय में अंतर होने के कारण मतगणना का दौर रातभर चलता रहा। परिवार लगातार चुनाव परिणामों की जानकारी लेता रहा। जैसे ही सुबह के समय जीत की पुष्टि हुई, घर में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों के मुताबिक, यह पल बेहद भावुक करने वाला था। गाजियाबाद में बैठे परिवार के लिए यह सिर्फ एक राजनीतिक परिणाम नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी से जुड़ी बेटी की बड़ी उपलब्धि थी। जीत की पुष्टि होने तक परिवार के कई सदस्य सोए नहीं और लगातार अपडेट लेते रहे।
गाजियाबाद से शुरू हुआ सफलता का सफर
सबा हैदर, सैयद हैदर की बेटी हैं और उनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा उत्तर प्रदेश में ही हुई। उन्होंने गाजियाबाद के होली चाइल्ड स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद राम चमेली चड्ढा विश्वास गर्ल्स कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का रुख किया और वाइल्डलाइफ साइंस में एमएससी किया।
यानी उनकी शैक्षणिक यात्रा पूरी तरह उत्तर प्रदेश से जुड़ी रही। यही वजह है कि उनकी सफलता को गाजियाबाद या परिवार तक सीमित नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश की प्रतिभा और परवरिश की उपलब्धि के तौर पर भी समझा जा रहा है।
समाजसेवा से बनाई पहचान
वर्ष 2006 में अली काजमी से विवाह के बाद सबा हैदर 2007 में अमेरिका चली गईं। वहां जाकर उन्होंने खुद को केवल निजी जीवन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। योग प्रशिक्षण से लेकर सार्वजनिक सेवा से जुड़े प्रयासों तक, उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अमेरिका में उन्हें पब्लिक हेल्थ बोर्ड, इंडियन प्रेयरी एजुकेशनल फाउंडेशन और इंडियन प्रेयरी पेरेंट्स काउंसिल जैसे संगठनों में नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी मिलीं। इन्हीं मंचों पर काम करते हुए उन्होंने लोगों के बीच भरोसा, पहचान और नेतृत्व क्षमता विकसित की, जो आगे चलकर उनकी राजनीतिक यात्रा की मजबूत नींव बनी। UP News












