उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 5000 वर्गफुट क्षेत्र में सैंड आर्ट गैलरी बनाने की योजना बनाई है। इस थीम आधारित स्थापना में राज्य के प्राकृतिक दृश्य, गंगा नदी की धारा और विभिन्न जिलों की सांस्कृतिक झलकियों को रेत पर उकेरा जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश में जल्द ही गंगा एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने वाला है, लेकिन इसके उद्घाटन से पहले ही राज्य ने एक अनोखी पहल की है। इस बार, एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में सैंड आर्ट के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। यह देश में किसी भी एक्सप्रेसवे के उद्घाटन में पहली बार होने जा रहा है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 5000 वर्गफुट क्षेत्र में सैंड आर्ट गैलरी बनाने की योजना बनाई है। इस थीम आधारित स्थापना में राज्य के प्राकृतिक दृश्य, गंगा नदी की धारा और विभिन्न जिलों की सांस्कृतिक झलकियों को रेत पर उकेरा जाएगा। इसमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज की सांस्कृतिक विशेषताएं शामिल होंगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फरवरी या मार्च 2026 में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर सकते हैं। सैंड आर्ट का काम करने वाली एजेंसी को रेत, संरचनात्मक आधार, सजावट, गैलरी निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। एजेंसी का चयन अनुभव, वार्षिक टर्नओवर और प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया जाएगा, और केवल वही बोली खोली जाएगी जो न्यूनतम 70 अंक प्राप्त करे।
* प्रकार: ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट
* लंबाई: 594 किमी (मेरठ से प्रयागराज तक)
* लेन: छह लेन, भविष्य में आठ लेन तक विस्तार योग्य
* फायदा: मेरठ से प्रयागराज की यात्रा में 4 घंटे की बचत
* शिलान्यास: 18 दिसंबर 2021
* जिले: 12 जिलों से गुजरता है।
इस पहल के जरिए न केवल उत्तर प्रदेश की आधुनिक परिवहन सुविधा को उजागर किया जाएगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को भी एक नए और आकर्षक तरीके से दर्शाया जाएगा।