यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 की तारीख तय होने के बाद उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने की तैयारी तेज कर दी है। विभागीय जानकारी के अनुसार, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 5 फरवरी 2027 से शुरू होंगी।

UP News : उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे ‘रिवर्स टाइम टेबल’ बनाकर निर्धारित समय में पूरा पाठ्यक्रम समाप्त कराएं, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले दोहराव और अभ्यास का पर्याप्त अवसर मिल सके। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यूपी बोर्ड परीक्षाएं 5 फरवरी 2027 से शुरू होंगी। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET) से आयोजित यूट्यूब लाइव मार्गदर्शन सत्र में अपर मुख्य सचिव ने प्रदेशभर के शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, मेंटर्स, शिक्षा अधिकारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद किया। इस दौरान बोर्ड परीक्षा की तैयारी, कमजोर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार और शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्राथमिकताओं पर दिशा-निर्देश दिए गए। UP News
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अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विधानसभा चुनाव, जनगणना और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के कारण इस शैक्षिक सत्र में पढ़ाई के लिए उपलब्ध समय प्रभावित हो सकता है। ऐसे में बचे हुए समय का बेहतर उपयोग करना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि परीक्षा की तारीख को ध्यान में रखते हुए पीछे की ओर योजना बनाएं। इस व्यवस्था में पाठ्यक्रम पूरा करने, रिवीजन और मॉक टेस्ट के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अंतिम समय में पाठ्यक्रम पूरा करने की जल्दबाजी से बचाना है। फरवरी में गृह परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं। इसलिए विद्यालयों को शैक्षणिक गतिविधियों की समयबद्ध योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। UP News
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पार्थ सारथी सेन शर्मा ने विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका में प्रभावी तरीके से उत्तर लिखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन उत्तर पुस्तिका में लिखी गई सामग्री के आधार पर होता है, इसलिए उत्तर स्पष्ट, व्यवस्थित और प्रश्न के अनुरूप होने चाहिए। UP News
विद्यार्थियों को इन बातों पर ध्यान देने की सलाह दी गई:
- लंबे पैराग्राफ के बजाय जहां उचित हो, बिंदुवार उत्तर लिखें।
- महत्वपूर्ण तथ्यों और बिंदुओं को रेखांकित करें।
- जरूरत के अनुसार चार्ट, ग्राफ और डायग्राम का इस्तेमाल करें।
- प्रश्न की मांग और निर्धारित शब्द सीमा का ध्यान रखें।
- परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्नपत्रों से अभ्यास करें।
उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को ढाई से तीन घंटे तक लगातार बैठकर मॉक टेस्ट देने की सलाह भी दी, ताकि वास्तविक परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन में परेशानी न हो। UP News
अपर मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से परीक्षा को लेकर अनावश्यक दबाव नहीं बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंक ही जीवन में सब कुछ नहीं हैं और बोर्ड परीक्षा जीवन की अंतिम परीक्षा नहीं होती। तनाव कम करने के लिए विद्यार्थियों को प्रतिदिन 15 से 20 मिनट खेलकूद और टीम गेम्स के लिए समय निकालने की सलाह दी गई। जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी और अभिभावक टेली-काउंसलिंग सेवाओं की मदद भी ले सकते हैं। UP News
शिक्षा विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने निपुण भारत मिशन के तहत मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को कक्षा 5 तक विस्तारित किया है। इसके लिए ‘निपुण तालिका’ और ‘निपुण ऐप प्लस’ जैसे माध्यम तैयार किए गए हैं। इस शैक्षिक सत्र में निपुण असेसमेंट दो चरणों में आयोजित करने की योजना है। पहला चरण 20 से 30 दिसंबर 2026 और दूसरा चरण 20 से 30 जनवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। यह मूल्यांकन डीएलएड और बीटीसी प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराया जाएगा। डायट प्राचार्यों को प्रशिक्षुओं को निष्पक्ष और त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मूल्यांकन का उद्देश्य किसी विद्यालय को दंडित करना या उसका प्रचार करना नहीं, बल्कि बच्चों के सीखने में आ रही कमियों की पहचान कर सुधार करना है। UP News
शिक्षा विभाग ने पढ़ाई में पिछड़ रहे विद्यार्थियों की मदद के लिए 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान लागू किया है। इसके तहत शिक्षकों को प्रतिदिन 30 मिनट से एक घंटे तक अतिरिक्त शिक्षण यानी रेमेडियल टीचिंग के लिए समय निर्धारित करने को कहा गया है। कक्षा में पीयर लर्निंग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इस व्यवस्था में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी अपने सहपाठियों को विषय समझने में मदद कर सकेंगे। विभाग का जोर है कि शिक्षक केवल मेधावी बच्चों तक सीमित न रहें, बल्कि कमजोर विद्यार्थियों को भी सीखने की मुख्यधारा में लाएं। UP News
जूनियर हाईस्कूल और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को विज्ञान, गृह विज्ञान और भूगोल की प्रयोगशालाओं को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंपोजिट ग्रांट का उचित इस्तेमाल करने और प्रयोगों में उपयोग होने वाली सामग्री उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया। विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब को भी नियमित शिक्षण से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों के नए प्रयोगों और शैक्षणिक नवाचारों को साझा करने के लिए ‘उद्गम’ पोर्टल का उपयोग बढ़ाने की बात कही गई। विभागीय जानकारी के अनुसार, पोर्टल पर अब तक 200 से अधिक नवाचार अपलोड किए जा चुके हैं। UP News
सत्र के दौरान अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने नगर क्षेत्र के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से 11,000 शिक्षकों की भर्ती तथा माध्यमिक और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 17,000 से अधिक टीजीटी, पीजीटी और प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भर्ती निर्धारित एनसीटीई मानकों के अनुसार की जाएगी। शासन स्तर पर यह व्यवस्था भी बनाई गई है कि प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को रिक्त पदों का आकलन किया जाए और 31 मई तक भर्ती आयोगों को अधियाचन भेजा जाए। UP News
पीएम पोषण योजना के तहत कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को नवंबर से शुरू होने वाली 14 सप्ताह की अवधि में पूरक पोषण के रूप में गर्म हलवा और उपमा परोसने की योजना है। इसके लिए रसोइयों को अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता बेहतर करने और रसोइयों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नवंबर-दिसंबर में उत्कृष्ट रसोइयों की प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें पुरस्कृत करने की भी योजना है। शिक्षा विभाग की इन पहलों का फोकस आगामी परीक्षाओं की तैयारी के साथ विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, मानसिक स्वास्थ्य, विद्यालयों में व्यावहारिक शिक्षा और पोषण व्यवस्था में सुधार करना है। UP News
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