
UP budget 2024 : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। खुशखबरी यह है कि ग्रेटर नोएडा में बन रहे जेवर एयरपोर्ट के बाद अब यूपी की योगी सरकार क्रांतिकारी धरा मेरठ को एयरपोर्ट की सौगात दे सकती है। हालांकि मेरठ में एयरपोर्ट बनाने की योजना केंद्र सरकार की है, लेकिन यूपी सरकार एयरपोर्ट बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी।
दरअसल, आपको बता दें कि इन दिनों यूपी सरकार वित्त मंत्रालय फरवरी 2024 में पेश होने वाले वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट तैयार करने में जुटा हुआ है। यूपी के वित्त विभाग द्वारा बजट की तैयारियां जोर शोर से की जा रही है। अनुमान जताया जा रहा है कि वर्ष 2024 चुनावी साल होने के कारण यूपी के बजट को बढ़ाया जा सकता है और यह 7.70 लाख करोड़ का बजट हो सकता है।
बजट को तैयार करने के लिए वित्त विभाग अन्य दूसरे विभागों से प्रस्ताव मांग रहा है और उन पर काम कर रहा है। बताया जाता है कि यूपी में मेरठ सहित 9 नये एयरपोर्ट बनाने की केंद्र सरकार की योजना के तहत जमीन मुहैया कराने और अन्य सुविधाओं के लिए सरकार पर्याप्त बजट आवंटित कर सकती है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले राज्यसभा में सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी के सवाल पर केंद्रीय उड्ड्यन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि यूपी में मेरठ सहित 9 नये एयरपोर्ट अगले दो साल में बनाए जाने हैं।
केंद्रीय मंत्री के इस वक्तव्य के बाद यह माना जा रहा है कि यूपी सरकार मेरठ में नए एयरपोर्ट बनाने में अपनी जिम्मेदारियों को इस बजट के माध्यम से पूरा करने का पूरा करेगी।
इसके अलावा प्रदेश के पर्यटन स्थलों के विकास को भी बजट में खास तरजीह मिलने की उम्मीद है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल, गोरखपुर जैसे शहरों में पर्यटन विकास की नई योजनाओं के लिए भी बजट मिलने के आसार हैं।
वन ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास, ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं पर भी सरकार का ध्यान रहेगा। सहकारिता के माध्यम से गांवों में खुलने वाले नये बहुद्देशीय पैक्स के लिए भी बजट का इंतजाम रहेगा। इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष की बजट की तरह ही बजट के केंद्र में युवा, महिलाएं, किसान रहेंगे।
वित्त विभाग ने राजकोषीय सूचकों के साथ आने वाले तीन वर्षों के बजट का निर्धारण किया है उसके मुताबिक नये वित्तीय वर्ष 2024-25 में बजट का आकार 7.65 लाख करोड़ के करीब होने का अनुमान है। बजट आकार इससे थोड़ा अधिक तक जाने की बाते कही जा रही हैं।