सीएम योगी का गोरखपुर दौरा आज, कल्याण मंडपम का करेंगे लोकार्पण

इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रामीण प्रशासनिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री पूर्वाह्न में जंगल कौड़िया ब्लॉक परिसर पहुंचकर नवनिर्मित मुख्य गेट, बीडीओ कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण, सुदृढ़ीकरण, सुंदरीकरण और चाहरदीवारी निर्माण से जुड़े कार्यों का भी लोकार्पण करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Feb 2026 10:56 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोरखपुर को जनसुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई अहम सौगातें देने जा रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक सीएम योगी जंगल तुलसीराम वार्ड के बिछिया मोहल्ले में महानगर के पांचवें ‘कल्याण मंडपम’ का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री निर्माणाधीन ताल रिंग रोड के दूसरे चरण का निरीक्षण कर काम की प्रगति का जायजा लेंगे। इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रामीण प्रशासनिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री पूर्वाह्न में जंगल कौड़िया ब्लॉक परिसर पहुंचकर नवनिर्मित मुख्य गेट, बीडीओ कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण, सुदृढ़ीकरण, सुंदरीकरण और चाहरदीवारी निर्माण से जुड़े कार्यों का भी लोकार्पण करेंगे।

गोरखपुर को मिलेगा पांचवां कल्याण मंडपम

उत्तर प्रदेश में सामाजिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक और किफायती इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में गोरखपुर में एक और कदम उठाया जा रहा है। बिछिया में 1120 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने इस कल्याण मंडपम में एक साथ करीब 300 लोग शामिल हो सकेंगे। यह मंडपम विधायक निधि से 2.47 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। शहर में निम्न व मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए ऐसे स्थलों की मांग को देखते हुए पिछले एक साल में चार कल्याण मंडपम पहले ही लोकार्पित किए जा चुके हैं, अब यह पांचवां केंद्र जनता को समर्पित होगा। बता दें कि सीएम योगी ने करीब दो साल पहले कल्याण मंडपम की अवधारणा सामने रखी थी। इसके बाद गोरखपुर में चरणबद्ध तरीके से निर्माण और लोकार्पण की प्रक्रिया तेज हुई। जीडीए स्तर पर योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए खोराबार, सूरजकुंड, मानबेला और राप्तीनगर विस्तार क्षेत्र में भी ऐसे केंद्र विकसित किए गए। इसके अलावा जंगल बेनीमाधव, बशारतपुर, नकहा नंबर-2, महादेव झारखंडी (टुकड़ा नंबर-2) और सेमरा में भी कल्याण मंडपम के काम चल रहे हैं। लोकार्पण कार्यक्रम के मद्देनजर जीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण भी किया।

जाम-मुक्त गोरखपुर की दिशा में बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश में शहरी यातायात को बेहतर बनाने और शहरों को जाम-मुक्त बनाने की रणनीति के तहत गोरखपुर में रामगढ़झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण पर काम जारी है। रिंग रोड के तहत पैडलगंज से स्मार्टव्हील शो-रूम तक 2.60 किमी लंबाई में दो लेन सड़क का काम पूरा हो चुका है और लोकार्पण के बाद इसे आवागमन के लिए खोला जा चुका है। वहीं स्मार्टव्हील से सहारा इस्टेट तक 4 किमी हिस्से में दो लेन सड़क का निर्माण प्रगति पर है। अधिकारियों के अनुसार इस पैच का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और बाकी काम जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम केवल शहरी परियोजनाओं तक सीमित नहीं है। पूर्वाह्न में सीएम योगी जंगल कौड़िया ब्लॉक परिसर में नवनिर्मित मुख्य गेट, बीडीओ कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण, सुदृढ़ीकरण, सुंदरीकरण और चाहरदीवारी निर्माण से जुड़े कार्यों का भी लोकार्पण करेंगे।

सीएम योगी का मंदिर दौरा प्रस्तावित

उत्तर प्रदेश में महाशिवरात्रि को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर भी खास फोकस है। पीपीगंज क्षेत्र के भरोहिया स्थित प्राचीन पीतेश्वरनाथ शिव मंदिर में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मंदिर परिसर पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और तहसील व ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आयोजन सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। UP News

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‘सर्टिफिकेट छोड़िए काम बताइए’... अखिलेश का योगी सरकार पर तीखा वार

शुक्रवार को कानपुर के सिविल लाइंस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी शासन के दौरान शहर की पहचान विकास, उद्योग और रोजगार से हटकर हादसों, विवादों और प्रशासनिक नाकामियों की सुर्खियों तक सिमटती जा रही है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Feb 2026 09:32 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में कानपुर को लेकर सियासी तापमान फिर बढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कभी प्रदेश की औद्योगिक शान माना जाने वाला कानपुर आज बदनामपुर जैसी छवि के साथ चर्चा में है। शुक्रवार को कानपुर के सिविल लाइंस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी शासन के दौरान शहर की पहचान विकास, उद्योग और रोजगार से हटकर हादसों, विवादों और प्रशासनिक नाकामियों की सुर्खियों तक सिमटती जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस कानपुर को टेक्सटाइल मिलों और मैन्युफैक्चरिंग के दम पर उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ कहा जाता था, वही शहर अब कार पलटने की घटनाओं, पुलिस-वकील टकराव और कथित “स्क्रिप्टेड एनकाउंटर” जैसी खबरों में बार-बार सामने आ रहा है।

कानपुर की बुनियादी बदहाली पर अखिलेश का हमला

अखिलेश यादव ने कानपुर की ऐतिहासिक लाल इमली टेक्सटाइल मिल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उसका बंद होना सिर्फ एक फैक्ट्री पर ताला लगना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक विरासत का कमजोर पड़ना है। उन्होंने गंगा में बिना ट्रीटमेंट के सीवेज गिरने का जिक्र कर योगी सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए और कहा कि जिस कानपुर ने उत्तर प्रदेश को औद्योगिक पहचान दी, वही शहर आज बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सत्ता में वापसी होती है तो कानपुर में लखनऊ से भी बेहतर रिवरफ्रंट विकसित किया जाएगा, लाल इमली मिल को फिर से चालू कराया जाएगा और शहर को बड़े औद्योगिक निवेश के लिए तैयार किया जाएगा। इसी क्रम में उन्होंने पनकी पावर प्लांट की बिजली आपूर्ति में दिक्कतों और परियोजनाओं में देरी को स्थानीय उद्योग व रोजगार के लिए बड़ा झटका बताया। केंद्र की स्मार्ट सिटी पहल पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कानपुर अब ट्रैफिक जाम के लिए “जाम सिटी” बनता जा रहा है। उन्होंने गंगा बैराज से जुड़े एक वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि लोग करीब 90 मिनट तक जाम में फंसे रहे। इसी के साथ उन्होंने लखनऊ-कानपुर के बीच 45 मिनट के ट्रैवल टाइम वाले दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ज़मीनी हालात अलग तस्वीर दिखा रहे हैं।

अखिलेश ने सरकार पर भेदभाव का आरोप दोहराया

अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि संसद में विपक्षी सांसदों को बोलने नहीं दिया जा रहा और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि “सच्चा योगी” गुस्से या सत्ता के जोर से नहीं चलता। साथ ही अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर और कानून-व्यवस्था की कार्रवाइयों का इस्तेमाल सरकार अपनी प्रशासनिक कमियों और राजनीतिक सवालों से ध्यान हटाने के लिए करती है। वाराणसी के दाल मंडी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनिंदा इलाकों में तोड़-फोड़ की कार्रवाई की जा रही है, खासकर वहां जहां बीजेपी को वोट नहीं मिलते। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताते हुए सरकार पर भेदभाव का आरोप दोहराया। UP News

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धर्म बदला जा सकता है किन्तु जाति नहीं बदलती

उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी जाति व्यवस्था से जुड़े हुए एक मामले का फैसला सुनाते हुए की है। महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी इंसान की जाति उसके जन्म से तय होती है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar13 Feb 2026 03:29 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी अदालत यानी कि हाईकोर्ट ने बहुत महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी जाति व्यवस्था से जुड़े हुए एक मामले का फैसला सुनाते हुए की है। महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी इंसान की जाति उसके जन्म से तय होती है। कोई भी व्यक्ति अपना धर्म तो बदल सकता है किन्तु अपनी जाति को नहीं बदल सकता। जाति वहीं रहती है जिस जाति के परिवार में किसी इंसान ने जन्म लिया है।

क्या है उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट की पूरी टिप्पणी

जाति व्यवस्था को लेकर की गई उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट की पूरी टिप्पणी आपको विस्तार से बता देते हैं। उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट का नाम इलाहाबाद हाईकोर्ट है। शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति की जाति जन्म से निर्धारित होती है। धर्म परिवर्तन करने पर भी उसमें कोई बदलाव नहीं होता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी महिला का विवाह यदि दूसरी जाति में हो जाए, तब भी उसकी मूल जाति समाप्त नहीं होती। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अनिल कुमार दशम ने दिनेश व अन्य की आपराधिक अपील खारिज करते हुए की। अपील में एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश अलीगढ़ के सम्मन आदेश को चुनौती दी गई थी। उक्त आदेश में आरोपियों को एससी/एसटी एक्ट के तहत केस में तलब किया गया था।

दर्ज कराया गया था जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने का मामला

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उससे मारपीट की, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। घटना में शिकायतकर्ता सहित तीन लोग घायल भी हुए थे। सम्मन आदेश को चुनौती देते हुए आरोपियों ने हाईकोर्ट में दलील दी कि शिकायतकर्ता भले ही जन्म से अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय से संबंधित है और मूल रूप से पश्चिम बंगाल की निवासी है, लेकिन जाट समुदाय के व्यक्ति से विवाह करने के बाद उसने अपनी मूल जाति का दर्जा खो दिया है। आरोपियों का तर्क था कि विवाह के बाद महिला अपने पति की जाति में सम्मिलित हो जाती है। इसलिए एससी/एसटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई अनुचित है। यह भी कहा गया कि यह शिकायत, आरोपियों की ओर से पहले दर्ज कराई गई FIR के प्रतिशोध में दर्ज की गई है।

राज्य सरकार ने किया तर्क का विरोध

राज्य सरकार की ओर से इस तर्क का विरोध किया गया। सरकारी पक्ष ने कोर्ट को बताया कि शिकायत और FIR में वर्णित घटनाएं एक ही दिन और समान समय की हैं, इसलिए इसे प्रतिशोध की कार्रवाई नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान और मेडिकल तथ्यों पर विचार के बाद ही आरोपियों को तलब किया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी मामले में क्रॉस-केस (विपरीत पक्ष द्वारा दर्ज मामला) होना शिकायत को खारिज करने का आधार नहीं बन सकता। जहां तक विवाह के बाद जाति बदलने के तर्क का प्रश्न है, कोर्ट ने उसे अस्वीकार करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर सकता है, लेकिन उसकी जाति वही रहती है, जो जन्म से निर्धारित होती है। विवाह से भी किसी व्यक्ति की जाति में परिवर्तन नहीं होता। इसलिए यह तर्क स्वीकार करने योग्य नहीं है। इन सभी तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार के बाद हाईकोर्ट ने आरोपियों की आपराधिक अपील खारिज कर दी और ट्रायल कोर्ट का सम्मन आदेश बरकरार रखा है। UP News

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