उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित महिला IASअधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश शासन ने करीब 10 कार्यालयों से नो-ड्यूज मांगा है। इसके बाद त्यागपत्र की फाइल केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।

UP News : उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर अब नया अपडेट सामने आया है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी द्वारा करीब 13 वर्ष की सेवा के बाद दिए गए त्यागपत्र की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश शासन में आगे बढ़ रही है। इस्तीफा स्वीकार करने से पहले शासन स्तर पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और करीब 10 अलग-अलग कार्यालयों से नो-ड्यूज (No Dues) मांगा गया है। इसके बाद त्यागपत्र से संबंधित फाइल को केंद्र सरकार के स्तर पर भेजे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। UP News
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दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। इसके बाद उनका त्यागपत्र उत्तर प्रदेश सरकार के नियुक्ति विभाग तक पहुंचा। नियुक्ति विभाग ने इस्तीफे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए संबंधित विभागों और कार्यालयों से आवश्यक जानकारी मांगी है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस्तीफा स्वीकार करने से पहले दिव्या मित्तल से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय मामलों की स्थिति स्पष्ट की जा रही है। इसी क्रम में करीब 10 कार्यालयों से नो-ड्यूज प्रमाणित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिकारी के जिम्मे किसी विभागीय स्तर पर कोई सरकारी देनदारी, लंबित मामला या अन्य औपचारिकता शेष तो नहीं है। UP News
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दिव्या मित्तल का इस्तीफा उत्तर प्रदेश कैडर से संबंधित होने के बावजूद इसकी अंतिम प्रशासनिक प्रक्रिया केवल लखनऊ में पूरी नहीं होगी। पहले उत्तर प्रदेश शासन की निर्धारित औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी और इसके बाद मामला केंद्र सरकार के स्तर पर जाएगा। इससे पहले सामने आई जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश नियुक्ति विभाग ने त्यागपत्र को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेजने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया था। आईएएस अधिकारियों के इस्तीफे से संबंधित अंतिम निर्णय केंद्र के स्तर पर होता है। यानी फिलहाल महत्वपूर्ण बात यह है कि दिव्या मित्तल का इस्तीफा अभी केवल घोषणा के स्तर पर नहीं है, बल्कि उसकी सरकारी स्वीकृति की प्रक्रिया विधिवत आगे बढ़ रही है। UP News
यह सवाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण है। उपलब्ध ताजा जानकारी के आधार पर दिव्या मित्तल का इस्तीफा अभी अंतिम रूप से स्वीकार होने की पुष्टि नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश शासन पहले आवश्यक विभागीय औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। नो-ड्यूज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइल केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। वहां संबंधित स्तरों पर परीक्षण के बाद इस्तीफे पर अंतिम निर्णय होगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही होगा कि दिव्या मित्तल के इस्तीफे की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अंतिम स्वीकृति अभी बाकी है। UP News
दिव्या मित्तल मई 2026 तक देवरिया की जिलाधिकारी थीं। इसके बाद उन्हें डीएम पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। इस्तीफे के समय उन्होंने अपने त्यागपत्र में निजी और पारिवारिक कारणों का उल्लेख किया है। उनके इस्तीफे के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बना। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी और कहा था कि सक्षम एवं ईमानदार अधिकारियों का मनोबल कमजोर नहीं होना चाहिए। हालांकि दिव्या मित्तल ने स्वयं अपने इस्तीफे के लिए आधिकारिक रूप से निजी एवं पारिवारिक कारण ही बताए हैं। UP News
दिव्या मित्तल के मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव नो-ड्यूज प्रक्रिया पूरी होना माना जा रहा है। विभिन्न कार्यालयों से रिपोर्ट मिलने के बाद नियुक्ति विभाग फाइल को अगले स्तर पर भेजेगा। इसके बाद केंद्र सरकार के स्तर पर त्यागपत्र की जांच और स्वीकृति की प्रक्रिया होगी। इसलिए आने वाले दिनों में दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर सबसे बड़ा अपडेट यह होगा कि उत्तर प्रदेश शासन से फाइल केंद्र को कब भेजी जाती है और केंद्र की ओर से त्यागपत्र पर क्या निर्णय लिया जाता है। करीब 13 वर्ष तक आईएएस अधिकारी के रूप में काम करने के बाद दिव्या मित्तल का इस्तीफा पहले ही प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब 10 कार्यालयों से नो-ड्यूज और केंद्र को भेजी जाने वाली फाइल ने इस मामले को एक नया प्रशासनिक मोड़ दे दिया है। UP News
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