UP के भूतपूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और CJP नेता आशुतोष रांका की लखनऊ में हुई डेढ़ घंटे की मुलाकात ने यूपी की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। युवाओं, शिक्षा और बेरोजगारी के मुद्दों के बीच हुई इस बैठक के सियासी मायनों पर सबकी नजर है।

UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने गुरुवार 3 सितंबर शाम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश की लखनऊ में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। बैठक के बाद रांका बिना मीडिया से बातचीत किए वहां से रवाना हो गए। मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब CJP पिछले कुछ समय से युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय नजर आ रही है। वहीं, अखिलेश यादव भी शिक्षा, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े सवालों को लेकर लगातार उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। ऐसे में चुनावी माहौल से पहले हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है। UP News
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जानकारी के मुताबिक, आशुतोष रांका और अखिलेश यादव की बैठक गुरुवार शाम करीब 4 बजे समाजवादी पार्टी मुख्यालय के नजदीक स्थित जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट के कार्यालय में हुई। दोनों नेताओं के बीच लगभग डेढ़ घंटे तक बातचीत चली। बैठक समाप्त होने के बाद रांका वहां से निकल गए, लेकिन उन्होंने मुलाकात को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया। सपा की ओर से भी अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बैठक में किन मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि बैठक के एजेंडे की उन्हें जानकारी नहीं है। UP News
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राजेंद्र चौधरी ने बातचीत के संभावित मुद्दों के बारे में कहा कि बैठक में युवाओं, बेरोजगारी और स्कूलों में शिक्षा की स्थिति जैसे विषयों पर चर्चा हुई हो सकती है। ये वे मुद्दे हैं, जिन पर अखिलेश यादव लंबे समय से भाजपा सरकार को घेरते रहे हैं। वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि बैठक में छात्रों से जुड़े मुद्दों के अलावा Gen Z और Gen Alpha की चिंताओं पर भी चर्चा की संभावना है। शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को आगे किस तरह उठाया जाए, इस दिशा में भी विचार-विमर्श होने की बात कही जा रही है। UP News
हालांकि, बैठक में इन मुद्दों पर वास्तव में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब CJP पिछले कुछ समय से छात्र और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय है। पिछले महीने राजस्थान में CJP के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के दौरान आशुतोष रांका पर कथित हमला होने की बात सामने आई थी। इस घटना के बाद अखिलेश यादव ने भी सार्वजनिक रूप से मामले को उठाया था। इसके अलावा दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जताया था। सपा सांसद डिंपल यादव और आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव समेत पार्टी के नेताओं के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने की बात सामने आई थी। अखिलेश यादव भी अलग-अलग मौकों पर CJP की ओर से उठाए जा रहे छात्र और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर समर्थन जता चुके हैं। UP News
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अखिलेश यादव लंबे समय से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर हमलावर रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर स्कूलों के बंद होने और प्राथमिक शिक्षा की स्थिति को लेकर सरकार से सवाल किए हैं। समाजवादी पार्टी की राजनीति में भी युवाओं, रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दे लगातार प्रमुख रहे हैं। ऐसे में CJP की ओर से छात्रों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चलाए जा रहे अभियानों तथा सपा के राजनीतिक मुद्दों में कई समानताएं दिखाई देती हैं। UP News
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित हैं। ऐसे चुनावी माहौल से पहले अखिलेश यादव और CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर जन्म दिया है। हालांकि, अभी तक दोनों पक्षों की ओर से किसी राजनीतिक समझौते, चुनावी गठजोड़ या भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बैठक के एजेंडे और उसमें लिए गए संभावित फैसलों को लेकर भी दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है। UP News
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