अमेरिकी ठगों ने आईआईटी के पूर्व अधिकारी से ठगे 21 लाख
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
07 Jan 2024 11:51 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
07 Jan 2024 11:51 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक ठगी का मामला सामने आया है। जहां कानपुर आईआईटी के पूर्व अधिकारी से 21 लाख रुपये की ठगी कर ली गई है। पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है। इसके बाद देर रात पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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दरअसल कानपुर के बिठूर थाना इलाके के राम नगर में रह रहे आईआईटी के पूर्व अधिकारी से विदेशी ठगों ने बिजनेस के नाम पर 21 लाख रूपये की ठगी है। ठगों ने मिलकर आईआईटी के पूर्व अधिकारी अभिलाष को जड़ी बूटी बेचने के नाम पर अपने जाल में फसाया था। फिला पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
फेसबुक पर अमेरिका के लोगों से हुई थी दोस्ती
कानपुर के राम नगर निवासी अभिलाष आईआईटी के अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि 23 नवंबर को फेसबुक पर उनकी दोस्ती अमेरिका के नार्थ कैरोलिना निवासी इम्मा विलसन से हुई। जिसके बाद उन लोगों के साथ वाट्सएप के जरिए बात भी होने लगी। विल्सन ने खुद को डॉक्टर और चाचा स्टीव को वैज्ञानिक बताया था। उसने बताया कि उसके चाचा की दवा बनाने की कंपनी है। वह भारत से जड़ी-बूटियां मंगाते हैं। विलसन ने बूटियां मंगाने के लिए झांसी में गुप्ता जी की दुकान का पता भेजा। इस पर वह अभिलाष वहां पहुंचे तो पता चला कि गुप्ता जी की कोरोना काल में मौत हो चुकी है। वह असम से वहां के शांति शर्मा से जड़ी-बूटियां-मंगाते थे। अभिलाष ने यह जानकारी विलसन को दी। इसके बाद स्टीव ने शांति शर्मा का नंबर भेज दिया। दरअसल उन लोगों ने अभिलाष को लालच दिया था कि इन जड़ी बूटियों के जरिए उसकी भी कमाई हो सकती है।
UP News यहां से शुरु हुआ ठगी का खेल
अभिलाष ने सबसे पहले शांति से सम्पर्क कर उन्हें 80 हजार रुपये भेजे। इसके बाद शांति ने 100 ग्राम जड़ी-बूटी का पैकेट अभिलाष को भेजा। अभिलाष ने स्टीव को पैकेट की फोटो भेजी तो स्टीव ने ऐसे 200 पैकेट और मंगवाने की बात कही। अभिलाष ने शांति से दोबारा सम्पर्क किया तो उसने 5 लाख रुपये मांगे। इसके बाद उन्होंने पत्नी के खाते से शांति द्वारा बताई फर्म उमेश इंटरप्राइजेज के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी।
विदेशी बैंक में खाता खुलवाने का दिया लालच
5 लाख रुपये भेजने के बाद अभिलाष से शांति ने 200 पैकेट दवाई के एक करोड़ 60 लाख रुपये का 10 प्रतिशत हिस्सा भेजने को कहा। इस पर उन्होंने मना कर दिया। 10 प्रतिशत रकम नहीं भेजने पर शांति ने बाकी रकम डूबने की धमकी दी। इसके बाद अभिलाष ने पूरी बात स्टीव को बताई तो स्टीव ने एक विदेशी बैंक खाते की जानकारी देकर उसमें खाता खुलवाने को कहा। अभिलाष ने उस खाते में देखा था तो 2.5 लाख पाउंड रकम दिख रही थी। हालांकि खाता चालू करने के नाम पर अभिलाष ने 10.73 लाख रुपये और ट्रांसफर किए और उसके अगले दिन से हीं सभी के नंबर स्विच ऑफ और नॉट रिचेबल बताने लगे। अभिलाष ने भी ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। अभिलाष का कहना है कि इस जालसाजी में उनसे कुल 21 लाख की ठगी की गई है।
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