2 हजार में खत्म होगा गंजापन, BHU के डॉक्टरों ने निकाला ये इलाज
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भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 03:47 AM
UP News : मॉडर्न मेडिकल साइंस ने एक से बढ़कर एक लाइलाज बीमारियों का इलाज संभव कर दिखाया है। लेकिन आज भी ऐसे कई समस्याएं हैं, जिन्हें इंसान अपने लिए अभिशाप मानता है। गंजापन की समस्या भी एक ऐसी ही है। आज के इस दौर में ज्यादातर लोगों को इसका सामना करना पड़ रहा है।
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इसके लिए उत्तर प्रदेश के वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज में डर्मेटोलॉजिस्ट विभाग ने गंजेपन का सटीक इलाज ढूंढ निकाला है। बीएचयू के डॉक्टरों ने बहुत ही कम खर्च और कम वक्त में इसका कारगर इलाज खोज निकाला है।
30 मिनट की थेरेपी और 6 महीनों के इंतजार
पीआएपी (प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा) एक्टिवेटर तकनीक में डॉक्टरों ने एक-एक एक्टिवेटर का प्रयोग करके ये सफलता हासिल की है। इलाज की इस तकनीक में 15 ml खून, 30 मिनट की थेरेपी और 6 महीनों के इंतजार के बाद गंजापन खत्म हो जाता है। और इसका खर्च भी सिर्फ दो हजार रूपये ही आता है। इस रिसर्च का प्रकाशन बीते दिनों 'इंडियन जर्नल आफ डर्मेटोलॉजिस्ट' में भी हो चुका है। BHU-IMS के सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट प्रोफेसर सत्येंद्र कुमार सिंह और डॉ शैलेश सिंह ने मिलकर इस पर रिसर्च किया है। BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल में पिछले 6 महीने से इस नई तकनीक से लोगों का इलाज भी शुरू हो चुका है। इस तकनीकी से किए गए इलाज के काफी अच्छे नतीजे सामने आए हैं।
UP News 4 कैटेगरी में होता है इलाज
इस थेरेपी से इलाज कराने वाले लोगों के सिर पर 90 प्रतिशत तक बाल वापस आ चुके हैं। इसका प्रयोग 500 से ज्यादा मरीजों पर किया भी जा चुका है। इस पीआरपी एक्टिवेटर थेरेपी के बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट प्रोफेसर सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कुल चार कैटेगरी में बांटकर मरीजों का इलाज किया जाता है। पहले में खाने की दवा, दूसरे में लगाने की दवा, तीसरे में लगाने की दवा के साथ PRP और चौथी और आखिरी कैटेगरी में सिर्फ PRP ट्रीटमेंट दिया जाता है। अंतिम ट्रीटमेंट काफी तेजी से रिकवरी करता है। जिसमें दवा का सेवन भी नहीं करना पड़ता है।
3 से 4 गुना तक बढ़ता है बालों की मोटाई
उन्होंने आगे बताया कि PRP एक्टिवेटर थेरेपी में गंजे इंसान के सिर के उस हिस्से में इंजेक्शन दिया जाता है। जहां के बाल उड़ चुके हैं। PRP में एक्टिवेटर को भी मिलाया जाता है, जो प्लेटलेट्स को एक्टिवेट करने में सहायक होते हैं। उन्होंने बताया कि रिसर्च में पाया गया कि एक्टिवेटर वाली PRP थेरेपी बगैर एक्टिवेटर की PRP थेरेपी की तुलना में तेजी से काम करती है। दरअसल एक्टिवेटर एक तरह का कैमिकल होता है, जो ब्लड सेल को एक्टिवेट करता है। उन्होंने बताया कि इस थेरेपी के इस्तेमाल से बाल की मोटाई 3 से 4 गुना तक बढ़ जाती है।
UP News मात्र 2 हजार का आएगा खर्च
PRP एक्टिवेटर थेरेपी के बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए डॉ शैलेश सिंह ने बताया कि इस तकनीक के तहत आधे घंटे की थेरेपी में मरीज के शरीर का खून लिया जाता है। उस खून को सेंट्रीफ्यूज मशीन में डालकर खराब प्लाजमा निकाल लेते हैं। फिर प्लेटलेट रिच प्लाज्मा को लेकर स्कल में इंसुलिन से जहां सिर पर बाल कम हैं वहां की स्कीन में इंजेक्ट कर दिया जाता है।
इलाज करा रहे मरीज ने दी ये जानकारी
इस नई तकनीक का फायदा ले रहें मरीज शिवम सिंह की मानें तो काफी पैसों को खर्च कर लेने के बाद BHU में इस इलाज के बारे में पता चला तो इलाज शुरू किया। थेरेपी के एक हफ्ते बाद ही बालों के बढ़ने का एहसास हुआ। एक महीने में बाल की मोटाई और घनापन भी बढ़ गया। उन्होंने कहा चार महीने में तो बाल तीन गुना तक बढ़ गए और अब 6 महीनों के बाद सिर पर सभी खाली जगह भर चुके हैं। शिवम इस थेरेपी से इलाज कराकर काफी खुश नजर आए और उन्होंने बताया कि 6 महीनों के इलाज में महज 2 हजार रूपए ही खर्च हुए हैं।
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