उत्तर प्रदेश का बड़ा दिन : पूरे देश को गर्व है अपने सबसे बड़े प्रदेश पर
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भारत
चेतना मंच
24 Jan 2025 06:23 PM
UP News : उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। जनसंख्या के हिसाब से उत्तर प्रदेश में भारत की सबसे अधिक आबादी रहती है। देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के लिए 24 जनवरी का दिन बड़ा दिन है। यह भी कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के लिए 24 जनवरी का दिन ऐतिहासिक तथा सबसे बड़ा दिन होता है। भारत के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के ऊपर देश के प्रत्येक नागरिक को गर्व है। उत्तर प्रदेश अनेक विशेषताओं तथा खासियतों से भरा हुआ है। उत्तर प्रदेश ही अकेला वह प्रदेश है जिसने भारत को सर्वाधिक प्रधानमंत्री दिए हैं। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में भारत के मान, नाम तथा सम्मान को बढ़ाने के लिए अनेक प्रकार की अमूल्य निधि प्रदान की है। उत्तर प्रदेश के बड़े दिन के अवसर पर एक नजर उत्तर प्रदेश की तमाम विशेषताओं पर डालते हैं ।
उत्तर प्रदेश का इतिहास जानना जरूरी है
हर साल 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के दिन उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है। अंग्रेजी भाषा में उत्तर प्रदेश दिवस को UP DAY कहा जाता है। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के इतिहास को भी जानना जरूरी है। उत्तर प्रदेश का इतिहास बेहद गौरवशाली इतिहास रहा है। आजादी से पहले अंग्रेजी शासन के दौर में 1902 में नार्थ वेस्ट प्रोविंस का नाम बदल कर यूनाइटेड प्रेविंस (संयुक्त प्रांत) ऑफ आगरा एंड अवध रखा गया था। साल 1920 में यहां की राजधानी इलाहाबाद से बदलकर लखनऊ ट्रांसफर की गई। साल 1947 में यूनाइटेड प्रोविंस को एक प्रशासनिक इकाई बनाया गया और 2 साल बाद टिहरी गढ़वाल और रामपुर की रियासतों को भी इसमें शामिल कर लिया गया। इसके बाद साल 1950 में यूनाइटेड प्रोविंस का नाम बदल कर उत्तर प्रदेश रखा गया। 1989 में पहली बार उत्तर प्रदेश दिवस मनाया गया था। अमरजीत मिश्र हर साल 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन करते थे। हालांकि बाद में समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश दिवस मनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
उत्तर प्रदेश ने देश को दिये हैं 9 प्रधानमंत्री
उत्तर प्रदेश का राजनीति में भी अहम स्थान है। माना जाता है कि केन्द्र में सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर ही गुजरा है। उत्तर प्रदेश से ही देश के कुल 9 पीएम निकले हैं। इनमें पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, चौधरी चरण सिंह, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, अटल बिहारी वाजपेयी (लखनऊ सीट) और वर्तमान में पीएम नरेंद्र मोदी (वाराणसी सीट) का नाम शामिल है। बता दें कि सुचेता कृपलानी के रूप में भारत को पहली महिला सीएम भी उत्तर प्रदेश से ही मिली थीं। 1995 में मायावती ने पहली दलित सीएम के रूप में राज्य की बागडोर संभाली थी।
उत्तर प्रदेश का विभाजन भी हुआ
वैसे तो उत्तर प्रदेश आज भी जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है लेकिन 2000 तक उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का ही हिस्सा था। 2000 में उत्तर प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों को अलग करके नए राज्य का दर्जा दे दिया गया था। कुमाऊं और गढ़वाल के इस इलाके को उत्तरांचल कहा गया, जो बाद में उत्तराखंड कहलाया। क्षेत्रफल की दृष्टि से भी उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े राज्यों में शामिल है। उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से भी भारत का सबसे अहम राज्य है। राज्य में देश की सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें आती हैं। राज्य में 403 विधानसभा सीटें और राज्यसभा की भी कुल 31 सीटें हैं जो सबसे अधिक हैं।
उत्तर प्रदेश की आर्थिक ताकत को भी समझना जरूरी
उत्तर प्रदेश आर्थिक, क्षेत्रफल, जनसंख्या और संस्कृति सभी मामलों में काफी ताकतवर राज्य माना जाता है। राज्य में करीब 23 करोड़ लोग निवास करते हैं जो कि एक बड़ी वर्क फोर्स हैं। उत्तर प्रदेश देश की राजधानी नई दिल्ली से सटा हुआ है। इस कारण यहां पर अनेत उद्योग और निवेश की भरमार है। राज्य में कई मल्टी नेशनल कंपनियां हैं। वहीं, क्षेत्रफल के मामले में भी उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। राज्य में गंगा, यमुना, घाघर जैसी अनेक नदियां हैं जो भूमि को उपजाऊ बनाती है और इसे कई फसलों के मामले में अव्वल बनाती हैं। UP Hind News