यूपी के मदरसा टीचरों को झटका, अब नहीं मिलेगा मानदेय
भारत
चेतना मंच
26 Nov 2025 10:16 AM
UP News : उत्तर प्रदेश में मदरसा टीचरों के लिए एक बुरी खबर आई है। उत्तर प्रदेश में अब मदरसा टीचरों को सरकार की तरफ से कोई मानदेय नहीं दिया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मदरसा टीचरों को झटका देते हुए मानदेय बंद करने के आदेश जारी कर दिए है।
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केंद्र सरकार के बाद अब योगी सरकार भी मदरसा आधुनिकीकरण योजना में शिक्षकों को मानदेय नहीं देगी। आपको बता दे कि मदरसों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन विषय पढ़ाने के लिए मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत करीब 25 हजार शिक्षक रखे गए थे। प्रदेश सरकार ने बजट में अतिरिक्त मानदेय देने की व्यवस्था को समाप्त करते हुए कोई भी वित्तीय स्वीकृति इस मद में जारी नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
मदरसों में रखे गए थे 25000 टीचर
जानकारी के मुताबिक 1993-94 में केंद्र सराकर द्वारा मदरसा आधुनिकरण योजना चलाई गई थी। जिसके तहत मदरसे में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान को पढ़ने के लिए टीचर रखे गए थे। साल 2008 में इसे ‘स्कीम फॉर प्रोविजनिंग क्वालिटी एजुकेशन इन मदरसा’ के नाम पर चलाए जाने लगा। इस स्कीम के तहत 25000 टीचर रखे गए थे। जिसमें ग्रेजुएट शिक्षकों को 6000 और मास्टर्स कर चुके शिक्षकों को 12000 प्रति माह मानदेय दिया जाता था।
अखिलेश सरकार ने की थी बढ़ोतरी
साल 2016 में ततकालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने भी ‘स्कीम फॉर प्रोविजनिंग क्वालिटी एजुकेशन इन मदरसा’ में मिलने वाले मानदेय में बढ़ोतरी कर दी थी। जिसमें दो हजार व तीन हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय उत्तर प्रदेश सरकार अपनी ओर से देने का निर्णय लिया था। यानी स्नातक शिक्षकों को आठ हजार और परास्नातक शिक्षकों को 15 हजार रुपये इस योजना के तहत मदरसा टीचरों को मिलते थे।
इसलिए बंद हुआ मानदेय
आपको बता दें कि इस योजना को केंद्र सरकार में 2021-22 तक ही स्वीकृति मिली थी। जिसमें केंद्र सरकार के द्वारा पहले से ही मानदेय नहीं मिल रहा था। इसके बावजूद बजट में जो अतिरिक्त मानदेय दिया जाता था, उसकी व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। अब इस मानदेय में कोई भी वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं की गई है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश के सभी जिलों को आदेश भेजते हुए मानदेय देने पर रोक लगा दी गई है।
UP News सभी जिलों को भेजे आदेश
अल्पसंख्यक कल्याण के जॉइंट सेक्रेटरी हरि बक्श सिंह के मुताबिक मानदेय की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। जो अतिरिक्त दिया जा रहा था, और कोई भी इस मानदेय में बजट या वित्तीय स्वीकृति नहीं दी जा रही है। इस मानदेय का आदेश सभी जिलों को भिजवा दिया गया है।
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