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लेकिन मामला उस समय बिगड़ गया जब धर्मेंद्र को पूरी रकम ही नहीं मिली। बच्चे से दूर होने के बाद मां दामिनी उसको वापस लाने की जिद करने लगी। आखिर में दामिनी के पडोसियों ने इस बात की सूचना थाना रामगढ़ पुलिस को दे दी। बच्चे को बेचने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन की टीम तुरंत ही सक्रिय हो गई और गुरुवार को ग्वालियर जाकर स्वर्णकार दंपति से बच्चे को बरामद कर फिरोजाबाद ले आई। सीडब्लूसी टीम फिरोजाबाद के सामने बच्चे को सुपुर्द किया गया। फिलहाल, बच्चे की तबियत खराब होने के कारण उसे जिला अस्पताल में डॉक्टर की निगरानी में रखा गया है।
इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने कहा कि इस केस में निजी अस्पताल के चिकित्सक, दलाल, ग्वालियर में रहने वाले निसंतान दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें विस्तृत जांच की जाएगी साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या इस अस्पताल में पूर्व में भी इस तरह की घटना की गई है? जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं उत्तर प्रदेश बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आशीष कुमार ने कहा कि जैसे ही मामला हमारे संज्ञान में आया तुरंत ही बच्चे को संरक्षण में लेकर उसे मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की निगरानी में रखवाया गया। चूंकि, बच्चे की तबीयत अभी ठीक नहीं है। इसलिए उसका समुचित इलाज करवाया जा रहा है।