हापुड़ की यूनिवर्सिटी पर लटकी बुलडोजर एक्शन की तलवार, 15 दिन में जवाब वरना...
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 08:08 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 08:08 PM
UP News : हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला अवैध निर्माण को लेकर है, जिस पर हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (HPDA) ने सख्त रुख अपनाते हुए यूनिवर्सिटी को 6.82 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोका है। साथ ही, प्राधिकरण ने अंतिम नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। समय पर संतोषजनक उत्तर न मिलने पर यूनिवर्सिटी के छात्रावास को पहले सील और फिर ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई है।
हाईकोर्ट को गुमराह करने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोनाड यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर लंबे समय से हाईकोर्ट को गुमराह कर प्राधिकरण की कार्रवाई से बचते रहने का आरोप है। कोर्ट में दायर एक याचिका के जरिए यूनिवर्सिटी ने खुद को औद्योगिक श्रेणी में दर्शा कर नक्शा शुल्क से छूट पाने की कोशिश की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि यूनिवर्सिटी को उद्योग की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने प्राधिकरण के वीसी को मामले में निर्णय लेने का अधिकार दिया।
बिना नक्शा पास कराए शुरू हुआ था निर्माण
मोनाड यूनिवर्सिटी का निर्माण जनवरी 2008 में बिना नक्शा स्वीकृत कराए शुरू किया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर 5 मार्च 2008 को प्राधिकरण ने पहला नोटिस जारी किया था। बाद में, 28 मई 2009 को यूनिवर्सिटी ने नक्शा स्वीकृत कराया, लेकिन निर्धारित 3.19 करोड़ रुपये की किस्तों में से सिर्फ पहली किस्त ही जमा की गई। शेष रकम जमा न कर प्रबंधन ने कोर्ट से स्टे ले लिया और कार्रवाई को वर्षों तक टाल दिया।
अवैध निर्माण और मानकों की अनदेखी
प्राधिकरण द्वारा की गई जांच में पाया गया कि यूनिवर्सिटी के मुख्य छात्रावास सहित उसके आसपास बड़े स्तर पर अवैध निर्माण किए गए हैं, जिनमें बिल्डिंग बायलॉज और सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की गई है। इसके मद्देनजर HPDA ने मोनाड यूनिवर्सिटी पर 6.82 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
आठ नोटिसों के बाद भी नहीं दिया जवाब
अब तक प्राधिकरण द्वारा मोनाड को कुल आठ नोटिस भेजे गए हैं, लेकिन एक का भी संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। आखिरकार, शुक्रवार को अंतिम नोटिस जारी कर 15 दिन की समयसीमा दी गई है। अगर निर्धारित अवधि में जवाब नहीं दिया गया, तो छात्रावास को पहले सील और फिर गिरा दिया जाएगा।
एसटीएफ और पुलिस की भी नजर
मोनाड यूनिवर्सिटी पहले से ही STF और पुलिस की निगरानी में है। अब प्राधिकरण की सख्ती ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बताया जा रहा है कि यदि स्थिति जस की तस रही तो जल्द ही बुलडोजर चलने की कार्रवाई शुरू हो सकती है। UP News