उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची दुरुस्त की जाएगी। पात्र मतदाताओं के नए नाम जोड़े जाएंगे, गलत प्रविष्टियों में संशोधन होगा और अपात्र नाम हटाए जाएंगे। बलिया प्रशासन ने अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत पात्र मतदाताओं के नए नाम जोड़े जाएंगे, पहले से दर्ज नामों में जरूरी संशोधन किए जाएंगे और अपात्र नामों को हटाया जाएगा। बलिया के जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने इस संबंध में अधिकारियों को नियमानुसार और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में पंचायतों की मतदाता सूची में परिवर्धन, संशोधन और विलोपन की कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में पात्र लोगों के नाम शामिल करना और गलत या अपात्र प्रविष्टियों को दुरुस्त करना है।
ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा-9 (8) के तहत ग्राम पंचायत चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि के बाद से चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक मतदाता सूची में किसी प्रकार का सुधार, नाम हटाने या नया नाम जोड़ने की अनुमति नहीं होती है। हालांकि, उत्तर प्रदेश पंचायत राज निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण (पूरक उपबंध) आदेश, 2005 के प्रावधानों के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन करने और नाम हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए किसी भी सामान्य निवासी से आवेदन मिलने पर संबंधित मामले की जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
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जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में जोड़े गए, संशोधित किए गए और हटाए गए नामों का अलग से रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निर्वाचक नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी होने पर संबंधित नामों की ऑनलाइन डाटा एंट्री कराई जाएगी।
इस प्रक्रिया के जरिए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाएंगे। साथ ही, मतदाता सूची में जरूरी संशोधन और अपात्र नामों को हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (पंचायत) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से इस पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराएं। उन्होंने कार्रवाई में निर्धारित नियमों और आयोग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को व्यवस्थित करने की यह प्रक्रिया चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।
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