क्या उत्तर प्रदेश में आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है ? क्या आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले छूटे हुए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए घर-घर अभियान चलाया जाएगा ?

UP News : उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने और उसमें छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने की तैयारी तेज हो गई है। निर्वाचन विभाग ने इसके लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है। इस अभियान में महिलाओं और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा। महिलाओं की पहचान के लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद ली जाएगी। ये कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर ऐसी पात्र महिलाओं की पहचान करेंगी, जिनका नाम अभी तक विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्वाचन विभाग का प्रयास है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाया जा सके।
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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 (Special Summary Revision-2027) की प्रक्रिया 12 नवंबर 2026 से शुरू होने जा रही है। इस प्रक्रिया में 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि माना गया है। इसका मतलब है कि इस तारीख तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे। निर्वाचन विभाग ने इस बार केवल सामान्य जागरूकता अभियान तक सीमित रहने के बजाय विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं को भी इस काम से जोड़ने की तैयारी की है। इसका उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है, जो पात्र होने के बावजूद किसी कारण से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं।
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इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महिला मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य और महिला कल्याण से जुड़े विभागों की सहायता ली जाएगी। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नियमित रूप से अपने कार्यक्षेत्र में घर-घर जाती हैं। निर्वाचन विभाग इसी व्यवस्था का इस्तेमाल करते हुए ऐसी महिलाओं की पहचान कराएगा, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इन महिलाओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी और उनका फॉर्म-6 भरवाने में सहयोग किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ काम करने वाली समूह सखियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। निर्वाचन विभाग के अनुसार वर्तमान मतदाता सूची में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या असामान्य रूप से कम है। इसी अंतर को ध्यान में रखते हुए महिला मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मतदाता सूची में छूटे हुए लोगों की पहचान के लिए निर्वाचन विभाग एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची का पंचायत और नगरीय निकायों की मतदाता सूचियों से मिलान किया जाएगा। इससे ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिनका नाम पंचायत या नगर निकाय की मतदाता सूची में तो दर्ज है, लेकिन विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं है। यहां यह समझना जरूरी है कि पंचायत और विधानसभा चुनावों की मतदाता सूचियां अलग-अलग निर्वाचन व्यवस्थाओं के तहत तैयार होती हैं। इसलिए पंचायत की सूची में नाम होना अपने आप विधानसभा की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने की गारंटी नहीं है। पात्र नागरिक को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।
निर्वाचन विभाग ने इस अभियान में खाद्य एवं रसद विभाग को भी शामिल करने की योजना बनाई है। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर दर्ज राशन कार्डों के आधार पर परिवारों में शामिल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों की पहचान की जाएगी। यदि परिवार का कोई पात्र सदस्य विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज नहीं मिलता है तो उसे मतदाता बनने के लिए आवेदन करने की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद फॉर्म-6 के माध्यम से उसका पंजीकरण कराया जाएगा। इस व्यवस्था से उन परिवारों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है, जहां युवा सदस्य या महिलाएं पात्र होने के बावजूद मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं।
इस अभियान में पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। निर्वाचन विभाग स्कूलों और कॉलेजों में संचालित मतदाता साक्षरता क्लब (Electoral Literacy Club) को सक्रिय करेगा। कक्षा नौ और उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में विशेष रूप से 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के पात्र छात्र-छात्राओं की पहचान की जाएगी। इसके लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और मतदाता साक्षरता क्लब के समन्वयकों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
युवाओं को जोड़ने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल तथा भारत स्काउट्स एंड गाइड्स का सहयोग भी लिया जाएगा।
यदि किसी पात्र नागरिक का नाम विधानसभा की मतदाता सूची में नहीं है तो उसे फॉर्म-6 भरकर नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन करना होगा। यह आवेदन नए मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जिन लोगों का नाम पहले किसी मतदाता सूची में था, लेकिन अब उपलब्ध सूची में नहीं मिल रहा है, उन्हें भी अपना नाम जांचना चाहिए और आवश्यकतानुसार निर्धारित प्रक्रिया से आवेदन करना चाहिए। मतदाता पंजीकरण के लिए नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और निर्वाचन कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज होना प्रत्येक पात्र नागरिक के लिए जरूरी है। कई बार घर बदलने, विवाह के बाद दूसरे स्थान पर जाने, परिवार के नए सदस्यों के 18 वर्ष की आयु पूरी करने या अन्य कारणों से मतदाता सूची में नाम छूट जाता है। विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के नाम छूटने की समस्या को दूर करने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भागीदारी से उन घरों तक भी पहुंचना आसान हो सकता है, जहां महिलाएं स्वयं मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाती हैं।
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