उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कालपी बार एसोसिएशन के चार बार अध्यक्ष रह चुके वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। आखिर आरोपियों ने उन्हें किस बहाने से बुलाया था और कैसे उनके बेटे के सामने ही कार में बैठाकर अगवा कर लिया ?

UP News : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से सामने आई एक सनसनीखेज वारदात ने अधिवक्ता समाज को झकझोर कर रख दिया है। कालपी बार एसोसिएशन के चार बार अध्यक्ष रह चुके वरिष्ठ अधिवक्यादीन अहिरवार का पहले अपहरण किया गया और फिर उनकी हत्या कर शव कानपुर में फेंक दिया गया। जिस व्यक्ति को वह अपना परिचित समझकर मिलने पहुंचे थे, वही मुलाकात उनके लिए आखिरी साबित हुई। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद कराने के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी है। इस हत्याकांड के सामने आने के बाद कालपी में अधिवक्ताओं और मृतक के परिजनों में गहरा आक्रोश है। यह मामला केवल एक अधिवक्ता की हत्या का नहीं है, बल्कि कानून की पैरवी करने वाले व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। UP News
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मिली जानकारी के अनुसार, कालपी के मोहल्ला कागजीपुरा निवासी अधिवक्ता गयादीन अहिरवार 31 अक्टूबर 2026 को किसी मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में उरई स्थित जिला न्यायालय गए थे। वहां से लौटने के बाद वह अपने बेटे के साथ स्कूटी पर निकले। बताया गया है कि उन्हें एक मुकदमे की फाइल देने के बहाने कालपी के दुर्गा मंदिर चौराहे पर बुलाया गया था। वहां पहले से स्विफ्ट डिजायर कार में तीन लोग मौजूद थे। परिजनों के मुताबिक, कार से उतरे एक व्यक्ति ने गयादीन अहिरवार के पैर छुए और उन्हें अपने साथ चलने के लिए कहा। परिचित होने के कारण वह उसके झांसे में आ गए और कार में बैठ गए। इसके बाद कार सवार उन्हें लेकर वहां से निकल गए। उनके बेटे को कार की गतिविधियों पर संदेह हुआ। बताया जाता है कि कार पर नंबर प्लेट भी नहीं थी। बेटे ने पीछा करने की कोशिश की और पिता को फोन भी लगाया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। जब काफी देर तक गयादीन अहिरवार घर नहीं पहुंचे तो परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने कालपी कोतवाली पहुंचकर पुलिस को अपहरण की सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तलाश शुरू की। UP News
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पुलिस की तलाश के बीच 1 नवंबर की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। अधिवक्ता गयादीन अहिरवार का शव कानपुर के गुजैनी/सचेंडी क्षेत्र में नहर के पास बरामद हुआ।
शव की पहचान होने के बाद जालौन पुलिस और परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। जिस परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस उनके प्रियजन को सुरक्षित वापस ले आएगी, उसे उनकी हत्या की खबर मिली।
जालौन से अपहरण और कानपुर में शव बरामद होने के कारण इस मामले की जांच में दोनों जिलों की पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई। UP News
पुलिस की शुरुआती जांच में इस हत्याकांड के पीछे जमीन संबंधी विवाद की आशंका सामने आई है। इसके अलावा पुराने मुकदमों और लेनदेन से जुड़े विवादों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। जालौन के पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य हत्या की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाना है। फिलहाल जमीन विवाद को प्राथमिक जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा। UP News
इस हत्याकांड के खुलासे के लिए जालौन पुलिस ने स्वाट, सर्विलांस, एसओजी और स्थानीय पुलिस की चार टीमें गठित की थीं। पुलिस ने लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपियों की तलाश में दबिश दी।
1 नवंबर को पुलिस ने कानपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर अधिवक्ता का शव और वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए।
इसके बाद आरोपियों ने पुलिस को वारदात में इस्तेमाल की गई कार के छिपाए जाने की जानकारी दी। पुलिस टीम उन्हें लेकर कालपी क्षेत्र में कार बरामद करने पहुंची थी। इसी दौरान घटनाक्रम ने एक नया मोड़ ले लिया। UP News
2 नवंबर 2026 को सामने आए पुलिस कार्रवाई के अपडेट के मुताबिक, कालपी क्षेत्र के जंगल में वारदात में इस्तेमाल कार की बरामदगी के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर झाड़ियों में छिपाए गए तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में छह राउंड फायरिंग की गई। इस दौरान दो आरोपी आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला पैर में गोली लगने से घायल हो गए। तीसरे आरोपी को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। दोनों घायल आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। अपर पुलिस अधीक्षक जालौन डॉ. ईशान सोनी ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम आरोपियों की निशानदेही पर साक्ष्य और वारदात में इस्तेमाल वाहन की बरामदगी के लिए गई थी। इसी दौरान पुलिस पर फायरिंग की गई और जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। UP News
गयादीन अहिरवार कालपी के अधिवक्ता समुदाय में एक जाना-पहचाना नाम थे। वह कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर चार बार निर्वाचित हुए थे। लंबे समय से वकालत से जुड़े होने के कारण उनका स्थानीय अधिवक्ता समाज में महत्वपूर्ण स्थान था। उनकी हत्या की खबर से परिवार के साथ-साथ साथी अधिवक्ताओं में भी शोक और आक्रोश का माहौल है। एक वरिष्ठ अधिवक्ता को इस तरह अपहरण कर मौत के घाट उतार दिए जाने की घटना ने अधिवक्ता समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। UP News
इस पूरे हत्याकांड में कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेंगे।
इन सभी सवालों पर पुलिस की जांच जारी है। UP News
जालौन के कालपी में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की हत्या ने उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। न्यायालयों में मुकदमों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता भी कई बार जमीन, संपत्ति और आपसी विवादों से जुड़े मामलों में पक्षकारों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में एक वरिष्ठ अधिवक्ता का अपहरण और हत्या की घटना बेहद गंभीर है। अब अधिवक्ता समुदाय की निगाहें पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। परिजन और साथी अधिवक्ता चाहते हैं कि हत्या में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान हो, साजिश का पूरा खुलासा किया जाए और सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो। गयादीन अहिरवार की हत्या ने एक बड़ा सवाल छोड़ दिया है कि जब बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर रहे अधिवक्ता भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर किससे उम्मीद करे? UP News
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