इस बजट में जहां किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्योगों को साधने की कोशिश की गई, वहीं मध्य वर्ग, छोटे व्यापारी और संविदा कर्मचारियों में कुछ नाराजगी भी देखी जा रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए अपना बजट पेश कर दिया है। यह बजट एक बार फिर विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और सामाजिक योजनाओं के इर्द-गिर्द घूमता नजर आया। सरकार ने इसे “विकास और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” की दिशा में बड़ा कदम बताया है, लेकिन बजट के भीतर कई ऐसे वर्ग भी हैं जिन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई। इस बजट में जहां किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्योगों को साधने की कोशिश की गई, वहीं मध्य वर्ग, छोटे व्यापारी और संविदा कर्मचारियों में कुछ नाराजगी भी देखी जा रही है।
सरकार ने बजट में किसान को केंद्र में रखने का दावा किया है।
फायदे
नुकसान / असंतोष
निष्कर्ष: बड़े किसान और गन्ना बेल्ट को राहत, छोटे किसानों को उम्मीद से कम मिला।
सरकार ने युवाओं को साधने के लिए कौशल और रोजगार पर फोकस दिखाया है।
फायदे
नुकसान
निष्कर्ष: स्वरोजगार को बढ़ावा, लेकिन सरकारी नौकरी की आस लगाए युवाओं में निराशा।
महिला सशक्तिकरण को लेकर बजट में कुछ अहम बातें शामिल रहीं।
फायदे
नुकसान
इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को जाता दिखा।
फायदे
निष्कर्ष: निर्माण कंपनियों, रियल एस्टेट और शहरी क्षेत्रों को बड़ा फायदा।
सरकार का साफ संदेश है—उत्तर प्रदेश निवेश के लिए तैयार है।
फायदे
नुकसान
फायदे
नुकसान
यही वर्ग सबसे ज्यादा सवाल पूछ रहा है।
नुकसान ज्यादा
निष्कर्ष: मध्य वर्ग को इस बजट में सबसे कम राहत महसूस हुई।
उत्तर प्रदेश का यह बजट विकास और निवेश आधारित है। सरकार ने भविष्य की नींव मजबूत करने पर जोर दिया है, लेकिन तुरंत राहत की उम्मीद करने वाले वर्ग खासतौर पर मध्य वर्ग, बेरोजगार युवा और छोटे व्यापारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर सकते हैं। यह बजट बताता है कि सरकार की प्राथमिकता लंबी दूरी की दौड़ है, न कि तात्कालिक लोकलुभावन घोषणाएं। UP News