नाना पाटेकर के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने जताया शोक। सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दी भावभीनी श्रद्धांजलि।

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और ‘पद्म श्री’ सम्मान से अलंकृत नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी शोक की लहर है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। उनके निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने शोक जताया, और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अभिनेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाना पाटेकर के निधन को कला जगत की अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने अभिनेता के विलक्षण अभिनय के साथ-साथ उनके सामाजिक सरोकारों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने अभिनेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा कि- "प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, 'पद्म श्री' नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।ॐ शांति।"
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अभिनेता के बहुआयामी और प्रभावशाली अभिनय को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हिंदी सिनेमा को समृद्ध करने में उल्लेखनीय योगदान दिया। केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा—
‘पद्म श्री’ से सम्मानित सुप्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनका निधन सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उन्होंने अपने सशक्त अभिनय से भारतीय सिनेमा में एक विशिष्ट पहचान बनाई। विविध भूमिकाओं में उनके सहज एवं प्रभावशाली अभिनय ने हिंदी सिनेमा की समृद्धि में उल्लेखनीय योगदान दिया। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक-संतप्त परिजनों एवं प्रशंसकों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें। ॐ शांति!'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा किसान नेता राकेश टिकैत ने भी नाना पाटेकर की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्ति किया। राकेश टिकट ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके खेती-किसानी से जुड़े विचारों को याद किया। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति नाना पाटेकर की सोच और उनके विचार हमेशा याद किए जाएंगे। अपने सोशल मीडिया हैंडल पर राकेश टिकैत ने लिखा कि -"भारतीय सिनेमा जगत के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर जी के निधन की अत्यंत दुखद सूचना प्राप्त हुई, खेती किसानी के प्रति उनके विचारों को सदैव याद रखा जाएगा। ईश्वर दुख की इस घड़ी में परिवारजनों व प्रशंसकों को कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें साथ ही पवित्र पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।"
नाना पाटेकर अभिनय के अलावा सामाजिक कार्यों और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रहे थे। उनके निधन के बाद उनके सामाजिक सरोकारों को भी लगातार याद किया जा रहा है।
यूपी के डीजीपी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अभिनेता के बहुआयामी अभिनय और दर्शकों पर छोड़ी अमिट छाप का उल्लेख करने के साथ यूपी पुलिस के साइबर जागरूकता अभियान से जुड़े एक कार्यक्रम को भी याद किया। डीजीपी ने लिखा—
"पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ अभिनेता श्री नाना पाटेकर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। अपने सशक्त और बहुआयामी अभिनय से उन्होंने भारतीय सिनेमा में विशिष्ट पहचान बनाई और दर्शकों के मन में अमिट छाप छोड़ी। UPPolice की साइबर जागरूकता लघु फिल्म Scam Files: Digital Arrest के लखनऊ में आयोजित लोकार्पण समारोह में उनकी गरिमामयी उपस्थिति के लिए मैं उनका हृदय से आभारी हूँ। वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ उनकी यह प्रस्तुति उनकी अंतिम सार्वजनिक प्रस्तुति के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगी। शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ॐ शांति।"
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ रंगमंच पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी दमदार आवाज, संवाद अदायगी और अलग-अलग तरह की भूमिकाओं में सहज अभिनय ने उन्हें भारतीय सिनेमा के विशिष्ट कलाकारों में शामिल किया। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के साथ पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। उनके निधन के बाद देशभर से श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी है। उत्तर प्रदेश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से लेकर किसान नेता और पुलिस प्रशासन तक ने नाना पाटेकर के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। महाराष्ट्र सरकार ने भी उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ कराने का निर्णय लिया है।
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