नए साल में उत्तर प्रदेश को मिलेगी 10 बड़ी सौगात
उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश 2026 में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, जेवर एयरपोर्ट, निवेश परियोजनाओं के ग्राउंडिंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्वास्थ्य-सुरक्षा व्यवस्था इन सभी मोर्चों पर एक साथ बड़ा कदम बढ़ाएगा।

UP News : नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश (UP) के लिए कई बड़ी सौगातो की खुशियां लेकर आने वाला है। उत्तर प्रदेश सरकार इस नए साल उत्तर प्रदेश वासियों को कई बड़ी सौगात देने वाली है। उत्तर प्रदेश सरकार के संकेतों के मुताबिक 2026 को यूपी में ‘Jobs + Infrastructure + Investment’ का मेगा-ईयर बनाने की रणनीति पर काम चल रहा है। एक तरफ करीब 1.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर लगभग 15 लाख करोड़ रुपये तक निवेश जुटने की उम्मीद जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश 2026 में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, जेवर एयरपोर्ट, निवेश परियोजनाओं के ग्राउंडिंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्वास्थ्य-सुरक्षा व्यवस्था इन सभी मोर्चों पर एक साथ बड़ा कदम बढ़ाएगा।
उत्तर प्रदेश में भर्ती का बड़ा साल
उत्तर प्रदेश में 2026 को भर्ती-वर्ष बनाने की तैयारी तेज होती दिख रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावित प्लान के मुताबिक यूपी पुलिस में 30 हजार आरक्षी और 5 हजार सब-इंस्पेक्टर समेत अन्य पदों पर नियुक्तियों की रूपरेखा बनाई गई है। वहीं उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर प्रधानाचार्य तक करीब 50 हजार पदों पर भर्ती की योजना बताई जा रही है। राजस्व विभाग में भी 20 हजार पदों के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ने के संकेत हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कारागार, आवास विकास, बाल विकास-पुष्टाहार और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में करीब 30 हजार पद भरने का लक्ष्य रखा गया है। कुल मिलाकर, अगर ये घोषणाएं तय समय पर अमल में आती हैं, तो उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए 2026 सिर्फ कैलेंडर का नया साल नहीं, बल्कि करियर की नई शुरुआत बन सकता है।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगा गंगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर मैप पर 2026 की सबसे बड़ी पहचान बनने जा रहा गंगा एक्सप्रेसवे अब शुरूआत की दहलीज़ पर बताया जा रहा है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह मेगा कॉरिडोर मेरठ से प्रयागराज तक तेज़ कनेक्टिविटी देगा और रास्ते में उत्तर प्रदेश के 12 जिलों व 518 गांवों को सीधे विकास की मुख्यधारा से जोड़ देगा। इस परियोजना पर लगभग 36,230 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही जा रही है। सरकार का दावा है कि एक्सप्रेसवे चालू होते ही उत्तर प्रदेश में माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) तेज होगी, उद्योगों की आवाजाही आसान होगी और रीजनल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।
5वीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी
उत्तर प्रदेश साल 2026 की शुरुआत को निवेश के बड़े “एक्शन मोड” में बदलने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश सरकार 5वीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) के जरिए उन परियोजनाओं को कागज़ से जमीन पर उतारने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिनकी कुल लागत 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। सरकार का कहना है कि अब तक आयोजित चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की औद्योगिक परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं और 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी व रोजगार के अवसर मिले हैं। ऐसे में 2026 की यह GBC उत्तर प्रदेश के लिए सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग और रोजगार को एक साथ गति देने वाला बड़ा पड़ाव साबित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में फिर हो सकता है ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसा बड़ा आयोजन
उत्तर प्रदेश 2026 में एक बार फिर दुनिया के निवेशकों के लिए बड़ा मंच सजाने की तैयारी कर रहा है। 2023 में मिले रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों के बाद सरकार अब एक और वैश्विक निवेशक सम्मेलन को और बड़े पैमाने पर आयोजित करने के विकल्प पर काम कर रही है। संकेत हैं कि इस बार फोकस सिर्फ एमओयू तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रोजेक्ट ग्राउंडिंग, जॉब क्रिएशन और सेक्टर-वाइज निवेश टारगेट को केंद्र में रखा जाएगा। इसके लिए औद्योगिक विकास विभाग और इन्वेस्ट यूपी की टीमों के स्तर पर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की बातें सामने आई हैं।
‘निवेश मित्र 3.0’ से यूपी में आसान होगा कारोबार
उत्तर प्रदेश में कारोबार को आसान और तेज बनाने की दिशा में सरकार 2026 में ‘निवेश मित्र 3.0’ लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह ऑनलाइन सिंगल-विंडो सिस्टम निवेशकों के लिए अनुमति, मंजूरी और प्रक्रियाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर समेटने का दावा करता है। सरकार के मुताबिक नए वर्जन में अधिक स्मार्ट फीचर, बेहतर ट्रैकिंग और तेज क्लियरेंस जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, ताकि निवेशक को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और फैसले टाइम-बाउंड तरीके से हों।
उत्तर प्रदेश के आयुष अस्पतालों में शुरू होंगी 53 तरह की सर्जरी
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में 2026 के दौरान एक नया प्रयोग शुरू करने की दिशा में बढ़ रहा है। प्रस्तावित योजना के अनुसार यूपी के आयुष अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से 53 तरह की सर्जरी सुविधाएं शुरू की जा सकती हैं। सरकार का दावा है कि इससे एलोपैथ अस्पतालों पर बढ़ता मरीज-भार कम होगा और लोगों को सामान्य/छोटी सर्जरी के लिए महीनों तक तारीख का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
कोडीन सिरप-एनडीपीएस दवाओं की कालाबाजारी पर सख्ती
उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम कसने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और सख्त नियमों की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत थोक दवा प्रतिष्ठानों की जियो-टैगिंग, उनकी भंडारण क्षमता का व्यवस्थित रिकॉर्ड, और खरीद-बिक्री से जुड़े फोटो-वीडियो दस्तावेज रखना अनिवार्य किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इन कदमों से दवाओं की सप्लाई चेन ट्रेस करने योग्य बनेगी और कालाबाजारी करने वालों के लिए बच निकलना मुश्किल होगा।
साइबर ठगी पर लगेगी लगाम
उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस तंत्र को और तेज़ व सक्षम बनाने की तैयारी है। रिपोर्ट के मुताबिक डायल-112 समेत संबंधित कॉल सेंटर्स की मैनपावर और ऑपरेशनल क्षमता को लगभग दोगुना करने की योजना पर काम चल रहा है।
कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे फरवरी 2026 तक पूरा होने का दावा
उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर बड़ा दावा सामने आ रहा है कि इसका काम फरवरी 2026 तक पूरा हो सकता है। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत बताई जा रही है। सरकार के अनुसार, एक्सप्रेसवे शुरू होते ही लखनऊ एयरपोर्ट से कानपुर का सफर, जो अभी कई बार 3 घंटे तक खिंच जाता है, वह करीब 40 मिनट में सिमट सकता है।
उत्तर प्रदेश के विकास एजेंडे में जेवर एयरपोर्ट और बड़े प्रोजेक्ट्स
उत्तर प्रदेश के लिए 2026 कई मायनों में “मेगा-प्रोजेक्ट्स” का साल बनने की ओर बढ़ रहा है। जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस चर्चा के केंद्र में है, जिसे प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी और निवेश आकर्षण का नया गेटवे माना जा रहा है। इसके साथ ही कई अन्य बड़ी परियोजनाएं भी एक साथ गति पकड़ने की उम्मीद है। UP News
UP News : नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश (UP) के लिए कई बड़ी सौगातो की खुशियां लेकर आने वाला है। उत्तर प्रदेश सरकार इस नए साल उत्तर प्रदेश वासियों को कई बड़ी सौगात देने वाली है। उत्तर प्रदेश सरकार के संकेतों के मुताबिक 2026 को यूपी में ‘Jobs + Infrastructure + Investment’ का मेगा-ईयर बनाने की रणनीति पर काम चल रहा है। एक तरफ करीब 1.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर लगभग 15 लाख करोड़ रुपये तक निवेश जुटने की उम्मीद जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश 2026 में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, जेवर एयरपोर्ट, निवेश परियोजनाओं के ग्राउंडिंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्वास्थ्य-सुरक्षा व्यवस्था इन सभी मोर्चों पर एक साथ बड़ा कदम बढ़ाएगा।
उत्तर प्रदेश में भर्ती का बड़ा साल
उत्तर प्रदेश में 2026 को भर्ती-वर्ष बनाने की तैयारी तेज होती दिख रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावित प्लान के मुताबिक यूपी पुलिस में 30 हजार आरक्षी और 5 हजार सब-इंस्पेक्टर समेत अन्य पदों पर नियुक्तियों की रूपरेखा बनाई गई है। वहीं उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर प्रधानाचार्य तक करीब 50 हजार पदों पर भर्ती की योजना बताई जा रही है। राजस्व विभाग में भी 20 हजार पदों के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ने के संकेत हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कारागार, आवास विकास, बाल विकास-पुष्टाहार और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में करीब 30 हजार पद भरने का लक्ष्य रखा गया है। कुल मिलाकर, अगर ये घोषणाएं तय समय पर अमल में आती हैं, तो उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए 2026 सिर्फ कैलेंडर का नया साल नहीं, बल्कि करियर की नई शुरुआत बन सकता है।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगा गंगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर मैप पर 2026 की सबसे बड़ी पहचान बनने जा रहा गंगा एक्सप्रेसवे अब शुरूआत की दहलीज़ पर बताया जा रहा है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह मेगा कॉरिडोर मेरठ से प्रयागराज तक तेज़ कनेक्टिविटी देगा और रास्ते में उत्तर प्रदेश के 12 जिलों व 518 गांवों को सीधे विकास की मुख्यधारा से जोड़ देगा। इस परियोजना पर लगभग 36,230 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही जा रही है। सरकार का दावा है कि एक्सप्रेसवे चालू होते ही उत्तर प्रदेश में माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) तेज होगी, उद्योगों की आवाजाही आसान होगी और रीजनल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।
5वीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी
उत्तर प्रदेश साल 2026 की शुरुआत को निवेश के बड़े “एक्शन मोड” में बदलने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश सरकार 5वीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) के जरिए उन परियोजनाओं को कागज़ से जमीन पर उतारने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिनकी कुल लागत 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। सरकार का कहना है कि अब तक आयोजित चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की औद्योगिक परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं और 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी व रोजगार के अवसर मिले हैं। ऐसे में 2026 की यह GBC उत्तर प्रदेश के लिए सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग और रोजगार को एक साथ गति देने वाला बड़ा पड़ाव साबित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में फिर हो सकता है ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसा बड़ा आयोजन
उत्तर प्रदेश 2026 में एक बार फिर दुनिया के निवेशकों के लिए बड़ा मंच सजाने की तैयारी कर रहा है। 2023 में मिले रिकॉर्ड निवेश प्रस्तावों के बाद सरकार अब एक और वैश्विक निवेशक सम्मेलन को और बड़े पैमाने पर आयोजित करने के विकल्प पर काम कर रही है। संकेत हैं कि इस बार फोकस सिर्फ एमओयू तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रोजेक्ट ग्राउंडिंग, जॉब क्रिएशन और सेक्टर-वाइज निवेश टारगेट को केंद्र में रखा जाएगा। इसके लिए औद्योगिक विकास विभाग और इन्वेस्ट यूपी की टीमों के स्तर पर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की बातें सामने आई हैं।
‘निवेश मित्र 3.0’ से यूपी में आसान होगा कारोबार
उत्तर प्रदेश में कारोबार को आसान और तेज बनाने की दिशा में सरकार 2026 में ‘निवेश मित्र 3.0’ लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह ऑनलाइन सिंगल-विंडो सिस्टम निवेशकों के लिए अनुमति, मंजूरी और प्रक्रियाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर समेटने का दावा करता है। सरकार के मुताबिक नए वर्जन में अधिक स्मार्ट फीचर, बेहतर ट्रैकिंग और तेज क्लियरेंस जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, ताकि निवेशक को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और फैसले टाइम-बाउंड तरीके से हों।
उत्तर प्रदेश के आयुष अस्पतालों में शुरू होंगी 53 तरह की सर्जरी
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में 2026 के दौरान एक नया प्रयोग शुरू करने की दिशा में बढ़ रहा है। प्रस्तावित योजना के अनुसार यूपी के आयुष अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से 53 तरह की सर्जरी सुविधाएं शुरू की जा सकती हैं। सरकार का दावा है कि इससे एलोपैथ अस्पतालों पर बढ़ता मरीज-भार कम होगा और लोगों को सामान्य/छोटी सर्जरी के लिए महीनों तक तारीख का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
कोडीन सिरप-एनडीपीएस दवाओं की कालाबाजारी पर सख्ती
उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप और एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम कसने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और सख्त नियमों की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत थोक दवा प्रतिष्ठानों की जियो-टैगिंग, उनकी भंडारण क्षमता का व्यवस्थित रिकॉर्ड, और खरीद-बिक्री से जुड़े फोटो-वीडियो दस्तावेज रखना अनिवार्य किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इन कदमों से दवाओं की सप्लाई चेन ट्रेस करने योग्य बनेगी और कालाबाजारी करने वालों के लिए बच निकलना मुश्किल होगा।
साइबर ठगी पर लगेगी लगाम
उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस तंत्र को और तेज़ व सक्षम बनाने की तैयारी है। रिपोर्ट के मुताबिक डायल-112 समेत संबंधित कॉल सेंटर्स की मैनपावर और ऑपरेशनल क्षमता को लगभग दोगुना करने की योजना पर काम चल रहा है।
कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे फरवरी 2026 तक पूरा होने का दावा
उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर बड़ा दावा सामने आ रहा है कि इसका काम फरवरी 2026 तक पूरा हो सकता है। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत बताई जा रही है। सरकार के अनुसार, एक्सप्रेसवे शुरू होते ही लखनऊ एयरपोर्ट से कानपुर का सफर, जो अभी कई बार 3 घंटे तक खिंच जाता है, वह करीब 40 मिनट में सिमट सकता है।
उत्तर प्रदेश के विकास एजेंडे में जेवर एयरपोर्ट और बड़े प्रोजेक्ट्स
उत्तर प्रदेश के लिए 2026 कई मायनों में “मेगा-प्रोजेक्ट्स” का साल बनने की ओर बढ़ रहा है। जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस चर्चा के केंद्र में है, जिसे प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी और निवेश आकर्षण का नया गेटवे माना जा रहा है। इसके साथ ही कई अन्य बड़ी परियोजनाएं भी एक साथ गति पकड़ने की उम्मीद है। UP News












