योगी सरकार का बड़ा फैसला : अब हर अंडे पर होगी एक्सपायरी डेट

उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने नया नियम लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 1 अप्रैल से राज्य में बिकने वाले हर अंडे पर उसकी एक्सपायरी डेट (खराब होने की तारीख) लिखना अनिवार्य होगा।

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सरकार ने नया नियम लागू करने का फैसला किया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Mar 2026 12:59 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने नया नियम लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 1 अप्रैल से राज्य में बिकने वाले हर अंडे पर उसकी एक्सपायरी डेट (खराब होने की तारीख) लिखना अनिवार्य होगा। इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और ताजा खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।

क्या होगा नया नियम?

पशुपालन विभाग के अनुसार अब:

* हर अंडे पर पैकिंग/उत्पादन की तारीख और एक्सपायरी डेट लिखना जरूरी होगा।

* बिना लेबल वाले अंडों को बाजार में बेचने की अनुमति नहीं होगी।

* नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी

नियम नहीं मानने पर सख्त कार्रवाई

विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन न करने वाले उत्पादकों और व्यापारियों के अंडे नष्ट किए जा सकते हैं। या उन पर मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त (नाट फिट फार ह्यूमन कंजम्पसन) का लेबल लगाया जाएगा। यह फैसला इसलिए जरूरी है कि पशुपालन और डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार पहले खाद्य सुरक्षा नियमों का सही पालन नहीं हो रहा था तथा उपभोक्ताओं को भी अंडों की ताजगी और सुरक्षा की जानकारी नहीं होती थी। कई मामलों में पुराने अंडे भी बाजार में बेचे जा रहे थे। इसलिए यह कदम जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

अंडे कितने दिन तक सुरक्षित रहते हैं?

रिसर्च के अनुसार 30डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर लगभग 2 हफ्ते तक सुरक्षित, तथा 2-8डिग्री सेंटीग्रेड (फ्रिज में): करीब 5 हफ्ते तक सुरक्षित रह सकता है। इससे साफ है कि सही स्टोरेज बेहद जरूरी है। अंडों को सब्जियों के साथ नहीं रखा जा सकता (तापमान अलग चाहिए)। उत्तर प्रदेश में फिलहाल केवल आगरा और झांसी में ही पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं हैं। ऐसे में छोटे व्यापारियों के लिए नियम लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बाजार में खराब और पुराने अंडों की बिक्री पर रोक लगाएगा। उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता और पारदर्शिता देगा। लेकिन व्यापारियों के लिए लॉजिस्टिक और इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौती भी बढ़ाएगा।


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भाजपा ने बदला संगठन का चेहरा, बरेली-मुरादाबाद में नई टीमों की एंट्री

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन और निकाय, दोनों स्तरों पर बड़ा कदम उठाते हुए बरेली और मुरादाबाद में जिला तथा महानगर इकाइयों की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के कई शहरी निकायों में नामित पार्षदों की सूची भी जारी की गई है।

भाजपा ने बदला संगठन का चेहरा
भाजपा ने बदला संगठन का चेहरा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Mar 2026 01:02 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन और निकाय, दोनों स्तरों पर बड़ा कदम उठाते हुए बरेली और मुरादाबाद में जिला तथा महानगर इकाइयों की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के कई शहरी निकायों में नामित पार्षदों की सूची भी जारी की गई है। पार्टी की ओर से जारी इस नई संरचना में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है, वहीं लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा प्रदेश नेतृत्व की संस्तुति पर जारी सूची में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को संतुलित ढंग से शामिल करने की कोशिश दिखी है। खास तौर पर बरेली और मुरादाबाद में घोषित नई टीमों को आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के बरेली महानगर और जिला इकाई में कई नए चेहरों को जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश के बरेली में भाजपा महानगर कार्यसमिति में प्रभु दयाल लोधी, डॉ. तृप्ति गुप्ता और विष्णु अग्रवाल समेत कुल 11 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अजय चौहान, रितेश गुप्ता और लता सिंह बघेल सहित आठ नेताओं को महानगर मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विपिन भास्कर को महानगर कोषाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली जिला संगठन में भी नई कार्यसमिति का गठन किया गया है। जिला इकाई में अजय सक्सेना, स्वाति कुमार और मेघनाथ कठेरिया समेत 11 नेताओं को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है। दूसरी ओर रामासरे कश्यप, डॉ. मीनाक्षी सिंह और नेहा कन्नौजिया सहित आठ नेताओं को जिला मंत्री बनाया गया है। अमित गुप्ता को जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।

आंवला संगठन में भी नई टीम घोषित, कई नेताओं को संगठन में स्थान

उत्तर प्रदेश के आंवला संगठन में भी भाजपा ने नई टीम घोषित की है। यहां ओमवीर सिंह गुर्जर, अमिताभ सिंह और सुभाषिनी जायसवाल समेत आठ नेताओं को जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है। ममता अग्रवाल सहित तीन नेताओं को जिला महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पूजा माथुर, रोहित सिंह और संजय चौहान समेत आठ नेताओं को जिला मंत्री बनाया गया है। नवीन शर्मा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूची जारी होने के बाद महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा और आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप ने सभी नव-मनोनित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

उत्तर प्रदेश के बरेली में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भी मनोनयन

उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की चार नगर पालिका परिषदों बहेड़ी, नवाबगंज, आंवला और फरीदपुर में शासन की ओर से पांच-पांच पार्षद नामित किए गए हैं। इसके साथ ही जिले की 15 नगर पंचायतों में भी तीन-तीन पार्षदों का मनोनयन किया गया है। निकाय स्तर पर यह कदम उत्तर प्रदेश में भाजपा के शहरी संगठन को और मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है। स्थानीय निकायों में नामित प्रतिनिधियों की भूमिका भविष्य की राजनीतिक जमीन तैयार करने में अहम मानी जाती है।

बरेली नगर निगम में ये 10 नेता बने नामित पार्षद

उत्तर प्रदेश के बरेली नगर निगम में जिन 10 लोगों को नामित पार्षद बनाया गया है, उनमें ज्ञान प्रकाश लोधी, गौरव सक्सेना, राम बहादुर मौर्य, सुमित सैनी, हरीश बाबू वाल्मीकि, कमला देवी कश्यप, वीरेंद्र, हरिओम गौतम, अशोक चौहान और राजीव कुमार गुप्ता के नाम शामिल हैं। इन नामों के सामने आने के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन ने इस सूची के जरिए सामाजिक संतुलन और जमीनी सक्रियता, दोनों को ध्यान में रखा है।

मुरादाबाद महानगर कमेटी में महिला प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भाजपा महानगर कमेटी की घोषणा के साथ महिला आरक्षण को लेकर चर्चा भी तेज हो गई है। घोषित कमेटी में 20 पदाधिकारियों में से केवल चार महिलाओं को शामिल किया गया है, जबकि नियमानुसार महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए था। सोमवार देर शाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की संस्तुति पर मुरादाबाद महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला ने नई कार्यसमिति की घोषणा की। इस टीम में कुल 20 पदाधिकारी और 69 सदस्य शामिल किए गए हैं।

मुरादाबाद में मंत्री उपाध्यक्ष और महामंत्री पदों पर ये नाम सामने आए

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद महानगर संगठन में आठ मंत्रियों की सूची में सुनीता शर्मा, वनिता मल्होत्रा और सिमरन कौर जाटव को जगह दी गई है। पुरुष पदाधिकारियों में अभिषेक चौबे, विजय लक्ष्मी पंडित, दीपक चौधरी, दीक्षांत चौधरी और मनीष गुर्जर को जिम्मेदारी मिली है। उपाध्यक्ष पद पर नवदीप टंडन, अशोक सैनी, पूर्व पार्षद हेमराज सैनी, गेत्रपाल सिंह, मंगलसेन राजपूत और कपिल देव जाटव के नाम घोषित किए गए हैं। दो पद अभी रिक्त रखे गए हैं, जिन्हें जल्द भरे जाने की बात कही गई है। तीन महामंत्रियों में विशाल त्यागी को उपाध्यक्ष से पदोन्नत कर महामंत्री बनाया गया है। शम्मी भटनागर को मंत्री से महामंत्री बनाया गया है, जबकि पूर्व मंडल अध्यक्ष अमित शर्मा को भी महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। दीपक बाबू गुप्ता को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

मुरादाबाद नगर निगम में ये 10 लोग बने नामित पार्षद

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद नगर निगम में जिन लोगों को नामित पार्षद बनाया गया है, उनमें अमित सिंह (मिन्टू), अभिनव बंसल, बिकल वाल्मीकी, हरीश प्रजापति, कुलदीप विश्नोई, रवि सैनी, दीपक यादव, श्रीमती ज्योति बंसल, श्रीमती हेमा खत्री और कमल गुलाटी के नाम शामिल हैं। UP News

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अंडों की सुरक्षा पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, लागू होगा सख्त नियम

UP News: अंडा उत्पादकों और दुकानदारों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे हर अंडे पर उसकी एक्सपायरी डेट और पैकिंग की तारीख लगाएं। यह पहल उत्तर प्रदेश के ग्राहकों को ताजा और सुरक्षित अंडे उपलब्ध कराने के लिए की जा रही है।

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अंडों पर एक्सपायरी डेट
locationभारत
userअसमीना
calendar17 Mar 2026 12:56 PM
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उत्तर प्रदेश में उपभोक्ता सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश में अब अगले महीने यानी 1 अप्रैल से अंडा उत्पादकों और दुकानदारों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे हर अंडे पर उसकी एक्सपायरी डेट और पैकिंग की तारीख लगाएं। यह पहल उत्तर प्रदेश के ग्राहकों को ताजा और सुरक्षित अंडे उपलब्ध कराने के लिए की जा रही है। उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह कदम खास महत्व रखता है क्योंकि पहले अक्सर नियमों का सही पालन नहीं किया जाता था।

अंडों पर लेबलिंग क्यों जरूरी है?

उत्तर प्रदेश के पशुपालन और डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुकेश मेश्राम ने बताया कि उपभोक्ता अक्सर यह नहीं जानते थे कि अंडे कब पैक किए गए हैं और कब खराब हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश में कई जगह पर अंडों की बिक्री बिना किसी लेबलिंग के होती थी जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंच सकता था। अब अंडों पर एक्सपायरी डेट लगाने से ग्राहक खुद चेक कर सकेंगे कि अंडा सुरक्षित है या नहीं और पुराने स्टॉक से बच सकेंगे।

नियम का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि जो व्यापारी या किसान इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उनके अंडों को नष्ट किया जाएगा या उन पर “मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त” का लेबल लगाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में पशुपालन विभाग इस नियम को सख्ती से लागू करने जा रहा है ताकि हर अंडा सुरक्षित हो और ग्राहकों को सही जानकारी मिल सके।

अंडों को सुरक्षित रखने के तरीके

उत्तर प्रदेश के विशेषज्ञ बताते हैं कि अंडों को सामान्य तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर रखने पर वे दो हफ्ते तक सुरक्षित रहते हैं। वहीं, अगर अंडों को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच स्टोर किया जाए तो उनकी शेल्फ लाइफ 5 हफ्ते तक बढ़ जाती है। उत्तर प्रदेश में कई छोटे दुकानदार अंडों को ठंडे स्टोरेज में नहीं रखते जिससे अंडे जल्दी खराब हो जाते हैं। अब लेबलिंग से उपभोक्ता ताजगी को पहचान सकेंगे।

अंडों के स्टोरेज में चुनौतियां

उत्तर प्रदेश में सही कोल्ड स्टोरेज की कमी एक चुनौती है। खाद्य सुरक्षा के नियमों के मुताबिक अंडों को सब्जियों के साथ नहीं रखना चाहिए। उत्तर प्रदेश में फिलहाल केवल आगरा और झांसी में ही ऐसी स्टोरेज सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में छोटे उत्पादक और दुकानदार नए नियमों को लागू करने में कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं।

ग्राहक जागरूकता और सुरक्षा बढ़ाना

उत्तर प्रदेश में इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को फ्रेश अंडे का सही उपयोग और सुरक्षित खाने के तरीके के बारे में जानकारी देना है। मुकेश मेश्राम ने कहा कि पहले कई मामलों में नियमों का पालन नहीं हो रहा था और उपभोक्ता भी इस बारे में अनजान थे। अब उत्तर प्रदेश में यह कदम उपभोक्ता सुरक्षा और खाद्य पारदर्शिता को मजबूत करेगा।

नई व्यवस्था की तैयारी

उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग ने सभी अंडा उत्पादकों और दुकानदारों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है। अब उन्हें अपने स्टॉक पर लेबल लगाने की व्यवस्था करनी होगी और नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। उत्तर प्रदेश में यह पहल सिर्फ आदेश नहीं बल्कि उपभोक्ता सुरक्षा और खाद्य पारदर्शिता की मजबूत कड़ी है।

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