ना ना करते आडवाणी व जोशी को मिला अयोध्या का न्यौता, विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं ने दिया
Uttar Pradesh News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 11:23 PM
Uttar Pradesh News राजनीतिक गलियारे से बड़ी खबर आ रही है। खबर यह है कि भाजपा के संस्थापक रहे लालकृष्ण आडवाणी तथा डा. मुरली मनोहर जोशी को भी अयोध्या का न्यौता मिल गया है।
विश्व हिन्दु परिषद के नेताओं ने दोनों नेताओं के आवास पर पहुंचकर अपने हाथों से अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण का न्यौता सौंपा है। पहले लालकृष्ण आडवाणी तथा मुरली मनोहर जोशी की उम्र का हवाला देकर न्यौता नहीं देने की बात कही गयी थी।
वीएचपी (BHP) नेताओं ने दिया न्यौता
विश्व हिंदू परिषद ने बयान जारी करके कहा है कि राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा लाल कृष्ण आडवाणी और डॉ. मुरली मनोहर जोशी को अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया गया है। निमंत्रण देते समय राम जन्मभूमि आंदोलन के बारे में भी बात हुई। वीएचपी नेताओं ने यह भी बताया कि दोनों वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि वह आने की पूरी कोशिश करेंगे। इसके साथ ही दोनों नेताओं को न्यौता न दिए जाने के विवाद पर विराम लग गया है।
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पूरी की जा रही हैं तैयारियां
आपको बता दें कि 22 जनवरी 2024 को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान के रूप में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में सारी तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा किया जा रहा है। योजना के मुताबिक उद्घाटन के अगले ही दिन यानी 23 जनवरी से ही जनता को भगवान राम के दर्शन की अनुमति दे दी जाएगी। मंदिर के उद्घाटन के अवसर पर पीएम मोदी, सर संघचालक मोहन भागवत, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल और सभी ट्रस्टी राम मंदिर के प्रांगण में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा कई अन्य गणमान्य भी राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम के साक्षी बनेंगे।
उठ गया था विवाद
आपको बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को एक प्रेस-कांफ्रेंस की थी। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चंपत राय ने कहा था कि लालकृष्ण आडवाणी व डा. मुरली मनोहर जोशी की उम्र बहुत अधिक हो गयी है। साथ ही बहुत अधिक ठंड भी रहेगी इस कारण उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें नहीं बुलाया जा रहा है। चंपत राय की इस टिप्पणी पर देश भर में बड़ा विवाद हो गया था। लोग कह रहे थे कि यह तो राम मंदिर आंदोलन के पुरोधाओं का अपमान है। अब वीएचपी (BHP) के बयान के बाद यह विवाद समाप्त हो गया है।
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