वाराणसी में धार्मिक स्थलों और अन्य संस्थानों को बम धमाकों की कथित धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। पुलिस अलर्ट है और जिले की सीमाओं पर चेकिंग बढ़ा दी गई है।

UP News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बम धमाकों की कथित धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गए हैं। ईमेल के जरिए नगर निगम, पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और कुछ शैक्षणिक संस्थानों को धमकी भरे संदेश भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इन संदेशों में काशी के धार्मिक स्थलों, बीएचयू स्थित केंद्रीय विद्यालय और अन्य स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है। धमकी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जिले की सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रमुख मार्गों पर आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। मामले की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को भी दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, भेजे गए ईमेल में नगर निगम के मेयर कार्यालय में बम धमाका करने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा दीपावली के दिन सुबह 9 से 11 बजे के बीच मंदिरों में विस्फोट करने की धमकी भी दी गई है। संदेशों में काशी के धार्मिक स्थलों के साथ अयोध्या और मथुरा का भी उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। धमकी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और लगातार क्षेत्र में निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों, बाजारों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने को कहा गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी भरे संदेश भेजने वाली ईमेल आईडी पर दलजीत दोसांझ का नाम दिखाई देने की बात कही जा रही है। ईमेल के अंत में खालिस्तान नेशनल आर्मी का उल्लेख भी किया गया है। संदेश में वर्ष 1984 के सिख दंगों का जिक्र करते हुए बदले की बात कही गई है। हालांकि, ईमेल की वास्तविक पहचान और धमकी की विश्वसनीयता की जांच की जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने एसीपी और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिसकर्मियों को बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर तैनात कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वहीं, साइबर टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान और संदेश के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
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वाराणसी में बम धमाकों का पुराना इतिहास रहा है। 7 मार्च 2006 को संकट मोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इसके बाद 23 नवंबर 2007 को कचहरी परिसर में विस्फोट हुआ था। वहीं, 7 सितंबर 2010 को शीतला घाट पर भी बम धमाका हुआ था। इसके अलावा 13 फरवरी को जिला जज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर कचहरी परिसर में विस्फोट की धमकी मिलने की जानकारी भी सामने आई थी। ऐसे में ताजा धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहती हैं।
ताजा धमकी के बाद वाराणसी के प्रमुख स्थानों पर जांच अभियान तेज कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड को भी जांच में लगाया गया है। जिले की सीमाओं पर वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल धमकी भरे ईमेल की सत्यता, उसे भेजने वाले की पहचान और संभावित खतरे को लेकर जांच जारी है। पुलिस प्रशासन का पूरा ध्यान धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
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