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राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बाद यह ट्रस्ट की पहली औपचारिक बैठक होगी, जिसमें महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार किए जाने की संभावना है। यदि दोनों इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं तो ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव का रास्ता खुल सकता है।

UP News : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने वाली बैठक कई मायनों में बेहद अहम मानी जा रही है। राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बाद यह ट्रस्ट की पहली औपचारिक बैठक होगी, जिसमें महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार किए जाने की संभावना है। यदि दोनों इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं तो ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव का रास्ता खुल सकता है। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा का नाम संभावित नए महासचिव के रूप में सबसे अधिक चर्चा में है। UP News
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सूत्रों के अनुसार यदि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो ट्रस्ट में दो पद रिक्त हो जाएंगे। इसके अलावा ट्रस्टी विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद एक पद पहले से खाली है। ऐसे में ट्रस्ट को तीन नए सदस्यों का चयन करना होगा। इन नियुक्तियों में सबसे महत्वपूर्ण फैसला नए महासचिव के चयन को लेकर माना जा रहा है, क्योंकि यही पद ट्रस्ट के प्रशासनिक संचालन और दैनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है। UP News
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महासचिव पद के लिए फिलहाल तीन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है। इनमें विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा, ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन और वीएचपी के इंद्रप्रस्थ क्षेत्र के संगठन मंत्री नीरज दौनेरिया शामिल बताए जा रहे हैं। चर्चाओं के अनुसार बजरंग लाल बागड़ा इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं नीरज दौनेरिया को ट्रस्ट में ट्रस्टी के रूप में शामिल किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा अनियमितता से जुड़े मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने वालों में कृष्ण मोहन भी प्रमुख रहे हैं। UP News
बजरंग लाल बागड़ा को प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का संतुलित चेहरा माना जाता है। वे विश्व हिंदू परिषद में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और वर्तमान में संगठन के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री हैं। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट की बैठक से पहले उनका अयोध्या पहुंचना भी चर्चाओं को और तेज कर गया है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अभी तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।राजस्थान के सीकर जिले के मूल निवासी बजरंग लाल बागड़ा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वे केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) भी रह चुके हैं। सरकारी उपक्रम में लंबे प्रशासनिक अनुभव के बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और विश्व हिंदू परिषद के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय हो गए। फरवरी 2024 में अयोध्या में आयोजित विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय बैठक में उन्हें संगठन का अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चुना गया था। वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक दक्षता और संगठन संचालन के अनुभव को देखते हुए उन्हें ट्रस्ट की नई जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। UP News
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद आयोजित हो रही इस बैठक में केवल इस्तीफों पर ही फैसला नहीं होगा, बल्कि ट्रस्ट की भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा। साथ ही मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति तथा प्रशासनिक सुधारों जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा संभव है। UP News
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