क्या वृंदावन में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट होने के बावजूद यमुना में गंदे नालों का पानी गिर रहा है? इसी सवाल को लेकर गरीब एकता दल ने बारह घाट पर धरना-प्रदर्शन कर जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई।

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में यमुना नदी में गंदे नालों का पानी गिरने के मुद्दे पर गरीब एकता दल ने जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बारह घाट पर धरना-प्रदर्शन कर यमुना की स्वच्छता को लेकर नाराजगी जताई। संगठन ने आरोप लगाया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) होने के बावजूद गंदा पानी सीधे यमुना में पहुंच रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सभी नालों को एसटीपी से जोड़ने और नदी में प्रदूषण रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। Uttar Pradesh News:
गरीब एकता दल के कार्यकर्ताओं ने बारह घाट पर प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन का कहना है कि यमुना में लगातार गंदे नालों का पानी गिरने से नदी की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि वृंदावन के सभी गंदे नालों को तत्काल टेप किया जाए और उनके पानी को एसटीपी तक पहुंचाकर उपचार के बाद ही नदी में छोड़ा जाए।
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गरीब एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विवेक महाजन ने दावा किया कि वृंदावन में 5 एमएलडी और 7 एमएलडी क्षमता के दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं, लेकिन उनके संचालन और क्षमता के इस्तेमाल को लेकर सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण गंदा पानी बिना उचित उपचार के यमुना में पहुंच रहा है। विवेक महाजन ने इसे करोड़ों लोगों की आस्था और पर्यावरण से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़े जन आंदोलन की शुरुआत करेगा। एसटीपी की वास्तविक कार्यक्षमता और नालों के पानी के उपचार की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। Uttar Pradesh News:
संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक बाबा मदन बिहारी दास ने कहा कि यमुना को स्वच्छ रखना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ब्रज की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए भी जरूरी है। उन्होंने शासन और प्रशासन से इस विषय पर गंभीरता दिखाने की अपील की। राष्ट्रीय महासचिव गोपाल शर्मा ने नगर निगम से सभी नालों का सर्वे कराने और उन्हें एसटीपी से जोड़ने की मांग की। उनका कहना था कि सीवेज का उचित उपचार सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि नदी में प्रदूषित पानी न पहुंचे।
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गरीब एकता दल की महिला प्रदेश अध्यक्ष रिचा शर्मा ने कहा कि यमुना की निर्मलता के लिए चलाए जा रहे अभियान में महिलाएं भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उन्होंने नदी को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई। प्रदर्शन में अनिल गौतम, विभोर भारद्वाज, छोटू ठाकुर, बृजमोहन शर्मा, कुंज बिहारी और सौरभ यादव सहित संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने प्रशासन से नालों के पानी के उपचार और यमुना में प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। Uttar Pradesh News:
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