पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख की मदद
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने जहरीली शराब से मरने वालों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है। बताया कि इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दिये जाने की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने जहरीली शराब और नशीले पदार्थों के खतरे से निपटने के अपनी सरकार के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि दो निरीक्षकों सहित चार पुलिसकर्मियों को इस घटना के सिलसिले में निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने जहरीली शराब पीने से बीमार हुए लोगों को पचास-पचास हजार रुपये की मदद दिए जाने की भी घोषणा की।
मरने वालों की उम्र 45 से 55 के बीच
पुलिस ने बताया कि यह घटना विल्लुपुरम के निकट मरकानम के एक्कियारकुप्पम में शनिवार रात हुई। मृतकों की आयु 45 से 55 साल के बीच थी। उसने बताया कि जहरीली शराब पीने वाले दो अन्य लोगों को पुडुचेरी के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि जहरीली शराब बेचने के संबंध में एक मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
घटना के लिए सत्तारूढ़ दल जिम्मेदार
विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) ने इस घटना को लेकर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की निंदा की। अन्नाद्रमुक के महासचिव एवं विपक्ष के नेता के. पलानीस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी के नेतृत्व वाले 10 साल के शासन (2011 से 2021 तक) में अवैध शराब के लिए कोई जगह नहीं थी। उन्होंने इस घटना के लिए सत्तारूढ़ द्रमुक की अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कम से कम अब तो अवैध शराब के खिलाफ कदम उठाए जाने चाहिए। पीएमके के संस्थापक डॉ. एस. रामदास ने जहरीली शराब की बिक्री को लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस बीच, मरकानम के निवासियों ने इस मुद्दे को लेकर ईस्ट कोस्ट रोड पर यातायात बाधित कर दिया। पुलिस ने बताया कि विरोध के कारण कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात बाधित रहा।
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