
Noida News: कर्नाटक के चुनाव में करारी शिकस्त के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने फूंक-फूंककर कदम रखना शुरू किया है। इसी कडी में पार्टी ने पूरा फोकस उत्तर प्रदेश में लगा दिया है। इसके लिए सांगठनिक व्यूह रचना के अलावा श्रेष्ठ व जिताऊ प्रत्याशियों के चयन की कवायद भी शुरू हो गयी है। इसके लिए दावेदार प्रत्याशियों को ट्रिपल टेस्ट देना होगा।
भाजपा के शीर्ष पदाधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में प्रत्याशियों के चयन के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। यह सर्वे तीन स्तरीय होगा यानि प्रत्याशियों को टिकट लेने के पूर्व ट्रिपल टेस्ट देना हेागा। उसमें उत्तीर्ण होने के बाद ही टिकट के आवंटन होने का नंबर आएगा। इन तीनों सर्वे में दो सर्वे में जिस दावेदार का नाम आएगा उसी के नाम पर मंथन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक भाजपा का लक्ष्य उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर येन-केन प्रकारेण जीत सुनिश्चित करना है। इसलिए एक-एक सीट पर पार्टी पूरी ताकत झोंक रही है।
पार्टी ने प्रत्याशियों के चयन के लिए गुप्त सर्वे भी शुरू कर दिया है। सर्वे टीम के सदस्य वर्तमान सांसद की लोकप्रियता, छवि, क्षेत्र में उसकी उपलब्धता, जनता से उसके व्यवहार आदि का अध्ययन करेंगे। वहीं प्रत्याशी के बदलने के बाद चुनावी स्थिति, संभावित दावेदार, जातीय समीकरण का भी सर्वे किया जाएगा। सर्वे टीम द्वारा जनता के मुददे, केद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं की उपलब्धियों का प्रभाव, राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कोरिडोर, राष्ट्रवाद आदि प्रमुख मुद्दों का जनता में क्या प्रभाव है। इसका भी अध्ययन किया जाएगा।
सर्वे कराने के लिए भाजपा ने एजेंसी भी नियुक्त कर ली है। एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी प्रदेश अध्यक्ष मुख्यालय में डेरा डाले हुए है तथा शीर्ष नेताओं से संपर्क में है। यह सर्वे टीम अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी तथा महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को सौंपेगी। इस टीम में अनेक अनुभवी युवक एवं युवतियों को शामिल किया गया है।
एक ओर भाजपा ने समूचे प्रदेश में प्रत्याशियों के चयन की कवायद तेज कर दी है। वहीं दूसरी ओर गौतमबुद्धनगर (नोएडा) लोकसभा क्षेत्र से भी चुनाव लडऩे के कई इच्छुक दावेदारों ने लंगोट कसनी शुरू कर दी है।
सर्वविदित है कि पिछले एक दशक से गौतमबुद्धनगर (नोएडा) लोकसभा सीट भाजपा का गढ़ साबित हो रही है। इसलिए दावेदारों को पता है कि यदि इस सीट से वे टिकट लेने में कामयाब रहे तो जीत सुनिश्चित है। लेकिन इस हकीकत से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट से टिकट लेना इतना आसान नहीं है।
पार्टी के सूत्र बताते हैं कि इस सीट से चुनाव लडऩे के लिए गौतमबुद्धनगर में जिलाधिकारी रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बी.एन. सिंह कई माह से प्रयास कर रहे हैं। वे नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में विभिन्न कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेकर लोगों से जुडऩे की कवायद में जुट गए हैं। चर्चा है कि वरिष्ठ आईपीएस तथा गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में पहले पुलिस कमिश्नर रह चुके एडीजी आलोक सिंह भी नौकरी से वीआरएस लेकर टिकट चाह रहे हैं।
इसके अलावा राज्यसभा के सांसद तथा गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके सुरेन्द्र नागर, जेवर विधानसभा के विधायक धीरेन्द्र सिंह व गौतमबुद्धनगर के पूर्व जिलाधिकारी एनपी सिंह तो इन दिनों बाबा रामदेव की टीम में काम कर रहे हैं। इनके अलावा करीब एक दर्जन लोग यहां से टिकट चाह रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि सभी दावेदार टिकट के लिए भाजपा के अपने अपने आकाओं से लगातार संपर्क साधकर पुरजोर पैरवी कर रहे हैं।
सर्वविदित है कि इस सीट से दोबार रिकार्ड मतों से जीत हासिल करने वाले सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. महेश शर्मा की क्षेत्र में काफी लोकप्रियता है। यही लोकप्रियता उनकी लगातार हुई दो बार जीत का प्रमुख आधार रही है। वहीं भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व, आरएसएस के प्रमुख नेताओं तथा पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों से उनके गहरे रिश्ते किसी से छिपे नहीं हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व द्वारा यहां से प्रत्याशी बदलने की संभावना फिलहाल नजर नहीं आती है। लेकिन दावेदारों के प्रयास में कोई कमी नहीं दिखाई पड़ रही है। अनेक दावेदार तो ऐसे भी हैं, जो बाकायदा अपने समर्थकों से यह कहते घुम रहे हैं कि 'ऊपर' उनकी 'सेटिंग' हो गई है। इस बार गौतमबुद्धनगर लोकसभा सीट से वही चुनाव लड़ेंगे। Noida News