दिल्ली के इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर आई है। दिल्ली सरकार ने लंबे समय से रुकी हुई सब्सिडी जारी करने का निर्णय लिया है। परिवहन विभाग ने 26,800 से अधिक ई-वाहन मालिकों की सब्सिडी फाइलों का सत्यापन पूरा कर लिया है।

बता दे कि परिवहन विभाग के अनुसार, जनवरी 2024 से ई-वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को अब तक सब्सिडी नहीं मिली थी। विभाग ने अब तक प्राप्त 26,862 आवेदनों की जांच और डिजिटल वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर ली है। सभी पात्र आवेदनों को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिसके बाद भुगतान शीघ्र किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में तकनीकी त्रुटियां, फॉर्म की गलतियां और वाहन विक्रेताओं की गलत एंट्री के कारण सब्सिडी फंस गई थी। इन सभी समस्याओं की समीक्षा कर सुधार कर दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की देरी न हो।
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी 2020 में लागू की थी। इस नीति का उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण कम करना और नागरिकों को ई-वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों की खरीद पर अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है।
दिल्ली परिवहन विभाग के पूर्व उपायुक्त और परिवहन विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार छिकारा का कहना है कि लोग अब पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। शुरुआत में सब्सिडी लोगों को आकर्षित करने के लिए लाई गई थी, लेकिन अब इसकी आवश्यकता धीरे-धीरे कम हो रही है।
दिल्ली परिवहन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 4.65 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा दोपहिया और तीनपहिया वाहन शामिल हैं। सरकार का कहना है कि सब्सिडी देने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी ताकि अधिक लोग ई-मोबिलिटी की दिशा में आगे बढ़ें।
वर्ष 2023 में ई-व्हीकल पॉलिसी की अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन सरकार ने इसे कई बार बढ़ाया है। अब सरकार नई ई-व्हीकल नीति के मसौदे पर काम कर रही है। इसमें बैटरी रीसाइक्लिंग, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और सब्सिडी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर फोकस किया जा रहा है।
साल 2020 से लागू नीति ने दिल्ली के प्रदूषण स्तर में सकारात्मक असर डाला है। पेट्रोल और डीजल वाहनों की खरीद में कमी आई है और ई-वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली की सड़कों पर ज्यादातर वाहन इलेक्ट्रिक हों। इसके लिए चार्जिंग नेटवर्क, पब्लिक ई-बसों और निजी निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।