दिल्ली-NCR में उड़ान भरेगी फ्लाइंग टैक्सी, जल्द होगी शुरुआत

दावा है कि गुरुग्राम से कनॉट प्लेस (CP) जैसी दूरी, जो अभी ट्रैफिक, सिग्नल और भीड़ के कारण अक्सर डेढ़ से दो घंटे तक खिंच जाती है, वही सफर महज 7 से 10 मिनट में पूरा हो सकेगा। फिलहाल यही सफर सड़क या मेट्रो से अक्सर डेढ़ से दो घंटे तक खींच जाता है।

दिल्ली-NCR एयर टैक्सी प्रस्ताव
दिल्ली-NCR एयर टैक्सी प्रस्ताव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Feb 2026 01:10 PM
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Delhi News : दिल्ली-एनसीआर की जाम भरी सड़कों पर रोज-रोज घंटों गंवाने वाले यात्रियों के लिए आने वाले समय में सफर की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक अब यात्रा केवल सड़क या मेट्रो तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आसमान में भी शॉर्ट रूट तैयार किया जाएगा। दावा है कि गुरुग्राम से कनॉट प्लेस (CP) जैसी दूरी, जो अभी ट्रैफिक, सिग्नल और भीड़ के कारण अक्सर डेढ़ से दो घंटे तक खिंच जाती है, वही सफर महज 7 से 10 मिनट में पूरा हो सकेगा। फिलहाल यही सफर सड़क या मेट्रो से अक्सर डेढ़ से दो घंटे तक खींच जाता है। ऐसे में एयर टैक्सी सेवा अगर जमीन पर उतरी, तो यह एनसीआर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

CII की रिपोर्ट में हवाई नेटवर्क का रोडमैप

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की नई रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर के लिए एयर टैक्सी सेवा शुरू करने का सुझाव दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना के तहत गुरुग्राम, कनॉट प्लेस और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक प्रस्तावित हवाई मार्ग से जोड़ने की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। उद्देश्य साफ है भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर पर दबाव कम हो और तेज कनेक्टिविटी का नया विकल्प तैयार हो।

एयर टैक्सी क्या होती है?

यह सेवा छोटी इलेक्ट्रिक एयर व्हीकल्स के जरिए चलेगी, जिन्हें eVTOL कहा जाता है। ये मशीनें हेलिकॉप्टर की तरह वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग कर सकती हैं, यानी रनवे की जरूरत नहीं होगी। चूंकि ये बिजली से संचालित होती हैं, इसलिए इनमें धुआं नहीं निकलता और शहरी इलाकों में कम दूरी के तेज, स्मार्ट और तुलनात्मक रूप से पर्यावरण-अनुकूल सफर का विकल्प बन सकती हैं।

कौन-सा रूट होगा और कितनी दूरी तय होगी?

रिपोर्ट के मुताबिक गुरुग्राम–कनॉट प्लेस–जेवर के बीच करीब 65 से 75 किमी का एक तय हवाई कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है, जिसे शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उतारने की योजना है। परीक्षण चरण सफल रहा तो इसे आगे चलकर कमर्शियल पैसेंजर सर्विस में बदला जा सकता है। संचालन के लिए शहर की चुनिंदा इमारतों की छतों पर वर्टीपोर्ट यानी छोटे लैंडिंग पैड बनाने की बात कही गई है ताकि ऑफिस हब, अस्पताल और एयरपोर्ट जैसे प्रमुख केंद्रों से कम जगह में टेकऑफ-लैंडिंग संभव हो सके। इस पहल में CII के साथ The ePlane Company, Sarla Aviation और Hunch Mobility जैसी कंपनियों के सहयोग के संकेत भी सामने आए हैं।

कब तक शुरू हो सकती है सेवा?

रिपोर्ट के संकेत बताते हैं कि एयर टैक्सी की शुरुआत आम यात्रियों से नहीं, बल्कि हाई-प्रायोरिटी सेवाओं से की जा सकती है—जैसे मेडिकल इमरजेंसी में त्वरित पहुंच, ऑर्गन ट्रांसपोर्ट और दवाइयों की फास्ट डिलीवरी। इसके बाद जब तकनीक, सुरक्षा और ऑपरेशन का परीक्षण सफल रहेगा, तब इसे धीरे-धीरे पब्लिक पैसेंजर सर्विस के तौर पर खोला जा सकता है। अनुमान है कि शुरुआती प्रक्रिया एक साल के भीतर गति पकड़ सकती है, जबकि यात्रियों के लिए 2–3 साल में टेस्ट फ्लाइट्स का रास्ता बन सकता है। रिपोर्ट में 2026 से 2028 के बीच इसे प्रयोगात्मक चरण में आगे बढ़ाने की संभावना भी जताई गई है।

फायदा क्या होगा?

एयर टैक्सी की सबसे बड़ी ताकत यही मानी जा रही है कि यह जाम से भरी सड़कों का दबाव कम कर सकती है। भीड़भाड़ वाले रूट पर यह एक वैकल्पिक और तेज माध्यम बनेगी, जिससे समय की बचत बड़े पैमाने पर हो सकती है। चूंकि यह सेवा इलेक्ट्रिक होगी, इसलिए पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटने और प्रदूषण कम होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। इसके साथ ही एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, खासकर जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक, तेज और आसान होने का दावा किया जा रहा है।

चुनौतियां क्या हैं?

यह प्रोजेक्ट आकर्षक जरूर है, लेकिन इसे लागू करना आसान नहीं। दिल्ली का एयरस्पेस पहले से व्यस्त होने के कारण अलग नियम और एयर-ट्रैफिक मैनेजमेंट की जरूरत होगी। सुरक्षा मानक, उड़ान रूट और इमरजेंसी प्रोटोकॉल तय करने होंगे। साथ ही वर्टीपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन व्यवस्था तैयार करनी पड़ेगी। इसके लिए सरकार और विमानन नियामकों की मंजूरी अनिवार्य रहेगी। Delhi News

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दिल्ली में बम की धमकी से स्कूलों में अफरा-तफरी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Delhi Bomb Threat: दिल्ली में आज शहर के कम से कम नौ स्कूलों को फोन कॉल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन सभी प्रभावित स्कूलों को तुरंत खाली करा दिया और छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

Delhi Bomb Threat
बम धमकी के बाद दिल्ली के स्कूलों में तलाशी अभियान (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar09 Feb 2026 12:08 PM
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Delhi Bomb Threat: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह बम धमकी के बाद अफरा-तफरी मच गई। शहर के कम से कम नौ स्कूलों को फोन कॉल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन सभी प्रभावित स्कूलों को तुरंत खाली करा दिया और छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये बम धमकी भरी कॉल सुबह करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच प्राप्त हुईं। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) ने तत्परता दिखाते हुए सभी स्कूलों में पहुंचकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। धमकी का सबसे अधिक असर दक्षिणी दिल्ली के स्कूलों में देखा गया, जहां तीन स्कूलों को सीधे तौर पर कॉल आई।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता

बता दें कि बम धमकी मिलने वाले स्कूलों की सुरक्षा सबसे प्राथमिकता रखते हुए स्कूल प्रशासन ने तुरंत कक्षाएं रोक दीं और अभिभावकों को सूचित किया। कई स्कूलों में छात्रों को स्कूल बसों और अन्य वाहनों के माध्यम से सुरक्षित रूप से उनके घरों के लिए रवाना कर दिया गया। मौके पर पहुंचे अभिभावकों में चिंता के स्पष्ट संकेत दिखे, लेकिन पुलिस और स्कूल कर्मचारियों की सक्रियता से हालात नियंत्रण में रहे।

प्रभावित स्कूलों की सूची

बता दें कि बम धमकी मिलने वाले स्कूलों में दिल्ली कैंट का लॉरेटो कॉन्वेंट स्कूल, श्रीनिवासपुरी स्थित केम्ब्रिज स्कूल, रोहिणी का वेंकटेश्वर स्कूल, एनएफसी स्थित केम्ब्रिज स्कूल, सादिक नगर स्थित इंडियन स्कूल, रोहिणी का सीएम श्री स्कूल, डीटीए स्कूल, रोहिणी का बाल भारती स्कूल और वनस्थली स्कूल (नई राजेंद्र नगर) शामिल हैं। सभी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कॉल करने वालों तक पहुंचने के लिए तकनीकी सर्विलांस शुरू कर दी गई है। कॉल की लोकेशन, फोन नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। अभी तक किसी भी स्कूल परिसर से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और हर संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद हैं। Delhi Bomb Threat

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दिल्लीवाले ध्यान दें! घर से निकलने से पहले पढ़ लें पूरी गाइड

Delhi Traffic Alert: 8 फरवरी 2026 को SRCC शताब्दी समारोह के चलते नॉर्थ कैंपस और आसपास के मार्गों में यातायात प्रभावित रहेगा। पुलिस ने वाहनों के डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। आपातकालीन वाहनों को छूट दी जाएगी। आम लोगों से अपील है कि वे निर्धारित मार्गों से बचें।

Delhi Traffic Diversion
Delhi Traffic Alert
locationभारत
userअसमीना
calendar08 Feb 2026 01:26 PM
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दिल्लीवासियों के लिए ट्रैफिक अलर्ट जारी किया गया है। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी वर्ष समारोह के चलते 8 फरवरी 2026 को नॉर्थ कैंपस और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

प्रभावित रूट और समय

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 8 फरवरी को दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे (1500–2200 घंटे) तक निम्नलिखित मार्गों पर सामान्य यातायात प्रभावित रहेगा जिनमें शामिल है-

  • छत्र मार्ग
  • यूनिवर्सिटी मार्ग
  • सुधीर बोस मार्ग
  • गुरु तेग बहादुर मार्ग
  • मॉल रोड

समारोह के दौरान आवश्यकतानुसार वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा। हालांकि, आपातकालीन वाहनों को छूट दी जाएगी।

प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट

पुलिस ने इन प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट्स की जानकारी दी है-

  • सेंट स्टीफेंस कॉलेज रेड लाइट
  • हिंदू कॉलेज रेड लाइट
  • क्रांति चौक
  • पटेल चेस्ट
  • मॉल रोड (दिल्ली विश्वविद्यालय को जोड़ने वाले मार्ग)

वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था

1. मॉल रोड से छत्र मार्ग जाने वाले वाहन

छत्र मार्ग-मॉल रोड टी-पॉइंट से वाहनों को खालसा कॉलेज रेड लाइट की ओर मोड़ा जाएगा। वहां से गुरु तेग बहादुर मार्ग होते हुए गंतव्य तक पहुंचा जा सकेगा।

2. मॉल रोड से यूनिवर्सिटी मार्ग की ओर जाने वाले वाहन

यूनिवर्सिटी मार्ग-मॉल रोड टी-पॉइंट से वाहनों को खालसा कॉलेज रेड लाइट की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इसके बाद गुरु तेग बहादुर मार्ग से आगे बढ़ा जा सकेगा।

3. जीटीबी मार्ग और विजय नगर मार्ग से छत्र मार्ग आने वाले वाहन

वाहनों को पटेल चेस्ट से गुरु तेग बहादुर मार्ग की ओर मोड़ा जाएगा। वहां से सुधीर बोस मार्ग और संत कृपाल सिंह मार्ग होते हुए गंतव्य तक पहुंचा जा सकेगा।

4. एमसीडी चौक, मलका गंज और बोंटा पार्क से रग्बी ग्राउंड (नॉर्थ कैंपस) की ओर आने वाले वाहन

इन मार्गों से आने वाले वाहनों को सेंट स्टीफेंस रेड लाइट से क्रांति चौक की ओर डायवर्ट किया जाएगा और फिर गुरु तेग बहादुर मार्ग से आगे भेजा जाएगा।

आम लोगों के लिए सलाह

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों को सलाह दी है कि वे उपरोक्त मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। सड़क किनारे वाहन पार्क करने से बचें क्योंकि इससे ट्रैफिक की सामान्य व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने सभी से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें ताकि समारोह के दौरान यातायात सुचारू और सुरक्षित बना रहे।

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