राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हर साल इस तरह के सत्यापन अभियान चलाए जाते हैं, ताकि फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर प्रणाली में पारदर्शिता लाई जा सके और राशन की चोरी पर रोक लगाई जा सके।

Delhi News : दिल्ली की सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। राशन कार्डों की हालिया समीक्षा में करीब 2.02 लाख कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं, जिनसे जुड़े लगभग 7.71 लाख लाभार्थियों के रिकॉर्ड में गंभीर खामियां सामने आई हैं। इस खुलासे के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने व्यापक जांच शुरू कर दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6,038 राशन कार्ड मृत व्यक्तियों के नाम पर दर्ज पाए गए हैं, जबकि 16 हजार से अधिक कार्ड डुप्लीकेट हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि सिस्टम में लंबे समय से गड़बड़ियां चली आ रही थीं।
बता दें कि जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से संपन्न लोग भी मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। दस्तावेजों के मुताबिक, 1.44 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों की सालाना आय 6 लाख रुपये से ज्यादा पाई गई है। वेरिफिकेशन के दौरान 19,346 कंपनी डायरेक्टर, 77,014 वाहन मालिक और 2,700 से अधिक ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं जिनका जीएसटी टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा करीब 1.59 लाख लाभार्थी जमीन के मालिक भी पाए गए हैं।
बता दें कि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी राशन कार्ड को रद्द नहीं किया गया है। विभाग ने 2.76 लाख कार्ड धारकों को कारण बताओ नोटिस और एसएमएस भेजे हैं। अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया नियमित सत्यापन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। दिल्ली के सभी 70 फूड सप्लाई ऑफिस (FSO) इस सत्यापन अभियान में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। पात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों का राशन तुरंत बहाल कर दिया जाएगा।
बता दें कि इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी भी गरीब का राशन रोकना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी धन और संसाधन सही लोगों तक पहुंचे।
प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हर साल इस तरह के सत्यापन अभियान चलाए जाते हैं, ताकि फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर प्रणाली में पारदर्शिता लाई जा सके और राशन की चोरी पर रोक लगाई जा सके। Delhi News