फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने दिया शांति का बड़ा संदेश
पीएम मोदी ने कहा, "हम इस बात से सहमत हैं कि कोई भी मुद्दा सिर्फ़ मिलिट्री लड़ाई से हल नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम लड़ाई को जल्दी खत्म करने और शांति बहाल करने की हर कोशिश का सपोर्ट करते रहेंगे।" उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही 'रूल ऑफ लॉ' और संवाद में विश्वास रखते हैं।

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के बीच हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज कई बड़ी घोषणाएं की गईं। इस दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक शांति और कूटनीति पर जोर देते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया कि कोई भी मुद्दा केवल सैन्य बल या संघर्ष से हल नहीं हो सकता।
युद्ध से नहीं, संवाद से होगा समाधान
पीएम मोदी ने कहा, "हम इस बात से सहमत हैं कि कोई भी मुद्दा सिर्फ़ मिलिट्री लड़ाई से हल नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम लड़ाई को जल्दी खत्म करने और शांति बहाल करने की हर कोशिश का सपोर्ट करते रहेंगे।" उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही 'रूल ऑफ लॉ' और संवाद में विश्वास रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं (Global Institutions) में सुधार करना अब न केवल आवश्यक हो गया है, बल्कि यह अत्यंत तत्काल है। साथ ही, आतंकवाद को उसके सभी रूपों में खत्म करना दोनों देशों का साझा वादा है।
तकनीक और व्यापार में नई उड़ान: 6G और क्वांटम कंप्यूटिंग पर जोर
इस मौके पर दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को लेकर भी बड़े कदम उठाए गए। पीएम मोदी ने घोषणा की कि साल 2026 की शुरुआत में होने वाला ऐतिहासिक भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को और मजबूत करेगा। भारत और फिनलैंड अपने संबंधों को एक 'रणनीतिक साझेदारी' का रूप दे रहे हैं, जिसका केंद्र डिजिटलीकरण और सस्टेनेबिलिटी होगा। इस साझेदारी के तहत 6G टेलीकॉम, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लीन एनर्जी जैसे हाई-टेक सेक्टरों में सहयोग को गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह कदम दोनों देशों को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
छात्रों और प्रतिभाओं के लिए नए रास्ते
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि फिनलैंड भारतीय छात्रों और प्रतिभाओं के लिए एक पसंदीदा गंतव्य (Preferred Destination) बनता जा रहा है। उन्होंने कहा, "दोनों देशों के इनोवेशन इको-सिस्टम को जोड़ने के लिए आज हमने फिनलैंड के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट किया है। इसके साथ ही हम जॉइंट रिसर्च एंड स्टार्टअप सहयोग को भी और मजबूत करने जा रहे हैं।" PM Modi
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के बीच हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज कई बड़ी घोषणाएं की गईं। इस दौरान पीएम मोदी ने वैश्विक शांति और कूटनीति पर जोर देते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया कि कोई भी मुद्दा केवल सैन्य बल या संघर्ष से हल नहीं हो सकता।
युद्ध से नहीं, संवाद से होगा समाधान
पीएम मोदी ने कहा, "हम इस बात से सहमत हैं कि कोई भी मुद्दा सिर्फ़ मिलिट्री लड़ाई से हल नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम लड़ाई को जल्दी खत्म करने और शांति बहाल करने की हर कोशिश का सपोर्ट करते रहेंगे।" उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही 'रूल ऑफ लॉ' और संवाद में विश्वास रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं (Global Institutions) में सुधार करना अब न केवल आवश्यक हो गया है, बल्कि यह अत्यंत तत्काल है। साथ ही, आतंकवाद को उसके सभी रूपों में खत्म करना दोनों देशों का साझा वादा है।
तकनीक और व्यापार में नई उड़ान: 6G और क्वांटम कंप्यूटिंग पर जोर
इस मौके पर दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को लेकर भी बड़े कदम उठाए गए। पीएम मोदी ने घोषणा की कि साल 2026 की शुरुआत में होने वाला ऐतिहासिक भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को और मजबूत करेगा। भारत और फिनलैंड अपने संबंधों को एक 'रणनीतिक साझेदारी' का रूप दे रहे हैं, जिसका केंद्र डिजिटलीकरण और सस्टेनेबिलिटी होगा। इस साझेदारी के तहत 6G टेलीकॉम, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लीन एनर्जी जैसे हाई-टेक सेक्टरों में सहयोग को गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह कदम दोनों देशों को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
छात्रों और प्रतिभाओं के लिए नए रास्ते
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि फिनलैंड भारतीय छात्रों और प्रतिभाओं के लिए एक पसंदीदा गंतव्य (Preferred Destination) बनता जा रहा है। उन्होंने कहा, "दोनों देशों के इनोवेशन इको-सिस्टम को जोड़ने के लिए आज हमने फिनलैंड के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट किया है। इसके साथ ही हम जॉइंट रिसर्च एंड स्टार्टअप सहयोग को भी और मजबूत करने जा रहे हैं।" PM Modi












