रेड फोर्ट धमाके के तार जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े, UN रिपोर्ट में बड़ा दावा

रिपोर्ट में यह भी दर्ज किया गया है कि जैश प्रमुख मसूद अजहर ने हाल के महीनों में संगठन के भीतर नई संरचनाओं/विंग्स की घोषणा की है, जिनमें ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक एक नई विंग का उल्लेख भी शामिल है।

दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट केस
दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट केस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Feb 2026 11:54 AM
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Delhi News : दिल्ली के लाल किला इलाके के पास हुए धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र की 37वीं रिपोर्ट में बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में जैश-ए-मोहम्मद का नाम एक बार फिर जांच-परिधि में आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 10 नवंबर को हुए इस हमले में 15 लोगों की मौत का दावा किया गया था और एक सदस्य देश की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी। रिपोर्ट में यह भी दर्ज किया गया है कि जैश प्रमुख मसूद अजहर ने हाल के महीनों में संगठन के भीतर नई संरचनाओं/विंग्स की घोषणा की है, जिनमें ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक एक नई विंग का उल्लेख भी शामिल है।

रिपोर्ट में क्या कहा गया है?

UN की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रेड फोर्ट के पास हुए हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी और एक सदस्य देश ने जानकारी दी कि इस वारदात की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली। हालांकि रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि इस निष्कर्ष पर सदस्य देशों के बीच एकराय नहीं है। इसी पृष्ठभूमि में भारत-पाकिस्तान के दावे फिर आमने-सामने दिखते हैं भारत जैश को अब भी सक्रिय और आतंकी नेटवर्क का हिस्सा मानता है, जबकि पाकिस्तान इसे प्रतिबंधों के बाद निष्क्रिय बताता रहा है। रिपोर्ट में मसूद अजहर द्वारा 8 अक्टूबर को महिलाओं की अलग विंग बनाने की घोषणा का भी जिक्र है, जिसे ‘जमात-उल-मुमिनात’ नाम दिया गया। यह विंग फिलहाल UN की प्रतिबंधित सूची में नहीं है, लेकिन रिपोर्ट में आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने जैसे आरोपों की चर्चा दर्ज है।

पहलगाम हमला और सैन्य तनाव भी रिपोर्ट में

रिपोर्ट में अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र है, जिसमें 26 लोगों की मौत का दावा किया गया था और TRF द्वारा जिम्मेदारी लेने की बात कही गई। रिपोर्ट में 28 जुलाई 2025 को तीन संदिग्ध आतंकियों के मारे जाने का उल्लेख भी शामिल है। इसके अलावा, मई 2025 में भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई और उसके बाद चार दिनों तक चले सैन्य तनाव का संदर्भ भी रिपोर्ट में दर्ज किया गया है। Delhi News

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दिल्ली में जंगलराज 24 घंटे में 6 हत्याओं पर आप पार्टी ने भाजपा को घेरा

दिल्ली में दो दिल्ली हैं। एक दिल्ली आम लोगों की है, जहां 24 घंटे में 6 लोग मारे जाते हैं, नालों और गड्ढों में गिरकर घर के चिराग बुझ रहे हैं। दूसरी दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता की है, जहां वे नाच-गा रही हैं, फीते काट रही हैं और छोले-भटूरे खा रही हैं।

Jungle Raj in Delhi
दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था चरमराई (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar11 Feb 2026 06:34 PM
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Delhi News : देश की राजधानी दिल्ली में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर राजनीतिक तलवार खिंच गई है। आप पार्टी ने बुधवार को केंद्र सरकार और भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए दिल्ली में 'जंगलराज' का आरोप लगाया। पार्टी ने पिछले 24 घंटे में हुई 6 हत्याओं और नालों-गड्ढों में गिरकर हो रही मौतों के लिए बीजेपी की 'चार इंजन' वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

केजरीवाल का हमला- एक साल में दिल्ली का सत्यानाश

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर भाजपा सरकार की लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महज एक साल के अंदर ही पूरी दिल्ली का सत्यानाश कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया, "इन्हें जनता की जान की भी कोई परवाह नहीं है। आखिर और कितनी जानें लेकर ये लापरवाह सरकार होश में आएगी?"

सौरभ भारद्वाज का सवाल- दो दिल्ली, दो अलग नजारे

आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बात करते हुए दिल्ली में बढ़ती अराजकता पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब माहौल ऐसा बन गया है जहां 24 घंटे के अंदर 6-6 हत्याएं हो रही हैं। इनमें 9वीं-10वीं कक्षा के बच्चों की भी हत्याएं शामिल हैं। सौरभ भारद्वाज ने 'दो दिल्ली' का सिद्धांत गिनाते हुए एक के बाद एक सवाल दागे। उन्होंने कहा, "दिल्ली में दो दिल्ली हैं। एक दिल्ली आम लोगों की है, जहां 24 घंटे में 6 लोग मारे जाते हैं, नालों और गड्ढों में गिरकर घर के चिराग बुझ रहे हैं। दूसरी दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता की है, जहां वे नाच-गा रही हैं, फीते काट रही हैं और छोले-भटूरे खा रही हैं।"

एलजी और केंद्र सरकार पर उठे सवाल

सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और केंद्रीय गृह मंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब पहले कोई घटना होती थी, तो एलजी खुद को 'लोकल गार्जियन' कहते थे और तत्कालीन आप सरकार को घेरने के लिए अफसरों की फौज लेकर निकल पड़ते थे। लेकिन अब जब पूरी व्यवस्था (एमसीडी, डीडीए, दिल्ली सरकार, एलजी और केंद्र) बीजेपी के पास है, तो सब चुप हैं। उन्होंने कहा, "लगता है ये लोग किसी और दिल्ली में घूम रहे हैं, जहां सिर्फ भजन हो रहे हैं।"

खुले नालों और डीडीए को दोषी बताया

अपराध के साथ-साथ आप नेताओं ने बुनियादी ढांचे की खराबी पर भी सवाल उठाए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एलजी स्वयं को नदी-नालों के विशेषज्ञ कहते हैं और डीडीए भी उन्हीं के अधीन आता है। पहले बीजेपी दूसरों पर दोष मढ़ने में सबसे आगे रहती थी, लेकिन अब गड्ढा हो, खुला नाला हो या इमारत गिरना, यह सब बीजेपी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मासूम लोगों की जान जाने के बावजूद सरकार का पूरा तंत्र मौन है। Delhi News

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ओम बिरला को हटाने के नोटिस पर सियासत तेज, रिजिजू का कांग्रेस पर गंभीर आरोप

ओम बिरला पर ‘पार्टीबाजी’ का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने का नोटिस दिया था। विपक्ष का कहना है कि स्पीकर ने राहुल गांधी को बोलने से रोका और सदन की कार्यवाही निष्पक्ष तरीके से नहीं चलाई। विपक्ष ने मांग की है कि मामले के समाधान तक बिरला सदन की अध्यक्षता न करें।

Budget session of Parliament0
ओम बिरला को हटाने की मांग पर सियासी संग्राम (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar11 Feb 2026 05:18 PM
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Parliament Budget Session: संसद के बजट सत्र में जारी गतिरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के विपक्ष के नोटिस ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उसके सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष के चैंबर में घुसकर अभद्र व्यवहार किया।

मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि बुधवार को 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में पहुंचे और वहां अपशब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “मैं स्वयं वहां मौजूद था। लोकसभा अध्यक्ष बेहद शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं। अगर वे चाहते तो कड़ी कार्रवाई कर सकते थे, लेकिन उन्होंने संयम बरता।” रिजिजू ने इसे संसद की मर्यादा और नियमों का उल्लंघन बताया।

राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति

रिजिजू ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें सदन में बोलने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने कहा कि सदन में बोलने के लिए आसन की अनुमति अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री तक बिना स्पीकर की अनुमति के नहीं बोलते। सभी सदस्यों को नियमों का पालन करना चाहिए।”

विपक्ष का पलटवार

इससे पहले विपक्षी दलों ने ओम बिरला पर ‘पार्टीबाजी’ का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने का नोटिस दिया था। विपक्ष का कहना है कि स्पीकर ने राहुल गांधी को बोलने से रोका और सदन की कार्यवाही निष्पक्ष तरीके से नहीं चलाई। विपक्ष ने मांग की है कि मामले के समाधान तक बिरला सदन की अध्यक्षता न करें। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब के दौरान सदन में न आने का अनुरोध किया गया था।

वीडियो फुटेज जारी

अपने आरोपों के समर्थन में किरेण रिजिजू ने 4 फरवरी की कार्यवाही का एक वीडियो भी जारी किया। वीडियो में कुछ विपक्षी महिला सांसद ट्रेजरी बेंच के पास जाती दिखाई दे रही हैं। रिजिजू ने सवाल उठाया कि क्या इस प्रकार का व्यवहार संसदीय परंपराओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि इस तरह के दृश्य पहले कभी नहीं देखे गए।

वहीं, भाजपा ने विपक्ष के नोटिस को संसदीय लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश बताया है। रिजिजू ने यह भी कहा कि यदि भाजपा सांसदों को जवाब देने की अनुमति दी जाती तो स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती थी। Parliament Budget Session

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