डिजिटल डकैतों पर 'हंटर': गृह मंत्री की चेतावनी के बाद साइबर ठगों के खिलाफ महा-अभियान शुरू
अमित शाह ने बताया कि देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 25 हजार से बढ़कर 100 करोड़ से अधिक हो चुकी है और 1 जीबी डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत की कमी आई है। “दुनिया का हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है।

Delhi News : देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीबीआई की नई साइबर क्राइम यूनिट का उद्घाटन किया और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के S4C डैशबोर्ड को लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने साइबर ठगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब ठगी के पूरे ईकोसिस्टम को खत्म किया जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि यह एक ऐसी साझा व्यवस्था है, जिसमें अलग-अलग विभाग और एजेंसियां एक मंच पर आकर साइबर अपराध से मुकाबला करेंगी। उन्होंने कहा कि जब सभी प्रयास एक दिशा में होते हैं, तभी इच्छित परिणाम मिलते हैं। भारत की 11 साल की डिजिटल यात्रा में साइबर सुरक्षा सबसे अहम विषय है।
डिजिटल भारत और बढ़ता जोखिम
अमित शाह ने बताया कि देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 25 हजार से बढ़कर 100 करोड़ से अधिक हो चुकी है और 1 जीबी डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत की कमी आई है। “दुनिया का हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है। 97 करोड़ से ज्यादा जनधन खातों और संस्थानों के डेटा की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने आगाह किया कि देश के संगठनों का डेटा चोरी कर शत्रु देशों को बेचे जाने की कोशिशें भी हो रही हैं, जिसे हर हाल में रोका जाएगा।
बैंक फ्रॉड, सिम कार्ड और गिरफ्तारी
अमित शाह के अनुसार, 20 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामलों में से 8 हजार करोड़ रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं। अब तक 12 लाख सिम कार्ड रद्द किए गए हैं और 20 हजार से अधिक साइबर अपराधियों को पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा अब केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा विषय बन चुकी है।
शिकायतें, 1930 हेल्पलाइन और म्यूल अकाउंट
अमित शाह ने कहा कि 30 नवंबर 2025 तक लाखों/करोड़ों साइबर शिकायतें दर्ज हुई हैं और बड़ी संख्या में एफआईआर भी हुई हैं। उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आपात स्थिति में समय पर कॉल रिसीव न होने से पीड़ित का पैसा जा सकता है और इससे व्यवस्था की छवि खराब होती है। उन्होंने “म्यूल अकाउंट” को साइबर अपराध की बड़ी कड़ी बताते हुए कहा कि इन्हें अब संगठित अपराध की तरह खरीदा-बेचा जा रहा है। आरबीआई और गृह मंत्रालय द्वारा विकसित म्यूल अकाउंट हंटर ऐप को सभी सरकारी और निजी बैंकों में अपनाने की अपील की गई।
I4C से जुड़े 795 संस्थान
अमित शाह ने बताया कि अब तक I4C से 795 संस्थान जुड़ चुके हैं। उन्होंने राज्यों की पुलिस, बैंकों और जांच एजेंसियों से बेहतर समन्वय की अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए तो साइबर अपराध “क्राइसिस” का रूप ले सकता है। अंत में अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा तंत्र विकसित करने और पीड़ितों से सीबीआई व एनआईए जैसी एजेंसियों के सीधे संवाद पर जोर दिया, ताकि साइबर ठगी के खिलाफ तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। Delhi News
Delhi News : देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीबीआई की नई साइबर क्राइम यूनिट का उद्घाटन किया और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के S4C डैशबोर्ड को लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने साइबर ठगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब ठगी के पूरे ईकोसिस्टम को खत्म किया जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि यह एक ऐसी साझा व्यवस्था है, जिसमें अलग-अलग विभाग और एजेंसियां एक मंच पर आकर साइबर अपराध से मुकाबला करेंगी। उन्होंने कहा कि जब सभी प्रयास एक दिशा में होते हैं, तभी इच्छित परिणाम मिलते हैं। भारत की 11 साल की डिजिटल यात्रा में साइबर सुरक्षा सबसे अहम विषय है।
डिजिटल भारत और बढ़ता जोखिम
अमित शाह ने बताया कि देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 25 हजार से बढ़कर 100 करोड़ से अधिक हो चुकी है और 1 जीबी डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत की कमी आई है। “दुनिया का हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है। 97 करोड़ से ज्यादा जनधन खातों और संस्थानों के डेटा की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने आगाह किया कि देश के संगठनों का डेटा चोरी कर शत्रु देशों को बेचे जाने की कोशिशें भी हो रही हैं, जिसे हर हाल में रोका जाएगा।
बैंक फ्रॉड, सिम कार्ड और गिरफ्तारी
अमित शाह के अनुसार, 20 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामलों में से 8 हजार करोड़ रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं। अब तक 12 लाख सिम कार्ड रद्द किए गए हैं और 20 हजार से अधिक साइबर अपराधियों को पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा अब केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा विषय बन चुकी है।
शिकायतें, 1930 हेल्पलाइन और म्यूल अकाउंट
अमित शाह ने कहा कि 30 नवंबर 2025 तक लाखों/करोड़ों साइबर शिकायतें दर्ज हुई हैं और बड़ी संख्या में एफआईआर भी हुई हैं। उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आपात स्थिति में समय पर कॉल रिसीव न होने से पीड़ित का पैसा जा सकता है और इससे व्यवस्था की छवि खराब होती है। उन्होंने “म्यूल अकाउंट” को साइबर अपराध की बड़ी कड़ी बताते हुए कहा कि इन्हें अब संगठित अपराध की तरह खरीदा-बेचा जा रहा है। आरबीआई और गृह मंत्रालय द्वारा विकसित म्यूल अकाउंट हंटर ऐप को सभी सरकारी और निजी बैंकों में अपनाने की अपील की गई।
I4C से जुड़े 795 संस्थान
अमित शाह ने बताया कि अब तक I4C से 795 संस्थान जुड़ चुके हैं। उन्होंने राज्यों की पुलिस, बैंकों और जांच एजेंसियों से बेहतर समन्वय की अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए तो साइबर अपराध “क्राइसिस” का रूप ले सकता है। अंत में अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा तंत्र विकसित करने और पीड़ितों से सीबीआई व एनआईए जैसी एजेंसियों के सीधे संवाद पर जोर दिया, ताकि साइबर ठगी के खिलाफ तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। Delhi News












