इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: वैश्विक मंच पर भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन में भाग लेने वाले वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और तकनीकी प्रेमियों का हार्दिक स्वागत किया। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने अपनी खुशी जताई।

India AI Impact Summit 2026
AI परिवर्तन में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ता भारत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar16 Feb 2026 06:06 PM
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India AI Impact Summit 2026 : भारत ने वैश्विक प्रौद्योगिकी मंच पर अपना वर्चस्व स्थापित करते हुए राजधानी दिल्ली में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' (India AI Impact Summit 2026) का भव्य आयोजन किया है। ग्लोबल साउथ (Global South) का यह अब तक का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सम्मेलन होने का गौरव भारत को मिला है, जो वैश्विक एआई परिवर्तन में देश के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।

सोमवार से शुरू हुए इस पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में दुनिया भर की नज़रें भारत मंडपम पर हैं। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि (Delegates) शामिल हो रहे हैं, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष व सरकार प्रमुखों के अलावा विभिन्न देशों के 40-45 वरिष्ठ मंत्री अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह भारत की सूचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बढ़ती पकड़ का प्रमाण है।

पीएम मोदी ने किया वैश्विक नेताओं का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन में भाग लेने वाले वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और तकनीकी प्रेमियों का हार्दिक स्वागत किया। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने अपनी खुशी जताते हुए लिखा कि यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि India AI Impact Summit के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर इस बात का प्रमाण है कि भारत विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है।

'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' रहा मूल मंत्र

इस बार के समिट की थीम बहुत ही सार्थक है— 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय'। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि यह थीम मानव केंद्रित प्रगति और समावेशी विकास के लिए AI के उपयोग की भारत की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह उस तकनीकी का उपयोग समाज के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एआई परिवर्तन में भारत का नेतृत्व

वैश्विक एआई परिदृश्य में भारत की स्थिति को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 1.4 अरब की जनसंख्या की शक्ति, मजबूत डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI), तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और हाई-टेक रिसर्च की वजह से भारत एआई परिवर्तन में दुनिया में सबसे आगे खड़ा है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "AI पर चर्चा करने के लिए पूरी दुनिया इकट्ठा हो रही है! आज AI स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई सेक्टरों में जीवन को बदल रहा है।" उनका मानना है कि यह समिट नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उपयोग जैसे विविध पहलुओं पर वैश्विक चर्चा को समृद्ध करेगा।

सम्मेलन का महत्व

यह सम्मेलन न केवल तकनीकी विशेषज्ञों के लिए बल्कि भविष्य की नीतियों को आकार देने के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री को विश्वास है कि इस शिखर सम्मेलन के परिणाम एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य को आकार देने में सहायक सिद्ध होंगे। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस समिट के माध्यम से दुनिया को यह संदेश मिल रहा है कि भारत 'एआई फॉर गुड' (AI for Good) का सबसे बड़ा समर्थक और सक्षम नेता है। India AI Impact Summit 2026

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AI समिट से पहले दिल्ली में कड़ा पहरा, 10 हजार पुलिस तैनात

दिल्ली में सम्मेलन के दौरान वीआईपी/वीवीआईपी मूवमेंट और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के चलते कई अहम सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं।

दिल्ली में पुलिस का सख्त पहरा
दिल्ली में पुलिस का सख्त पहरा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Feb 2026 12:30 PM
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Delhi News : दिल्ली में आज से शुरू हो रहे पांच दिवसीय ‘AI इम्पैक्ट समिट’ के साथ ही राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। दिल्ली में सम्मेलन के दौरान वीआईपी/वीवीआईपी मूवमेंट और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के चलते कई अहम सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इंतजामों का मकसद सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि यह भी है कि यात्रियों और बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को कम से कम परेशानी हो।

भारत मंडपम के आसपास कड़ा पहरा

सम्मेलन स्थल भारत मंडपम और उसके आसपास के इलाकों के साथ राजधानी के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा घेरा और सख्त किया गया है। जिला इकाइयों, विशेष टीमों, ट्रैफिक स्टाफ और रिजर्व फोर्स को मिलाकर 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम में मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, विदेशी प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सदस्यों सहित 30 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।

ट्रैफिक मैनेजमेंट पर विशेष फोकस

पुलिस के मुताबिक आयोजन स्थल तक पहुंच QR कोड आधारित प्रमाणीकरण के जरिए नियंत्रित की जाएगी। वहीं सम्मेलन अवधि में खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान, ट्रैफिक कंट्रोल, रूट प्लानिंग और रीयल-टाइम रिएक्शन की निगरानी के लिए एक समन्वय (कोऑर्डिनेशन) सेल भी बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक कंट्रोल इस पूरे ऑपरेशन का सबसे बड़ा फोकस रहेगा। वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और वैकल्पिक मार्गों को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए करीब 5,000 ट्रैफिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए वीवीआईपी मार्गों पर कई एम्बुलेंस भी तैनात रहेंगी।

छात्रों के लिए अलग व्यवस्था

यह समिट 17 फरवरी से शुरू होने वाली CBSE बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही आयोजित हो रहा है, इसलिए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है। पुलिसकर्मियों को सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले छात्रों की मदद के लिए ब्रीफ किया गया है। साथ ही, वीआईपी रूट पर पड़ने वाले स्कूलों के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है ताकि परीक्षार्थियों को समय पर पहुंचने में दिक्कत न हो। नई दिल्ली जिला और आसपास के क्षेत्रों में कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित/बंद रहने की संभावना है। इनमें मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, जनपथ, अकबर रोड और शांति पथ जैसे मार्ग शामिल बताए गए हैं। सम्मेलन से जुड़ी आवाजाही के दौरान भैरों मार्ग और मथुरा रोड के कुछ हिस्सों पर अस्थायी प्रतिबंध लग सकते हैं। सामान्य यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग और कॉरिडोर तय किए हैं।

यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारी

दिल्ली मेट्रो का संचालन सामान्य रहेगा, लेकिन वीआईपी मूवमेंट के दौरान कुछ समय के लिए बसों और टैक्सियों के रूट डायवर्ट किए जा सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले रूट और ट्रैफिक अपडेट जरूर जांच लें, भीड़भाड़ वाले समय में अतिरिक्त समय का बफर रखकर चलें और सिर्फ आधिकारिक एडवाइजरी/सोशल मीडिया अपडेट्स पर भरोसा करें। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि एम्बुलेंस समेत आपातकालीन सेवाओं और जरूरी वाहनों की आवाजाही पूरे शहर में बिना रुकावट जारी रहेगी। Delhi News

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दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए तबादले, 72 अफसरों की पोस्टिंग बदली

दिल्ली सेवा विभाग के आदेश के अनुसार 36 IAS अधिकारियों को या तो नए विभागों में भेजा गया है या उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं। वहीं, 36 DANICS अधिकारियों के तबादलों के साथ कई विभागों में जिम्मेदारी का नया बंटवारा भी किया गया है।

दिल्ली प्रशासन में री-शफल
दिल्ली प्रशासन में री-शफल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Feb 2026 11:08 AM
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Delhi News : दिल्ली की सत्ता-प्रशासन में बड़ा फेरबदल सामने आया है। दिल्ली सरकार ने एक ही आदेश में 72 वरिष्ठ अफसरों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार तय कर दिए हैं। इस reshuffle में एजीएमयूटी कैडर के IAS के साथ-साथ DANICS सेवा के अधिकारी भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली में विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करने और फैसलों की रफ्तार बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

दिल्ली सेवा विभाग के आदेश के अनुसार 36 IAS अधिकारियों को या तो नए विभागों में भेजा गया है या उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं। वहीं, 36 DANICS अधिकारियों के तबादलों के साथ कई विभागों में जिम्मेदारी का नया बंटवारा भी किया गया है। इसी क्रम में 1998 बैच के IAS संतोष डी. वैद्य को प्रधान सचिव (गृह) बनाया गया है और उन्हें वित्त, योजना व उद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उधर, 1992 बैच के IAS बिपुल पाठक, जो फिलहाल अतिरिक्त मुख्य सचिव (समाज कल्याण) हैं, को एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

दिल्ली प्रशासन में बड़ा री-शफल डूसिब (DUSIB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे 2006 बैच के आईएएस अधिकारी रूपेश कुमार ठाकुर को सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) नियुक्त किया गया है। वे 2002 बैच के आईएएस अधिकारी निखिल कुमार का स्थान लेंगे। निखिल कुमार को अब आयुक्त (व्यापार एवं कर) की जिम्मेदारी दी गई है। हाल ही में दिल्ली सरकार में शामिल हुए 2011 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव आहूजा को सचिव (शिक्षा) नियुक्त किया गया है। उन्हें उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं, शिक्षा सचिव रहे 2004 बैच के आईएएस अधिकारी पांडुरंग पोले को सामान्य प्रशासन विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया है और उन्हें श्रम आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है। 2003 बैच के आईएएस अधिकारी नीरज सेमवाल (राजस्व सचिव एवं मंडलायुक्त) को बिजली विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहीं 2003 बैच की आईएएस अधिकारी पद्मा जायसवाल को प्रशासनिक सुधार विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।

बड़े प्रभारों में बड़ा फेरबदल

2005 बैच के आईएएस अधिकारी विजय बिधूड़ी (शहरी विकास सचिव) को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहे 2008 बैच के आईएएस अधिकारी यशपाल गर्ग को सचिव (योजना) नियुक्त किया गया है और उन्हें भूमि एवं भवन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसके अलावा, नई दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट और 2018 बैच के आईएएस अधिकारी सनी कुमार सिंह को विशेष सचिव (बिजली) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। Delhi News

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