लाल किला विस्फोट 2025: ‘व्हाइट-कॉलर टेरर’ नेटवर्क का खुलासा
जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल ‘अंसार इंटरिम’ नाम से सक्रिय था। सूत्रों के मुताबिक, इसका कथित मास्टरमाइंड 28 वर्षीय डॉक्टर उमर-उन-नबी है, जो 2016 से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकाव रखता था। बताया जा रहा है कि 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक के दौरान इस संगठन की नींव रखी गई।

Lal Qila Blast 2025: लाल किला विस्फोट 2025 मामले में जांच एजेंसियों ने बड़े खुलासे किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह साजिश पारंपरिक आतंकी ढांचे से अलग एक कथित “व्हाइट-कॉलर टेरर” मॉडल पर आधारित थी, जिसमें पढ़े-लिखे और पेशेवर पृष्ठभूमि वाले लोगों को नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया।
‘अंसार इंटरिम’ नाम से संचालित मॉड्यूल
जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल ‘अंसार इंटरिम’ नाम से सक्रिय था। सूत्रों के मुताबिक, इसका कथित मास्टरमाइंड 28 वर्षीय डॉक्टर उमर-उन-नबी है, जो 2016 से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकाव रखता था। बताया जा रहा है कि 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक के दौरान इस संगठन की नींव रखी गई।
एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य पारंपरिक आतंकवादी तरीकों से हटकर शिक्षित युवाओं और पेशेवरों को जोड़ते हुए एक ऐसा तंत्र तैयार करना था जो सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर काम कर सके।
हरियाणा कनेक्शन: विस्फोटक तैयार करने का आरोप
जांच में हरियाणा से जुड़े ठिकानों पर कथित रूप से TATP (ट्रायएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड) जैसे अत्यंत संवेदनशील विस्फोटक तैयार किए जाने की बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, साजिश के तहत एक VBIED (वाहन-जनित आईईडी) के जरिए दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने की योजना थी।
NIA की कार्रवाई
इस मामले की जांच National Investigation Agency (NIA) कर रही है। एजेंसी ने अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें पेशेवर और धार्मिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच अधिकारी नेटवर्क की फंडिंग, डिजिटल ट्रेल और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी पड़ताल कर रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला दर्शाता है कि कट्टरपंथी नेटवर्क अब पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर शहरी और पेशेवर ढांचे में पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां देशभर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं और अन्य संभावित मॉड्यूल्स की जांच जारी है। Lal Qila Blast 2025
Lal Qila Blast 2025: लाल किला विस्फोट 2025 मामले में जांच एजेंसियों ने बड़े खुलासे किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह साजिश पारंपरिक आतंकी ढांचे से अलग एक कथित “व्हाइट-कॉलर टेरर” मॉडल पर आधारित थी, जिसमें पढ़े-लिखे और पेशेवर पृष्ठभूमि वाले लोगों को नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया।
‘अंसार इंटरिम’ नाम से संचालित मॉड्यूल
जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल ‘अंसार इंटरिम’ नाम से सक्रिय था। सूत्रों के मुताबिक, इसका कथित मास्टरमाइंड 28 वर्षीय डॉक्टर उमर-उन-नबी है, जो 2016 से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकाव रखता था। बताया जा रहा है कि 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक के दौरान इस संगठन की नींव रखी गई।
एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य पारंपरिक आतंकवादी तरीकों से हटकर शिक्षित युवाओं और पेशेवरों को जोड़ते हुए एक ऐसा तंत्र तैयार करना था जो सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर काम कर सके।
हरियाणा कनेक्शन: विस्फोटक तैयार करने का आरोप
जांच में हरियाणा से जुड़े ठिकानों पर कथित रूप से TATP (ट्रायएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड) जैसे अत्यंत संवेदनशील विस्फोटक तैयार किए जाने की बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, साजिश के तहत एक VBIED (वाहन-जनित आईईडी) के जरिए दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने की योजना थी।
NIA की कार्रवाई
इस मामले की जांच National Investigation Agency (NIA) कर रही है। एजेंसी ने अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें पेशेवर और धार्मिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच अधिकारी नेटवर्क की फंडिंग, डिजिटल ट्रेल और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी पड़ताल कर रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला दर्शाता है कि कट्टरपंथी नेटवर्क अब पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर शहरी और पेशेवर ढांचे में पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां देशभर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं और अन्य संभावित मॉड्यूल्स की जांच जारी है। Lal Qila Blast 2025












