Weather Update: फरवरी के अंतिम दिनों में देश के मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और कई राज्यों में गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगी है। IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में भारी बारिश ला सकता है।

फरवरी के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां कुछ दिन पहले तक उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का असर था वहीं अब तापमान तेजी से चढ़ने लगा है। दूसरी ओर दक्षिण भारत में बादल सक्रिय हो गए हैं और कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो अलग रंग देखने को मिलेंगे उत्तर में बढ़ती गर्मी और दक्षिण में बरसात।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार (22 फरवरी) को दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में भारी बारिश ला सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है। मछुआरों को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और केरल तट पर समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने एहतियात बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
जहां दक्षिण में बादल बरसेंगे, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। फरवरी खत्म होते-होते कई शहरों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक नवदीप दहिया के अनुसार अगले सप्ताह दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में तापमान 33 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। उन्होंने फरवरी के अंत में असामान्य गर्मी की चेतावनी दी है।
हालांकि दिन में धूप तेज रहने की संभावना है लेकिन रविवार सुबह और रात के समय पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हल्की ठंड का असर बना रह सकता है। अगर ठंडी हवाएं चलती रहीं तो तापमान में मामूली गिरावट भी दर्ज की जा सकती है।
हाल ही में हरियाणा और पंजाब के कुछ इलाकों में घना से अति घना कोहरा देखा गया। हरियाणा के करनाल में दृश्यता घटकर 40 मीटर तक पहुंच गई थी जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विशेषज्ञ देवेंद्र त्रिपाठी के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा सिस्टम महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में हल्के बादल ला सकता है। हालांकि इन क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना कम बताई गई है। दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बादल घिरे रह सकते हैं लेकिन तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में वास्तविक बारिश की संभावना काफी कम है।
Skymet Weather की रिपोर्ट के अनुसार एल नीनो की स्थिति इस वर्ष वैश्विक तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक ले जा सकती है। इसका असर भारत के मौसम पर भी पड़ सकता है जिससे तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है।