गलगोटियाज यूनिवर्सिटी ने AI समिट में की शर्मनाक हरकत, केंद्र ने लिया कड़ा एक्शन
समिट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विवाद के बाद ग्रेटर नोएडा के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी गलगोटियाज यूनिवर्सिटी को समिट के एग्जिबिशन एरिया से बाहर कर दिया गया है और स्टॉल से उपकरण हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

Delhi News : दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी गलगोटियाज यूनिवर्सिटी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। ग्रेटर नोएडा के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी गलगोटियाज यूनिवर्सिटी पर देश की छवि खराब करने का लगा है। समिट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विवाद के बाद ग्रेटर नोएडा के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी गलगोटियाज यूनिवर्सिटी को समिट के एग्जिबिशन एरिया से बाहर कर दिया गया है और स्टॉल से उपकरण हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
काउंटर खाली करने का निर्देश
जानकारी के मुताबिक, आईटी मंत्रालय/आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी को समिट में मिले काउंटर/स्पेस को खाली करने के निर्देश दिए। इसके बाद स्टॉल पर रखे इक्विपमेंट और जिस डिवाइस को लेकर दावा-विवाद चल रहा था, उसे भी हटाए जाने की बात कही जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद ग्रेटर नोएडा की यूनिवर्सिटी अचानक राष्ट्रीय मंच पर तीखी बहस के केंद्र में आ गई है। हालांकि, गलगोटियाज़ यूनिवर्सिटी की ओर से इस दावे पर अलग पक्ष भी सामने आया है। यूनिवर्सिटी से जुड़ी डॉ. ऐश्वर्या श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें अब तक समिट छोड़ने या एग्जिबिशन खाली करने के संबंध में कोई औपचारिक आदेश नहीं मिला है। उनके अनुसार, यूनिवर्सिटी अगले कुछ दिनों तक एग्जिबिशन में बने रहने की तैयारी में है।
सोशल मीडिया से उठा मुद्दा
विवाद बढ़ने के बीच यूनिवर्सिटी ने भी सार्वजनिक तौर पर सफाई दी है। ग्रेटर नोएडा स्थित यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि डिस्प्ले पर रखा रोबोडॉग चीनी रोबोटिक्स कंपनी Unitree से खरीदा गया था और इसे छात्रों के लिए लर्निंग टूल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि उसने कभी यह दावा नहीं किया कि यह डिवाइस उसी ने बनाया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए दावा किया गया कि समिट में Unitree Go2 (एक AI-पावर्ड चीनी रोबोडॉग) को “ओरियन” नाम से प्रदर्शित किया गया। इसके बाद कई यूज़र्स ने आरोप लगाए कि इम्पोर्टेड टेक्नोलॉजी को देश में विकसित बताकर “अपने प्रोडक्ट” के रूप में पेश किया गया। Delhi News
Delhi News : दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी गलगोटियाज यूनिवर्सिटी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। ग्रेटर नोएडा के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी गलगोटियाज यूनिवर्सिटी पर देश की छवि खराब करने का लगा है। समिट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विवाद के बाद ग्रेटर नोएडा के प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी गलगोटियाज यूनिवर्सिटी को समिट के एग्जिबिशन एरिया से बाहर कर दिया गया है और स्टॉल से उपकरण हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
काउंटर खाली करने का निर्देश
जानकारी के मुताबिक, आईटी मंत्रालय/आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी को समिट में मिले काउंटर/स्पेस को खाली करने के निर्देश दिए। इसके बाद स्टॉल पर रखे इक्विपमेंट और जिस डिवाइस को लेकर दावा-विवाद चल रहा था, उसे भी हटाए जाने की बात कही जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद ग्रेटर नोएडा की यूनिवर्सिटी अचानक राष्ट्रीय मंच पर तीखी बहस के केंद्र में आ गई है। हालांकि, गलगोटियाज़ यूनिवर्सिटी की ओर से इस दावे पर अलग पक्ष भी सामने आया है। यूनिवर्सिटी से जुड़ी डॉ. ऐश्वर्या श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें अब तक समिट छोड़ने या एग्जिबिशन खाली करने के संबंध में कोई औपचारिक आदेश नहीं मिला है। उनके अनुसार, यूनिवर्सिटी अगले कुछ दिनों तक एग्जिबिशन में बने रहने की तैयारी में है।
सोशल मीडिया से उठा मुद्दा
विवाद बढ़ने के बीच यूनिवर्सिटी ने भी सार्वजनिक तौर पर सफाई दी है। ग्रेटर नोएडा स्थित यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि डिस्प्ले पर रखा रोबोडॉग चीनी रोबोटिक्स कंपनी Unitree से खरीदा गया था और इसे छात्रों के लिए लर्निंग टूल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि उसने कभी यह दावा नहीं किया कि यह डिवाइस उसी ने बनाया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए दावा किया गया कि समिट में Unitree Go2 (एक AI-पावर्ड चीनी रोबोडॉग) को “ओरियन” नाम से प्रदर्शित किया गया। इसके बाद कई यूज़र्स ने आरोप लगाए कि इम्पोर्टेड टेक्नोलॉजी को देश में विकसित बताकर “अपने प्रोडक्ट” के रूप में पेश किया गया। Delhi News












