केजरीवाल ने भाजपा पर लगाया स्वतंत्रता सेनानियों को अपमानित करने का आरोप

ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा भवन में मौजूद 'फांसी घर' को लेकर उठ रहे सवालों पर केजरीवाल ने स्पष्ट किया, "दिल्ली विधानसभा का परिसर ऐतिहासिक इमारत है। 1912 में जब राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ट्रांसफर की गई थी, तब यह बिल्डिंग बनाई गई थी।

Kejriwal has called the BJP gallows.
केजरीवाल ने सरकार को घेरा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Mar 2026 08:02 PM
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Delhi News : दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए। 'फांसी घर' विवाद को लेकर समिति के सामने पेश होने के बाद केजरीवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रही है और दिल्ली के विकास के मुद्दों से भाग रही है।

'मुझे खुशी होती अगर सीवर-सड़क के बारे में पूछते'

समिति की सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, "मुझे खुशी होती अगर कोई समिति ये पूछती कि केजरीवाल बताइए कि सीवर कैसे ठीक होगी, सड़क कैसे ठीक होगी, तो मैं अपने अनुभव शेयर करता। लेकिन इनको दिल्ली चलानी नहीं है। इनका मकसद केवल राजनीति करना है।" उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का मकसद सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी करना है, जबकि दिल्ली के मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

फांसी घर बनाम टिफिन रूम का विवाद

ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा भवन में मौजूद 'फांसी घर' को लेकर उठ रहे सवालों पर केजरीवाल ने स्पष्ट किया, "दिल्ली विधानसभा का परिसर ऐतिहासिक इमारत है। 1912 में जब राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ट्रांसफर की गई थी, तब यह बिल्डिंग बनाई गई थी। 2022 में तत्कालीन स्पीकर राम निवास गोयल के प्रयास से पता चला था कि एक कोने में फांसी घर था, जहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी।" उन्होंने बताया कि तत्कालीन स्पीकर ने सुझाव दिया था कि इसे पर्यटकों के लिए खोला जाना चाहिए ताकि लोग प्रेरणा ले सकें और उन्होंने उसे खोला भी था। केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "अब जब से इनकी सरकार आई है, ये साबित करने में लगे हुए हैं कि यह फांसी घर नहीं, बल्कि 'टिफिन रूम' था। मैं समझता हूं कि स्वतंत्रता सेनानियों का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता।" उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "मुझे साबित करने को कहा गया कि यह फांसी घर है, तो मैंने पूछा कि आपके पास क्या सबूत है कि यह टिफिन रूम था? इनके पास कोई सबूत नहीं है।"

'दिल्ली का बुरा हाल, लोग रो रहे हैं'

पूर्व सीएम ने दिल्ली की वर्तमान स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। केजरीवाल ने कहा, "जब से भाजपा की सरकार आई है, दिल्ली का बुरा हाल हुआ पड़ा है। दिल्ली वाले रो रहे हैं और वापस आप पार्टी की सरकार को याद कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि चारों तरफ कूड़ा ही कूड़ा है, प्रदूषण का स्तर बहुत खराब है, सड़कें टूटी पड़ी हैं और पानी-बिजली के हजारों रुपये के बिल आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है और सरकार को टाइम पास के लिए सिर्फ यही मुद्दा मिला है। Delhi News

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दिल्ली में भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन

हिंदी देश को जोड़ने का कार्य करती है। कवि समाज का वह सूत्रधार है, जो कठिन से कठिन बात को सरल शब्दों में कह देता है और व्यंग्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच जगाता है।

Delhi Arya Samaj Srinivas Puri
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का सफल आयोजन (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar06 Mar 2026 05:48 PM
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Delhi News : केंद्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में दिल्ली आर्य समाज, श्रीनिवास पुरी में एक भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं कुशल संचालन करते हुए केंद्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि हिंदी के विकास में कवि सम्मेलनों का अत्यधिक योगदान रहा है।

हिंदी देश को जोड़ती है

अपने संबोधन के दौरान अनिल आर्य ने कहा कि हिंदी देश को जोड़ने का कार्य करती है। कवि समाज का वह सूत्रधार है, जो कठिन से कठिन बात को सरल शब्दों में कह देता है और व्यंग्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच जगाता है। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को सामाजिक जागरूकता के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

कवियों ने बांधा समा

इस मंच पर राष्ट्रीय कवि प्रो. सारस्वत मोहन मनीषी ने अपनी कविताओं के माध्यम से व्यवस्था पर कटाक्ष किया और कहा कि जिस दिन दिल्ली ठीक हो गई, देश ठीक हो जाएगा। वहीं, सत्य प्रकाश भारद्वाज ने देशभक्ति पूर्ण गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गायिका पिंकी आर्या ने ओजस्वी गीतों से वातावरण में जोश भर दिया, जबकि कुलदीप बृजवासी ने हास्य-व्यंग्य से लोगों का खूब मनोरंजन किया।

सामाजिक समरसता का संदेश

आर्य रवि देव गुप्त ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें सामाजिक समरसता के लिए कार्य करते हुए समाज को जोड़ने का कार्य करना होगा। इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष प्रवीण आर्य ने अमर शहीद पंडित लेख राम के बलिदान दिवस को याद किया और कहा कि वे हिंदू धर्म के लिए बलिदान हो गए, उन्हें शत-शत नमन। Delhi News

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महीनों से समुद्र में भटक रहे रूसी तेल जहाज भारत लौटे, सप्लाई कटने का डर खत्म?

अमेरिकी प्रतिबंधों और व्यापारिक दबाव के चलते भारतीय रिफाइनरियां रूसी तेल की खरीद कम कर रही थीं। इस वजह से रूस को चीन में नए खरीदार तलाशने पड़े थे। लेकिन ईरान युद्ध के बीच होर्मुज की खाड़ी के बंद होने की आशंका ने तस्वीर पालट दी है।

India-Russian oil ship oil
भारत ने फिर उठाया रूसी तेल का सहारा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Mar 2026 08:06 PM
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Russian oil ship India : मध्य-पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने वैश्विक तेल व्यापार की दिशा ही बदल दी है। अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, महीनों से भारतीय समुद्री क्षेत्र के पास भटक रहे रूसी तेल जहाजों को अचानक नई राह मिली है। जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, जो रूसी कार्गो जहाज पहले पूर्वी एशिया का रुख कर रहे थे, उन्होंने अपना रास्ता बदलकर भारत की ओर रुख कर लिया है। इसका सीधा मतलब है कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत एक बार फिर रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाने की राह पर अग्रसर है।

जाने कैसे बदला खेल?

पिछले कुछ महीनों से अमेरिकी प्रतिबंधों और व्यापारिक दबाव के चलते भारतीय रिफाइनरियां रूसी तेल की खरीद कम कर रही थीं। इस वजह से रूस को चीन में नए खरीदार तलाशने पड़े थे। लेकिन ईरान युद्ध के बीच होर्मुज की खाड़ी के बंद होने की आशंका ने तस्वीर पालट दी है। तेल की आपूर्ति में कमी की आशंका से घिरे भारत ने रणनीति बदली है और रूसी सप्लायर्स को फिर से मौका मिला है।

भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचे जहाज

तेल टैंकरों पर नजर रखने वाली कंपनियों Kpler और Vortexa के आंकड़ों के मुताबिक, रूसी 'यूराल' ग्रेड के करीब 14 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा रहे दो बड़े टैंकर इस हफ्ते भारत पहुंच रहे हैं:

  1. ओड्यून (Odyun): 7.3 लाख बैरल तेल ले जा रहा यह सूएजमैक्स टैंकर बुधवार को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर पहुंच गया है।
  2. मतारी (Matri): 7 लाख से ज्यादा बैरल तेल लेकर आ रहा यह अफ्रामैक्स टैंकर गुरुवार को गुजरात के वडिनार बंदरगाह पहुंचने वाला है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इन जहाजों ने पहले संकेत दिया था कि वे पूर्वी एशिया की ओर जा रहे हैं, लेकिन अचानक से उनकी दिशा भारत की ओर हो गई। एक अन्य टैंकर 'इंड्री' ने भी सिंगापुर का रुख करने के बाद अचानक मोड़ लेकर भारत की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया। बता दें कि इन तीनों जहाजों को पिछले साल ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने प्रतिबंधित जहाजों की सूची में शामिल किया था।

रिफाइनरियों को जल्द मिलेगी राहत

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण तेल सप्लाई में रुकावट आने की आशंका के बीच रूस भारत को तेल भेजने के लिए पूरी तरह तैयार है। सूत्रों की मानें, तकरीबन 95 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल ऐसे जहाजों में है जो भारतीय समुद्री क्षेत्र के पास पहुंच चुके हैं और कुछ हफ्तों के भीतर भारतीय बंदरगाहों पर उतारे जा सकते हैं।

इसे लेकर भारतीय रिफाइनरियों में राहत की लहर है, क्योंकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार और उपभोक्ता है। भारत के पास कच्चे तेल का भंडार महज 25 दिनों की मांग को ही पूरा कर सकता है। ऐसे में मध्य-पूर्व के संकट के बीच रूसी तेल का यह बैकअप भारत के लिए रणनीतिक तौर पर बहुत अहम साबित हो रहा है। Russian oil ship India

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