मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में किया भव्य उद्घाटन

एक माह तक चलने वाला यह महाकुंभ दिल्ली के 17 प्रमुख स्टेडियमों और खेल परिसरों में आयोजित होगा। एथलेटिक्स, फुटबॉल, कुश्ती, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और स्क्वैश—इन सात खेलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

Chhatrasal Stadium
खेलो इंडिया और फिट इंडिया की तर्ज पर नई पहल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar14 Feb 2026 08:25 PM
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Delhi News : राजधानी के खेल इतिहास में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में ‘खेलो दिल्ली–दिल्ली खेल महाकुंभ’ का भव्य शुभारंभ किया। दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित यह पहला राज्य स्तरीय मेगा स्पोर्ट्स फेस्टिवल है, जिसे राजधानी की सबसे बड़ी जमीनी स्तर की खेल पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान आयोजन का आधिकारिक मैस्कॉट ‘रनवीर’ भी लॉन्च किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया मिशन’ और फिट इंडिया मूवमेंट की तर्ज पर शुरू की गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और दिल्ली को एक सशक्त स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करना है।

स्टार खिलाड़ी बनेंगे प्रेरणा स्रोत

युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह जगाने के लिए ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शिखर धवन और पैरा ओलंपिक पदक विजेता शरद कुमार को महाकुंभ का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दिल्ली के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का महोत्सव है, जो जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में मदद करेगा।

खिलाड़ियों के लिए बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खिलाड़ियों के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि लगभग तीन दशकों से लंबित पुरस्कार राशि का वितरण करते हुए अब तक करीब ₹33 करोड़ खिलाड़ियों को प्रदान किए जा चुके हैं।दनई खेल नीति के तहत ओलंपिक या पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर ₹7 करोड़, रजत पदक पर ₹5 करोड़ और कांस्य पदक पर ₹3 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रति वर्ष ₹20 लाख की सहायता, छात्र खिलाड़ियों को ₹5 लाख की आर्थिक मदद तथा ₹10 लाख तक का जीवन बीमा कवर दिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि दिल्ली में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित की जाएगी, ताकि खिलाड़ियों को संसाधनों की कमी न हो।

एक माह तक चलेगा खेल महोत्सव

एक माह तक चलने वाला यह महाकुंभ दिल्ली के 17 प्रमुख स्टेडियमों और खेल परिसरों में आयोजित होगा। एथलेटिक्स, फुटबॉल, कुश्ती, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और स्क्वैश—इन सात खेलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। अब तक 16,000 से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है और भविष्य में इस संख्या को एक लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक विजेता टीम को ₹1,75,000 और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक विजेता को ₹11,000 की पुरस्कार राशि दी जाएगी। आयोजकों के अनुसार, यह पुरस्कार संरचना देश में सर्वश्रेष्ठ व्यवस्थाओं में से एक है। Delhi News

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भारत ने एआई इम्पैक्ट समिट में पाकिस्तान को नहीं दिया आमंत्रण, 100 से अधिक देश जुटेंगे

भारत ने पाकिस्तान को इस समिट में आमंत्रित नहीं किया। इस निर्णय ने कूटनीतिक और राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया है। सम्मेलन में 20 विश्व नेता, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधि भाग लेंगे।

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एआई इम्पैक्ट समिट 2026
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar14 Feb 2026 05:37 PM
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New Delhi News : नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में वैश्विक स्तर पर 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी प्रभावों पर बहुपक्षीय चचार्ओं का एक बड़ा मंच है।

निर्णय का कूटनीतिक और राजनीतिक क्षेत्र में चर्चा 

भारत ने पाकिस्तान को इस समिट में आमंत्रित नहीं किया। इस निर्णय ने कूटनीतिक और राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया है। सम्मेलन में 20 विश्व नेता, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधि भाग लेंगे। तकनीकी कंपनियों के सीईओ, नीति निर्माता और शोधकर्ता भी इसमें भागीदारी करेंगे, जिससे यह न केवल नीति मंच बल्कि नवाचार और उद्योग सहयोग का केंद्र बनेगा।

समिट के उद्देश्य

यह समिट एआई के वैश्विक प्रभावों, नीति निर्माण, नैतिकता, रोजगार, सुरक्षा और सतत विकास पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करता है। सम्मेलन में डीपफेक तकनीक, एआई आधारित समाधान और वैश्विक सहयोग जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह पहला बड़ा एआई समिट है जिसे भारत में आयोजित किया जा रहा है और इसे विभिन्न देशों के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में देखा जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख प्रतिनिधियों और दुनिया के विभिन्न नेताओं की भागीदारी इसे वैश्विक नीति और अक नवाचार के लिए महत्वपूर्ण मंच बनाती है। समिट का आयोजन भारत की एआई नीति को वैश्विक स्तर पर दिखाने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पाकिस्तान को न बुलाए जाने का फैसला इस समिट की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर भी ध्यान खींच रहा है, हालांकि भारत सरकार ने इस पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।New Delhi News


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दिल्लीवालों ध्यान दें! नए नाम से पुकारा जाएगा यह मेट्रो स्टेशन

दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर स्थित उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन अब पुराने नाम से नहीं जाना जाएगा, इसका नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ भवन’ मेट्रो स्टेशन कर दिया गया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की

उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदला
उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Feb 2026 10:30 AM
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Delhi News : दिल्ली मेट्रो से जुड़ी अहम खबर सामने आ रही है। दिल्ली मेट्रो से जुड़ी यह बड़ी खबर दिल्ली मेट्रो से रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर स्थित उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन अब पुराने नाम से नहीं जाना जाएगा, इसका नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ भवन’ मेट्रो स्टेशन कर दिया गया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की

सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन के बाद फैसला

स्टेशन का नाम बदलने का फैसला ऐसे वक्त में सामने आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ही ‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। सरकार के मुताबिक, यह नया परिसर आने वाले समय में केंद्र सरकार के प्रशासनिक संचालन का बड़ा केंद्र बनेगा। यहां प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को स्थानांतरित करने की तैयारी है। उसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का भी उद्घाटन किया। इन भवनों में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, कानून एवं न्याय, कृषि समेत कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय संचालित होंगे।

आधुनिक और एकीकृत शासन का संकेत माना जा रहा नामकरण

सरकारी हलकों में सेवा तीर्थ नामकरण को औपनिवेशिक दौर की व्यवस्थाओं से आगे बढ़कर आधुनिक, एकीकृत और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में कदम के तौर पर देखा जा रहा है। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने परिसर के शिलापट्ट का अनावरण किया, जिस पर देवनागरी में ‘सेवा तीर्थ’ और नीचे आदर्श वाक्य ‘नागरिक देवो भव’ लिखा है। बताया गया है कि रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से प्रधानमंत्री कार्यालय को चरणबद्ध तरीके से सेवा तीर्थ में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे पीएमओ, कैबिनेट सचिवालय और एनएससीएस जैसी शीर्ष संस्थाएं एक ही परिसर में आ जाएंगी, जो अब तक अलग-अलग स्थानों से संचालित थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और पीएमओ के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि 2014 के बाद से सरकार लगातार औपनिवेशिक प्रतीकों से दूरी बनाकर नए नाम और नई पहचान देने की दिशा में फैसले कर रही है। इसी क्रम में राजपथ को कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग, और राज भवन/राज निवास जैसे नामों में बदलाव कर लोक भवन/लोक निवास किया गया।

हाल ही में बदले गए थे तीन स्टेशनों के नाम

दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने की प्रक्रिया पहले भी देखी गई है। हाल ही में पिंक लाइन पर मयूर विहार पॉकेट-1 का नाम बदलकर ‘श्री राम मंदिर मयूर विहार’ किया गया। वहीं पीतमपुरा स्टेशन का नाम ‘मधुबन चौक’ किया गया। इसके अलावा निर्माणाधीन नॉर्थ पीतमपुरा को ‘प्रशांत विहार’ और प्रस्तावित पीतमपुरा नॉर्थ को ‘हैदरपुर गांव’ नाम दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। Delhi News

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