विश्व पुस्तक मेला-2026 है बहुत ही खास, ज्ञान का पूरा भण्डार
पुस्तक मेला में थीम मंडप की डिजाइन भी भारत की सैन्य विरासत के 75 वर्षों का एक ऐतिहासिक और निर्णायक पड़ाव प्रस्तुत कर रहा है। पुस्तक मेले में करीब 35 देशों सहित 3000 स्टॉल और 1000 प्रकाशक शामिल हैं। पाठक नई प्रकाशित पुस्तकों को देख, पढ़ और समझ रहे हैं।

World Book Fair 2026 : दिल्ली के भारत मण्डपम में चल रहा विश्व पुस्तक मेला-2026 कोई साधारण मेला नहीं है। विश्व पुस्तक मेला इस वर्ष बहुत ही खास है। हमारी किताबें ज्ञान का भण्डार होती हैं। जब एक ही स्थान पर दुनिया भर की लाखों किताब मिल रही हों तो उस मेले को साधारण मेला कहना बहुत बड़ी गलती है। विश्व पुस्तक मेला-2026 अपने आप में ज्ञान का बहुत बड़ा भण्डार है। यदि आप भी अपना ज्ञान बढ़ाना चाहते हैं तो आपको विश्व पुस्तक मेला-2026 जरूर देखना चाहिए।
भारतीय सैन्य इतिहास पर केन्द्रित है वर्ष-2026 का पुस्तक मेला
विश्व पुस्तक मेला-2026 अनेक नई विशेषताओं से भरा हुआ है। विश्व पुस्तक मेला-2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस पुस्तक मेले का थीम भारत की सबसे बड़ी ताकत यानि भारत की सेना के ऊपर केन्द्रित है। विश्व पुस्तक मेला 2026 में इस बार सेना की शौर्य और प्रज्ञा को नमन किया जा रहा है। इस बार 10-18 जनवरी, 2026 तक आयोजित इस पुस्तक मेले की थीम भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @75 है। पुस्तक मेला में थीम मंडप की डिजाइन भी भारत की सैन्य विरासत के 75 वर्षों का एक ऐतिहासिक और निर्णायक पड़ाव प्रस्तुत कर रहा है। पुस्तक मेले में करीब 35 देशों सहित 3000 स्टॉल और 1000 प्रकाशक शामिल हैं। पाठक नई प्रकाशित पुस्तकों को देख, पढ़ और समझ रहे हैं।
अनेक पुस्तकों के विमोचन का गवाह बन रहा है विश्व पुस्तक मेला-2026
विश्व पुस्तक मेला-2026 अनेक पुस्तकों के विमोचन का भी गवाह बन रहा है। इसी कड़ी में विश्व पुस्तक मेला, 2026 में इंडिया नेटबुक्स प्राइवेट लिमिटेड के स्टॉल पर लेखक नीतू सिंह राय की पुस्तक 'इतिहास और भविष्य के मध्य खड़ा वर्तमान' का विमोचन हुआ। लेखक नीतू रॉय ने कहा कि पुस्तक में 51कविताएं हैं, जो प्रेम, राजनीति और समाज सहित विभिन्न विषयों पर वर्तमान परिदृश्य को इतिहास और भविष्य के बीच पाठकों से संवाद किया गया है। इस दौरान स्टॉल पर कवि नवनीत पाण्डेय की 'पापा मैंने लिखी कविता' बाल कविता का भी विमोचन हुआ। विमोचन के मौके पर कई शहरों से पधारे प्रसिद्ध साहित्यकारों में मौजूद रहकर अपने विचार रखे।
साहित्यकार चित्रा मुद्गल ने राजीव मुद्गल की पुस्तक का किया विमोचन
विश्व पुस्तक मेला-2026 में इंडिया नेटबुक्स के स्टॉल पर लेखिका डॉ.सविता चड्ढा की पुस्तक 'अपनी राम कहानी, लेखिका आशमा कौल की 'औरत माटी और प्रेम की कविताएं' संग्रह का भी विमोचन हुआ। जबकि राजीव मुद्गल की अंग्रेजी भाषा में किताब The Courtesan and The Saint' का विमोचन प्रसिद्ध साहित्यकार चित्रा मुद्गल ने किया। विमोचन पर इंडिया नेटबुक्स के निदेशक डॉ. संजीव कुमार और डॉ. मनोरमा ने लेखक और लेखिकों को उनकी पुस्तकों के विमोचन पर बधाइयां दीं। इस मौके पर डॉ. मुक्ता, डॉ. बृजेंद्र त्रिपाठी, डॉ.अंजू क्वात्रा, डॉ. कविता सिंह प्रभा, उमंग जॉली सरीन, शकुंतला मित्तल, आसमा कौल, डॉ. कविता मल्होत्रा, डॉ. कल्पना पांडेय, वीणा अग्रवाल, डॉ. रेखा मित्तल, सविता सयाल और सुरक्षा खुराना आदि रहे। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित पुस्तक मेले में जहां इंटरनेशनल इवेंट्स कॉर्नर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की लेखकों की वार्ता सुनने का मौका मिल रहा है, वहीं थीम मंडप, बाल मंडप, लेखक मंच, ऑथर्स कॉर्नर में लेखक, पाठक और श्रोताओं का समागम और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची है। World Book Fair 2026
World Book Fair 2026 : दिल्ली के भारत मण्डपम में चल रहा विश्व पुस्तक मेला-2026 कोई साधारण मेला नहीं है। विश्व पुस्तक मेला इस वर्ष बहुत ही खास है। हमारी किताबें ज्ञान का भण्डार होती हैं। जब एक ही स्थान पर दुनिया भर की लाखों किताब मिल रही हों तो उस मेले को साधारण मेला कहना बहुत बड़ी गलती है। विश्व पुस्तक मेला-2026 अपने आप में ज्ञान का बहुत बड़ा भण्डार है। यदि आप भी अपना ज्ञान बढ़ाना चाहते हैं तो आपको विश्व पुस्तक मेला-2026 जरूर देखना चाहिए।
भारतीय सैन्य इतिहास पर केन्द्रित है वर्ष-2026 का पुस्तक मेला
विश्व पुस्तक मेला-2026 अनेक नई विशेषताओं से भरा हुआ है। विश्व पुस्तक मेला-2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस पुस्तक मेले का थीम भारत की सबसे बड़ी ताकत यानि भारत की सेना के ऊपर केन्द्रित है। विश्व पुस्तक मेला 2026 में इस बार सेना की शौर्य और प्रज्ञा को नमन किया जा रहा है। इस बार 10-18 जनवरी, 2026 तक आयोजित इस पुस्तक मेले की थीम भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @75 है। पुस्तक मेला में थीम मंडप की डिजाइन भी भारत की सैन्य विरासत के 75 वर्षों का एक ऐतिहासिक और निर्णायक पड़ाव प्रस्तुत कर रहा है। पुस्तक मेले में करीब 35 देशों सहित 3000 स्टॉल और 1000 प्रकाशक शामिल हैं। पाठक नई प्रकाशित पुस्तकों को देख, पढ़ और समझ रहे हैं।
अनेक पुस्तकों के विमोचन का गवाह बन रहा है विश्व पुस्तक मेला-2026
विश्व पुस्तक मेला-2026 अनेक पुस्तकों के विमोचन का भी गवाह बन रहा है। इसी कड़ी में विश्व पुस्तक मेला, 2026 में इंडिया नेटबुक्स प्राइवेट लिमिटेड के स्टॉल पर लेखक नीतू सिंह राय की पुस्तक 'इतिहास और भविष्य के मध्य खड़ा वर्तमान' का विमोचन हुआ। लेखक नीतू रॉय ने कहा कि पुस्तक में 51कविताएं हैं, जो प्रेम, राजनीति और समाज सहित विभिन्न विषयों पर वर्तमान परिदृश्य को इतिहास और भविष्य के बीच पाठकों से संवाद किया गया है। इस दौरान स्टॉल पर कवि नवनीत पाण्डेय की 'पापा मैंने लिखी कविता' बाल कविता का भी विमोचन हुआ। विमोचन के मौके पर कई शहरों से पधारे प्रसिद्ध साहित्यकारों में मौजूद रहकर अपने विचार रखे।
साहित्यकार चित्रा मुद्गल ने राजीव मुद्गल की पुस्तक का किया विमोचन
विश्व पुस्तक मेला-2026 में इंडिया नेटबुक्स के स्टॉल पर लेखिका डॉ.सविता चड्ढा की पुस्तक 'अपनी राम कहानी, लेखिका आशमा कौल की 'औरत माटी और प्रेम की कविताएं' संग्रह का भी विमोचन हुआ। जबकि राजीव मुद्गल की अंग्रेजी भाषा में किताब The Courtesan and The Saint' का विमोचन प्रसिद्ध साहित्यकार चित्रा मुद्गल ने किया। विमोचन पर इंडिया नेटबुक्स के निदेशक डॉ. संजीव कुमार और डॉ. मनोरमा ने लेखक और लेखिकों को उनकी पुस्तकों के विमोचन पर बधाइयां दीं। इस मौके पर डॉ. मुक्ता, डॉ. बृजेंद्र त्रिपाठी, डॉ.अंजू क्वात्रा, डॉ. कविता सिंह प्रभा, उमंग जॉली सरीन, शकुंतला मित्तल, आसमा कौल, डॉ. कविता मल्होत्रा, डॉ. कल्पना पांडेय, वीणा अग्रवाल, डॉ. रेखा मित्तल, सविता सयाल और सुरक्षा खुराना आदि रहे। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित पुस्तक मेले में जहां इंटरनेशनल इवेंट्स कॉर्नर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की लेखकों की वार्ता सुनने का मौका मिल रहा है, वहीं थीम मंडप, बाल मंडप, लेखक मंच, ऑथर्स कॉर्नर में लेखक, पाठक और श्रोताओं का समागम और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची है। World Book Fair 2026












