दिवाली से ठीक पहले दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित प्रमुख शहर कैसे बन गई ? क्या राजधानी की हवा में घुलता जहरीला धुआं लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन रहा है ? स्विस संस्था IQAir की लाइव रैंकिंग में शनिवार सुबह दिल्ली पहले स्थान पर पहुंच गई।

Delhi News : दिवाली से ठीक पहले दिल्ली की हवा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्विस वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था IQAir की लाइव रैंकिंग के मुताबिक, शनिवार सुबह दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित प्रमुख शहरों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों में भी दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। त्योहार से पहले प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति ने सरकार और पर्यावरण विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
यह भी पढ़ें :दिल्ली-NCR में GRAP-3 की पाबंदियां लागू, पांचवीं तक के बच्चों की पढ़ाई होगी हाइब्रिड
IQAir की लाइव रैंकिंग के अनुसार, शनिवार सुबह 10:35 बजे दिल्ली का अमेरिकी वायु गुणवत्ता सूचकांक (US AQI) 581 दर्ज किया गया। इस रैंकिंग में दिल्ली दुनिया के प्रमुख प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर रही। इसके मुकाबले पाकिस्तान के लाहौर का US AQI 285 दर्ज किया गया। हालांकि, IQAir और भारत के CPCB के आंकड़ों की सीधे तुलना नहीं की जा सकती। दोनों संस्थाएं वायु गुणवत्ता मापने के लिए अलग-अलग पैमाने और पद्धतियों का इस्तेमाल करती हैं। CPCB के मुताबिक, शनिवार सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 364 और सुबह 10 बजे 363 दर्ज किया गया। भारत के आधिकारिक पैमाने पर यह स्तर 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
इसे भी पढ़ें :दिवाली से पहलेदिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, कई इलाकों में AQI 400 पार
रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता दिवाली से पहले पिछले आठ वर्षों के मुकाबले सबसे खराब स्थिति में रही। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में प्रदूषण की समस्या गंभीर होने लगती है। कम तापमान, धीमी हवा और वातावरण में नमी के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब जमा हो जाते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और आसपास के राज्यों में पराली जलाने से निकलने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल से स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार, GRAP-3 के तहत कई श्रेणियों के वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई है। इन प्रतिबंधों के तहत BS-4 और इससे नीचे के मानक वाले डीजल वाहन तथा BS-3 और इससे नीचे के मानक वाले पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। यह नियम दिल्ली के साथ-साथ दूसरे राज्यों में पंजीकृत संबंधित वाहनों पर भी लागू होगा। BS-4 और उससे नीचे के उत्सर्जन मानक वाले डीजल भारी वाहनों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों पर भी पाबंदी रहेगी।
ये प्रतिबंध दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में भी लागू किए गए हैं।
प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली-NCR में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में हाइब्रिड मोड में पढ़ाई अनिवार्य की गई है। इसके तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से पढ़ाई का विकल्प मिलेगा। अभिभावक और विद्यार्थी परिस्थितियों के अनुसार माध्यम चुन सकेंगे। इसके साथ ही लोगों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिले।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए आशंका जताई कि शनिवार से मौसम की परिस्थितियां प्रदूषण के लिहाज से और प्रतिकूल हो सकती हैं। हवा की गति लगभग शून्य के करीब पहुंचने पर प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो सकते हैं। इससे AQI में और बढ़ोतरी होने की आशंका है। सरकार ने नागरिकों से GRAP-3 के तहत लागू प्रतिबंधों का पालन करने और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने की अपील की है। दिवाली से पहले दिल्ली की हवा का बिगड़ता स्तर एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि त्योहार के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए कितनी प्रभावी तैयारी हो पाएगी।
विज्ञापन