गंभीर वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड का मिश्रण लागू किया गया है।

Delhi News : वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए दिल्ली और एनसीआर के प्राथमिक छात्रों के लिए अब हाइब्रिड मोड में पढ़ाई होगी। इस व्यवस्था के तहत कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाओं का मिश्रण अनिवार्य कर दिया गया है। गुरुवार, 6 नवंबर 2026 को GRAP स्टेज III लागू किए जाने के बाद यह फैसला लिया गया है। यह आदेश दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के विशिष्ट जिलों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में प्रभावी है। शिक्षा विभागों और स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे छोटे बच्चों को जहरीली हवा के संपर्क में आने से बचाने के लिए इस व्यवस्था को तुरंत या निर्देशित समय के अनुसार लागू करें। इस कदम का उद्देश्य वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के उच्च स्तर के दौरान संवेदनशील बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
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GRAP स्टेज III के तहत उठाए गए इस कदम से छोटे बच्चों का बाहरी वातावरण में जाना कम होगा, जिससे वे जहरीली हवा के सीधे प्रभाव से बच सकेंगे। हालांकि, इस बदलाव के कारण अभिभावकों और स्कूलों को अपनी दिनचर्या और लॉजिस्टिक्स में समायोजन करना होगा। बाल रोग विशेषज्ञों ने भी उच्च AQI के दौरान बच्चों के बाहरी संपर्क को कम करने का समर्थन किया है।
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अब संबंधित स्कूलों को इस हाइब्रिड मॉडल के कार्यान्वयन के बारे में अभिभावकों के साथ विस्तृत संवाद करना होगा। प्रत्येक स्कूल अपनी सुविधा और दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन सत्रों का समय निर्धारित करेगा। फिलहाल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की निगरानी जारी है। हाइब्रिड मोड कितने समय तक चलेगा और स्कूलों में इसके कार्यान्वयन के सटीक विवरण क्या होंगे, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है। आगे की कार्रवाई AQI की स्थिति और CAQM के निर्देशों पर निर्भर करेगी। :
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