अब सोमवार को भी खुलेगा दिल्ली का लाल किला, ASI ने जारी किया आदेश

अब तक साप्ताहिक रखरखाव के नाम पर सोमवार को किला बंद रहता था, जिसके चलते दिल्ली आने वाले पर्यटकों और टूर ऑपरेटरों की प्लानिंग अक्सर बिगड़ जाती थी। नई व्यवस्था के बाद उम्मीद है कि विजिट शेड्यूल ज्यादा सहज होगा और लोगों को अपने ट्रैवल प्लान में अनावश्यक बदलाव नहीं करने पड़ेंगे।

लाल किला 7 दिन खुलेगा
लाल किला 7 दिन खुलेगा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Feb 2026 02:26 PM
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Delhi News : दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में घूमने की योजना बनाने वालों के लिए राहत की खबर है। अब लाल किला सोमवार को भी बंद नहीं रहेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 13 फरवरी को आदेश जारी कर यह व्यवस्था लागू कर दी है कि लाल किला सप्ताह के सातों दिन पर्यटकों और आम जनता के लिए खुला रहेगा। अब तक साप्ताहिक रखरखाव के नाम पर सोमवार को किला बंद रहता था, जिसके चलते दिल्ली आने वाले पर्यटकों और टूर ऑपरेटरों की प्लानिंग अक्सर बिगड़ जाती थी। नई व्यवस्था के बाद उम्मीद है कि विजिट शेड्यूल ज्यादा सहज होगा और लोगों को अपने ट्रैवल प्लान में अनावश्यक बदलाव नहीं करने पड़ेंगे।

साप्ताहिक बंदी क्यों हटाई गई?

ASI अधिकारियों के अनुसार, अब सफाई और मरम्मत जैसे कामों के लिए “फिक्स” साप्ताहिक बंदी रखने के बजाय फेजवाइज (चरणबद्ध) मेंटेनेंस प्लान अपनाया जाएगा। यानी स्मारक को बंद किए बिना अलग-अलग हिस्सों में तय शेड्यूल के मुताबिक रखरखाव और संरक्षण कार्य किए जाएंगे। इससे पर्यटन गतिविधियों में रुकावट भी कम होगी और रखरखाव भी जारी रहेगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय महत्व का यह संरक्षित स्मारक अब से सप्ताह के सभी दिन खुला रहेगा। इस निर्णय पर ASI के महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत के हस्ताक्षर हैं। विभाग का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और पर्यटन योजनाओं में आने वाली दिक्कतों को कम करना है।

सफाई-रखरखाव कैसे होगा?

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि संचालन व्यवस्था में कोई कमी न आए, इसके लिए सुरक्षा कर्मियों, टिकट काउंटर स्टाफ, बागवानी टीम और संरक्षण कार्यकर्ताओं की ड्यूटी व्यवस्था को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। कर्मचारियों को बारी-बारी से अवकाश दिया जाएगा, ताकि स्टाफ की उपलब्धता बनी रहे और रखरखाव मानकों पर असर न पड़े। गहन सफाई और मरम्मत के लिए अब बंदी नहीं होगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से काम कराया जाएगा। Delhi News

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दिल्ली:12वीं के छात्र ने मेट्रो ट्रेन के सामने लगाई छलांग, मौत

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आज सुबह घटित हुई। मेट्रो कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक युवक ने द्वारका की ओर से आ रही मेट्रो ट्रेन के सामने अचानक छलांग लगा दी है।

Uttam Nagar East Metro Station
उत्तम नगर ईस्ट स्टेशन पर हड़कंप (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar20 Feb 2026 03:25 PM
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Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया। उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन पर एक 12वीं कक्षा के छात्र ने आने वाली मेट्रो ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही मेट्रो सेवाओं पर अस्थायी असर पड़ा और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जाने पूरा मामला?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना दिनांक 20 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 11:07 बजे घटित हुई। मेट्रो कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक युवक ने द्वारका की ओर से आ रही मेट्रो ट्रेन के सामने अचानक छलांग लगा दी है। ट्रेन की चपेट में आने से युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। आपातकालीन सेवाएं तत्काल मौके पर पहुंचीं, लेकिन युवक को बचाया नहीं जा सका। इस हादसे के चलते ब्लू लाइन पर मेट्रो सेवाओं में थोड़ी देर के लिए बाधा उत्पन्न हुई, जिसे बाद में सामान्य कर लिया गया।

पीड़ित की पहचान और पृष्ठभूमि

मृतक छात्र की पहचान अश्विनी डागर (17 वर्ष) के रूप में हुई है। वह दिल्ली के नजफगढ़ का निवासी था और 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि अश्विनी अपनी पढ़ाई के लिए उत्तम नगर स्थित 'सक्सेस कोचिंग सेंटर' जाता था। उसके पिता दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) में संविदा चालक के पद पर कार्यरत हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे हैं और पूरे परिवार में शोक का माहौल है।

पुलिस कार्रवाई और जांच

दिल्ली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह जानकारी मिली है कि युवक कुछ व्यक्तिगत कारणों से परेशान था, हालांकि आत्महत्या के पीछे सटीक वजह का पता लगाने के लिए पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। Delhi News

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दिल्ली मेट्रो अपडेट: ओपनिंग की ओर नया कॉरिडोर, सफर होगा आसान

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) जल्द ही दीपाली चौक–मजलिस पार्क मेट्रो सेक्शन को यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी में है। करीब 9.9 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रूट का अहम हिस्सा है और इसे ऑपरेशनल लॉन्च के बेहद करीब बताया जा रहा है।

दिल्ली मेट्रो
दिल्ली मेट्रो
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Feb 2026 10:40 AM
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Delhi News : राष्ट्रीय राजधानी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। लालबत्ती पर लंबी कतारें और ट्रैफिक जाम में रोजाना वक्त गंवाने वाले लाखों दिल्लीवालों के लिए राहत का रास्ता खुलता दिख रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) राजधानी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को और मजबूत करने जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) जल्द ही दीपाली चौक–मजलिस पार्क मेट्रो सेक्शन को यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी में है। करीब 9.9 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रूट का अहम हिस्सा है और इसे ऑपरेशनल लॉन्च के बेहद करीब बताया जा रहा है।  

पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली के बीच सफर होगा तेज

इस सेक्शन के चालू होते ही वेस्ट दिल्ली से नॉर्थ दिल्ली की आवाजाही को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। आउटर रिंग रोड पर रोज़ाना जाम में फंसकर समय खाने वाले यात्रियों के लिए यह रूट सीधी राहत बन सकता है। DMRC के मुताबिक, कॉरिडोर शुरू होने के बाद दीपाली चौक से भलस्वा तक करीब 8 किलोमीटर के हिस्से में निजी वाहनों और बसों का दबाव घट सकता है। यह कॉरिडोर मैजेंटा लाइन के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें कुल 5 स्टेशन (पीतमपुरा, प्रशांत विहार, नॉर्थ पीतमपुरा, हैदरपुर बादली मोड़ और भलस्वा) होंगे। लेकिन असली ‘गेमचेंजर’ हैं इसके तीन बड़े इंटरचेंज पीतमपुरा (रेड लाइन), हैदरपुर बादली मोड़ (येलो लाइन) और मजलिस पार्क (पिंक लाइन)। मतलब एक ही सेक्शन खुलते ही यात्रियों को कई कॉरिडोरों पर बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, रूट बदलना आसान होगा और रोज़मर्रा के सफर में बस/ऑटो पर निर्भरता कम होने के संकेत हैं।

किन इलाकों को होगा सबसे बड़ा फायदा?

इस नए सेक्शन से सबसे ज्यादा राहत उन क्षेत्रों को मिलने की संभावना है, जहां रोज ट्रैफिक सबसे भारी रहता है -

  1. दीपाली चौक–पीतमपुरा बेल्ट
  2. प्रशांत विहार और आसपास के सेक्टर
  3. हैदरपुर बादली मोड़/जीटी करनाल बाइपास
  4. भलस्वा की तरफ आउटर रिंग रोड कॉरिडोर

इन इलाकों में जाम कम होने से यात्रा का समय घटेगा और पीक आवर्स में दबाव भी टूट सकता है। DMRC ने इस कॉरिडोर को आधुनिक सिस्टम से लैस किया है। इसमें CBTC सिग्नलिंग और Unattended Train Operation (UTO) जैसी तकनीक शामिल होगी, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और कुशल बन सकेगा। साथ ही, स्टेशनों पर एलईडी लाइटिंग, ट्रेनों में रिजनरेटिव ब्रेकिंग जैसे ऊर्जा बचत उपाय भी लागू किए गए हैं जिससे बिजली खपत कम होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।

समावेशी सुविधाओं पर भी फोकस

कॉरिडोर के निर्माण में दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। स्टेशनों पर टैक्टाइल पाथवे, व्हीलचेयर स्पेस, लिफ्ट-एस्केलेटर, ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) और प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि यात्रा अधिक सुरक्षित और सहज बने। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक बनने वाला पूरा कॉरिडोर 29.3 किलोमीटर लंबा है और इसमें 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह दिल्ली मेट्रो के फेज-IV विस्तार का हिस्सा है। इस रूट पर जनकपुरी वेस्ट से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक करीब 2 किमी का सेक्शन पहले ही शुरू हो चुका है। अब शेष हिस्सों को 2026-27 के दौरान चरणबद्ध तरीके से खोलने की तैयारी बताई जा रही है।

फेज-IV और फेज-V पर भी तेजी

दिल्ली मेट्रो के फेज-IV में कुल 112.4 किमी के छह नए कॉरिडोर और 94 स्टेशन की योजना है। इसी के तहत मजलिस पार्क–मौजपुर (12.3 किमी) कॉरिडोर को भी ऑपरेशन के लिए तैयार बताया जा रहा है। वहीं एरोसिटी–तुगलकाबाद (गोल्डन लाइन) निर्माणाधीन है, जबकि साकेत जी ब्लॉक–लाजपत नगर रूट पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा इंद्रलोक–इंद्रप्रस्थ और रिठाला–नरेला–कुंडली जैसे कॉरिडोर पर भी काम शुरू होने की संभावना है। हाल में केंद्र ने फेज-V(ए) के तहत तीन अतिरिक्त कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है। Delhi News

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