मतगणना से पहले चिराग पासवान की पार्टी का अहम बयान

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से ठीक पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि एनडीए की सरकार बनने जा रही है और एक बार फिर नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

Patna LJP MP Shambhavi Chaudhary
सांसद शांभवी चौधरी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar13 Nov 2025 07:56 PM
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बता दे कि पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान शांभवी चौधरी ने कहा कि बिहार की जनता ने अगले पांच साल के लिए नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया है और वोट देकर उसे पूरा किया है। सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन तेजस्वी यादव को सीएम बनने का सपना नहीं देखना चाहिए। उन्होंने महागठबंधन के सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 18 नवंबर को वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शांभवी ने कहा कि अब तो चुनाव परिणाम आने में बहुत कम समय रह गया है। 14 नवंबर को पूरा देश देखेगा कि कौन सरकार बनाएगा।

‘टाइगर जिंदा है’ पोस्टर पर प्रतिक्रिया

बतो दे कि शांभवी चौधरी ने जेडीयू कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए ‘टाइगर जिंदा है’ पोस्टर पर कहा कि यह कार्यकर्ताओं की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की जनता के दिलों में आज भी जिंदा हैं। वे 2005 की तरह आज भी पूरी मजबूती से कार्य कर रहे हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर

शांभवी ने नीतीश सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि बिहार में महिलाओं को जो प्रतिनिधित्व मिला है, उसने प्रदेश की तस्वीर बदली है। महिलाएं अब सुरक्षित महसूस करती हैं, और यह नीतीश कुमार की सोच का परिणाम है।

‘अब बिहार में बूथ लूट नहीं होते’

एनडीए सांसद ने कहा कि अब बिहार में बूथ लूटने की राजनीति खत्म हो गई है और अब वोट से ही सरकारें बनती हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सिर्फ चुनाव के समय ही दिखाई देते हैं, जबकि एनडीए के नेता साल भर जनता के बीच रहते हैं।

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राजद नेता का बयान, मतगणना में गड़बड़ी हुई तो बिहार को नेपाल बना देंगे

राजद के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस/ बयान देते हुए चेतावनी दी कि यदि मतगणना में गड़बड़ी हुई तो बिहार की सड़कों पर ऐसा दृश्य दिखेगा जैसा कभी नहीं हुआ और विशेष रूप से कहा कि सड़कों पर नेपाल-बांग्लादेश-श्रीलंका जैसा माहौल बनेगा।

sunil kumar
राजद के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार सिंह
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar13 Nov 2025 07:34 PM
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बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों का मतदान पूरा हो चुका है। इसके बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा के समय से पहले राजनीतिक तापमान पहले से ही ऊँचा था। राजद के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस/ बयान देते हुए चेतावनी दी कि यदि मतगणना में गड़बड़ी हुई तो बिहार की सड़कों पर ऐसा दृश्य दिखेगा जैसा कभी नहीं हुआ और विशेष रूप से कहा कि सड़कों पर नेपाल-बांग्लादेश-श्रीलंका जैसा माहौल बनेगा। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि अधिकारी/प्रतिनिधि हारने वाले पक्ष को जिताने के लिए पक्षपात कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, उन्होंने कहा कि अगर हमारे जीतने वाली उम्मीदवारों को धोखाधड़ी से हरा दिया गया, तो ऐसी स्थिति बन सकती है। इस बयान के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर माना। बिहार पुलिस और राज्य के डीजीपी ने निर्देश दिए कि इस तरह के भड़काऊ बयानों पर एफआईआर दर्ज की जाए। 

राजनीतिक पृष्ठभूमि और संदर्भ

सुनील कुमार सिंह राजद के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं और पार्टी में एक सक्रिय स्वर रखते हैं। इसके पहले भी वे विवादों में रहे हैं। उदाहरण के लिए उनके खिलाफ विधान परिषद से निष्कासन प्रस्ताव पास हुआ था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अनुपयुक्त रूप से कठोर कहा था। इस तरह का बयान आना इस समय और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मतगणना से ठीक पहले है। मतगणना के समय शांतिपूर्ण वातावरण, आपूर्ति-सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता काफी मायने रखती है। विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन दोनों ने इस बयान को लेकर अपनी-अपनी राजनीति छेड़ी है। उदाहरण के लिए, सत्ताधारी गठबंधन ने इसे चुनाव प्रक्रिया पर हमला माना है, जबकि राजद ने इसे चेतावनी के रूप में बताया है। 

कानूनी और संवैधानिक मायने

चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों व नेताओं द्वारा दिए गए बयानों को संविधान एवं चुनाव कानून दोनों के दृष्टिकोण से देखा जा सकता है। यदि कोई बयान उकसाने वाला, हिंसा-प्रेरित या गणतंत्र-प्रक्रिया को अवरुद्ध करने वाला हो, तो प्रशासन/पुलिस उसमें हस्तक्षेप कर सकती है। यहाँ मामला है कि राजद नेता सिंह ने कहा कि मतगणना में गड़बड़ी हो जाने की स्थिति में सड़कों पर ऐसा दृश्य होगा जैसा कि माहौल नेपाल बांग्लादेश में बिगड़ गया था। यह एक प्रकार की खतरे की चेतावनी माना जा सकता है, विशेष रूप से चुनावी संवेदनशील समय में। सरकार का काम है शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करना और अगर बड़े अधिकारियों/प्रशासनिक मशीनरी के ऊपर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दबाव या उकसावे का कारण बनता बयान आता है, तो उसे रोकना विधि सम्मत है। दूसरी ओर, बयान देने वाले की तरफ से यह तर्क हो सकता है कि यह उनकी अभिव्यक्ति-स्वतंत्रता के अंतर्गत आता है लेकिन चयनित समय, स्थान, और प्रभाव देखते हुए ऐसा बयान सामान्य राजनीतिक बयान से ऊपर उठ सकताक्या-क्या असर हो सकता है

यदि मतगणना के परिणाम प्रत्याशा के अनुरूप नहीं आए, तो इस तरह का बयान विस्फोटक परिस्थिति पैदा कर सकता है। सड़क प्रदर्शन, प्रशासन व पुलिस पर दबाव, मीडिया में हाय-तौबा। इस तरह की चेतावनी के कारण प्रशासन पहले से सतर्क हो गया है। पुलिस तैनाती, सुरक्षा-जांच बढ़ाई गई है। राजद के लिए यह मामला गलत सेंस में गया है क्योंकि बयान को भड़काऊ माना जा रहा है। यह उनके प्रतिद्वंद्वियों को बढ़ावा देता है कि वे उन्हें शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने वाला पक्ष कहें। आम जनता में यह प्रभाव पड़ सकता है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे ऐसा विश्वास बढ़े। यदि इस तरह के बयान और घटनाएं बढ़ें तो चुनाव की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। है।

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आरजेडी नेता के विवादित बयान पर FIR दर्ज

बिहार में राजनीतिक हलचल को एक नया मोड़ मिला है, जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता सुनील सिंह ने एक विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि "बिहार में भी नेपाल जैसा दृश्य देखने को मिलेगा।" उनके इस बयान को लेकर अब पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।

RJD leader Sunil Kumar Singh
आरजेडी नेता सुनील कुमार सिंह (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar13 Nov 2025 07:04 PM
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह ने एक बयान में चेतावनी दी है कि अगर मतगणना के दौरान किसी तरह की हेराफेरी या 2020 जैसी गड़बड़ी हुई, तो बिहार में “नेपाल जैसा दृश्य” देखने को मिलेगा।

‘रिटर्निंग ऑफिसर बाहर नहीं आएंगे’—आरजेडी एमएलसी सुनील कुमार सिंह

आरजेडी के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह ने कहा कि 2020 के चुनाव के दौरान चुनाव आयोग और प्रशासन ने “कुकृत्य” किया था। उन्होंने कहा कि इस बार अगर वैसी ही गड़बड़ी दोहराई गई तो गंभीर नतीजे देखने को मिल सकते हैं। आरजेडी विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह ने कहा कि कुकृत्य आपने वर्ष 2020 में किया कि 4-4 घंटे किसी के बारे में किसी को कुछ पता नहीं था। वो काम अगर इस बार हुआ तो या तो मेरा उम्मीदवार बाहर आएगा या वो जो रिटर्निंग ऑफिसर होगा, वो बाहर आएगा। पूरी जनता सड़क पर आएगी और वही दृश्य देखने को मिलेगा जो नेपाल में देखने को मिला था। सुनील सिंह ने यह भी कहा कि बिहार की जनता मतगणना को लेकर आशंकित है और रिटर्निंग अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर लोगों के मन में संदेह है।

चुनाव आयोग की साख पर सवाल

आरजेडी नेता ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग की साख पर बट्टा लग चुका है और जनता को भरोसा नहीं रह गया कि निष्पक्ष मतगणना होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मतगणना के दौरान किसी भी तरह की बेईमानी हुई, तो जनता सड़कों पर उतर आएगी।

तेजस्वी यादव ने भी जताई थी चिंता

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मतगणना प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि पूरा प्रयास किया जाएगा कि काउंटिंग को स्लो करवाया जाए। जहां घटनाएं होंगी, वहां कोई कार्रवाई नहीं करवाएंगे ये लोग, लेकिन पूरे बिहार में मिलिट्री फ्लैग मार्च करवाएंगे। तेजस्वी ने कहा था कि विपक्ष की नजर हर सीट पर रहेगी और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में जनता को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

राजनीतिक बवाल तेज, आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार

आरजेडी नेता के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में बवाल मच गया है। बीजेपी और एनडीए खेमे के नेताओं ने इस बयान को चुनाव आयोग को धमकाने की कोशिश बताया है। वहीं, अब तक चुनाव आयोग की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे बयान चुनाव से पहले तनावपूर्ण माहौल पैदा कर सकते हैं। आयोग को इस पर सख्त निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी ताकि जनता का भरोसा कायम रहे।