वैलेंटाइन पर दिल्ली में फिल्म 'तू या मेन' का धमाकेदार प्रमोशन

‘तू या मेन’ को एक सर्वाइवल थ्रिलर के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस फिल्म में रोमांस, रहस्य और हर पल मंडराते खतरे का रोमांच शामिल है। फिल्म ऐसे बनाई गई है कि दर्शक आखिरी फ्रेम तक अपनी सीटों से बंधे रहें।

Tu Ya Main movie
वैलेंटाइन वीक पर फिल्म का जबरदस्त जलवा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar14 Feb 2026 06:23 PM
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Bollywood News : वैलेंटाइन वीक के उत्सव के बीच रिलीज़ हुई फिल्म ‘तू या मेन’ (Tu Yaa Main) ने राजधानी दिल्ली में धमाकेदार प्रमोशन के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। फिल्म के रिलीज़ होते ही पूरी कास्ट और मेकर्स ने दिल्ली में आयोजित प्रमोशनल इवेंट में शिरकत की, जहाँ माहौल काफी रोमांचक रहा। इस मौके पर फिल्म की अभिनेत्री शानाया कपूर, अभिनेता आदर्श गौरव, निर्देशक बेजॉय नांबियार और निर्माता आनंद एल राय मौजूद रहे। इवेंट का आकर्षण तब और बढ़ गया जब शानाया कपूर और आदर्श गौरव ने स्टाइलिश बाइक एग्जिट लेकर कार्यक्रम का समापन किया। दर्शकों ने तालियों और जबरदस्त उत्साह के साथ कलाकारों का स्वागत किया।

सर्वाइवल थ्रिलर के साथ रोमांस का अनोखा संगम

‘तू या मेन’ को एक सर्वाइवल थ्रिलर के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस फिल्म में रोमांस, रहस्य और हर पल मंडराते खतरे का रोमांच शामिल है। फिल्म ऐसे बनाई गई है कि दर्शक आखिरी फ्रेम तक अपनी सीटों से बंधे रहें। निर्देशक बेजॉय नांबियार ने बताया कि यह फिल्म पारंपरिक रोमांटिक कहानियों से हटकर एक नया अनुभव देने का प्रयास है। वहीं, निर्माता आनंद एल राय ने इसे युवा पीढ़ी की भावनाओं से जुड़ी कहानी बताया।

मजबूत प्रोडक्शन टीम और '#DateFright'

फिल्म का निर्माण आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा ने अपने बैनर 'कलर येलो' (Colour Yellow) के तहत किया है। साथ ही भनुशाली स्टूडियोज लिमिटेड के विनोद भनुशाली और कमलेश भनुशाली भी निर्माण टीम का हिस्सा हैं। फिल्म को '#DateFright' एक्सपीरियंस के तौर पर प्रमोट किया जा रहा है, जो एक साधारण डेट को भी सिहरन भरी याद में बदल देने का दावा करती है। फिलहाल ‘तू या मेन’ आपके नजदीकी सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। Bollywood News

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Valentine's Day से मधुबाला का क्या है ताल्लुक? जानिए ऐसे राज जो जानते हैं सिर्फ चुनिंदा लोग

Madhubala: हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अभिनेत्री मधुबाला को भला कौन नहीं जानता। मधुबाला लोगों के दिलों में आज भी राज करती हैं और लोग उनकी खूबसूरती के दिवाने आज भी हैं। Valentine’s Day के मौके पर हम 36 साल की छोटी सी उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली मधुबाला की अनसुनी कहानी के बारे में जानेंगे।

Madhubala
मधुबाला
locationभारत
userअसमीना
calendar14 Feb 2026 01:10 PM
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वैलेंटाइन डे को दुनिया प्यार का जश्न मनाती है लेकिन हिंदी सिनेमा के इतिहास में यह तारीख एक और वजह से खास है। इसी दिन 1933 में भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत और प्रतिभाशाली अदाकारा Madhubala का जन्म हुआ था। पर्दे पर उनकी मुस्कान, नजाकत और अदाकारी ने लाखों दिलों को जीत लिया लेकिन उनकी असल जिंदगी संघर्षों, जिम्मेदारियों और दर्द से भरी रही। गरीबी से उठकर शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचने वाली मधुबाला की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।

मधुबाला का असली नाम और परिवार

मधुबाला का असली नाम मुमताज जहां बेगम देहलवी था। उनका जन्म दिल्ली के एक साधारण पश्तून मुस्लिम परिवार में हुआ। परिवार की आर्थिक हालत बेहद कमजोर थी जिसके कारण बचपन से ही उन्हें जिम्मेदारियां उठानी पड़ीं। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने समझ लिया था कि परिवार की मदद करना उनकी पहली प्राथमिकता है। अभिनय उनके लिए शौक नहीं बल्कि मजबूरी थी। घर का खर्च चलाने के लिए उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और यहीं से उनके सुनहरे सफर की शुरुआत हुई।

महज नौ साल की उम्र में शुरू कर दिया था काम

महज नौ साल की उम्र में मधुबाला ने बाल कलाकार के रूप में काम करना शुरू कर दिया। 1942 में आई फिल्म ‘बसंत’ ने उनके करियर को नई दिशा दी। इसी फिल्म के बाद उनका नाम बदलकर मधुबाला रखा गया। उनकी मासूमियत और कैमरे के सामने सहज अभिनय ने निर्माताओं और दर्शकों का दिल जीत लिया। धीरे-धीरे वह फिल्म इंडस्ट्री की पहली पसंद बनने लगीं और उनके पास फिल्मों के लगातार ऑफर आने लगे।

मधुबाला के करियर का Golden Period

1950 का दशक मधुबाला के करियर का स्वर्णिम दौर माना जाता है। फिल्म ‘महल’ ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद ‘तराना’, ‘हावड़ा ब्रिज’, ‘चलती का नाम गाड़ी’ और ‘हाफ टिकट’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय का जादू बिखेरा। रोमांटिक किरदार हो या कॉमेडी हर रोल में मधुबाला पूरी तरह ढल जाती थीं। उस समय जब अभिनेत्रियों को सीमित भूमिकाएं मिलती थीं मधुबाला ने अपनी शर्तों पर काम किया और अपनी फीस खुद तय की जो उस दौर में एक बड़ी बात थी।

‘मुगल-ए-आजम’ से मिली बड़ी पहचान

मधुबाला की सबसे बड़ी पहचान बनी ऐतिहासिक फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’। इस फिल्म में अनारकली के किरदार ने उन्हें अमर कर दिया। शूटिंग के दौरान वह गंभीर दिल की बीमारी से जूझ रही थीं लेकिन उन्होंने अपने पेशेवर अंदाज से कभी काम में रुकावट नहीं आने दी। शूटिंग के दौरान कई दफा उनकी तबीयत बिगड़ी फिर भी उन्होंने फिल्म पूरी की। यही कामयाबी के शिखर पर पहुंचने के बावजूद उनकी निजी जिंदगी आसान नहीं रही। बीमारी ने धीरे-धीरे उनके करियर को सीमित कर दिया। लंबी बीमारी से जूझने के बाद 23 फरवरी 1969 को मात्र 36 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। मधुबाला का जीवन भले ही छोटा रहा लेकिन उनकी छाप इतनी गहरी है कि आज भी उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में गिना जाता है।

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भक्तों की प्लेलिस्ट में टॉप पर रहता है यह सुपरहिट शिव भजन, क्या आपने सुना?

Mahashivratri: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर फिल्म Kedarnath का सुपरहिट शिवगीत Namo Namo एक बार फिर चर्चा में है। यह भक्तिमय गाना अब तक 975 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है। भगवान शिव की महिमा और आस्था से भरा यह गीत हर साल महाशिवरात्रि पर ट्रेंड करता है।

MahaShivratri Song
शिवगीत
locationभारत
userअसमीना
calendar14 Feb 2026 12:14 PM
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महाशिवरात्रि का पर्व आते ही देशभर में शिव भक्ति की लहर दौड़ जाती है। मंदिरों में घंटियों की गूंज, हर-हर महादेव के जयकारे और सोशल मीडिया पर भक्तिमय पोस्ट्स की भरमार देखने को मिलती है। इसी खास मौके पर एक ऐसा शिवगीत हर साल दोबारा ट्रेंड करने लगता है जिसे सुनते ही श्रद्धा और भावनाएं दोनों उमड़ पड़ती हैं। हम बात कर रहे हैं फिल्म Kedarnath के सुपरहिट गाने Namo Namo की जिसे अब तक 975 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। यह गाना सिर्फ एक भजन नहीं बल्कि करोड़ों शिव भक्तों की आस्था का प्रतीक बन चुका है।

महाशिवरात्रि पर सबसे ज्यादा सर्च होता है यह गाना

साल 2018 में रिलीज हुई फिल्म Kedarnath का यह शिवगीत रिलीज होते ही लोगों के दिलों में बस गया था। गाने में भगवान शिव के प्रति गहरी श्रद्धा और आध्यात्मिक भावनाओं को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों और पवित्र केदारनाथ धाम की मनमोहक वादियों के बीच फिल्माया गया यह गीत दर्शकों को सीधे शिव धाम की अनुभूति कराता है। यही वजह है कि महाशिवरात्रि के मौके पर यह गाना हर साल ट्रेंड करने लगता है।

Namo Namo की खासियत

इस भक्तिमय गीत को संगीत दिया है मशहूर संगीतकार Amit Trivedi ने और इसके भावपूर्ण बोल Amitabh Bhattacharya ने लिखे हैं। संगीत और शब्दों का यह अद्भुत संगम सुनने वालों के मन में भक्ति और शांति का भाव भर देता है। गाने की शुरुआत से ही “ओम नमः शिवाय” की गूंज श्रोताओं को आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाती है। इस गाने की एक और खास बात है इसमें नजर आने वाले दिवंगत अभिनेता Sushant Singh Rajput की मौजूदगी। उनकी सादगी और भावपूर्ण अभिनय इस गीत को और भी खास बना देता है। गाने में उनके साथ Sara Ali Khan नजर आई हैं लेकिन सुशांत की स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों के दिल में एक अलग ही छाप छोड़ी है। उनके निधन के बाद यह गीत फैंस के लिए और भी भावुक बन चुका है। कमेंट सेक्शन में आज भी लोग उन्हें याद कर श्रद्धांजलि देते हैं।

975 मिलियन से ज्यादा देखा गया है गाना

यू-ट्यूब पर यह गाना 975 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है जो इसे बॉलीवुड के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शिव भजनों में शामिल करता है। हर महाशिवरात्रि पर यह गीत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करता है और लाखों लोग इसे सुनकर शिव भक्ति में डूब जाते हैं। अगर आप भी इस पावन अवसर पर भगवान शिव की आराधना करना चाहते हैं तो यह गीत आपकी प्लेलिस्ट में जरूर होना चाहिए।

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