असहमति लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन क्या झूठ और अराजकता भी लोकतांत्रिक अधिकार हैं ?

क्या लोकतंत्र में असहमति के नाम पर झूठ और अराजकता को भी अधिकार माना जा सकता है? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लेख ‘असहमति और अराजकता में अंतर’ ने लोकतंत्र की मर्यादा, विपक्ष की जिम्मेदारी और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर महत्वपूर्ण बहस छेड़ी है।

File photo of India's Defence Minister Rajnath Singh

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फाइल फोटो

locationभारत
userRP Raghuvanshi
calendar19 Oct 2026 05:56 PM
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