हिटमैन के निशाने पर दो बड़े रिकॉर्ड, NZ के खिलाफ बदल सकता है इतिहास

वनडे में शानदार लय में चल रहे रोहित के पास इस सीरीज में ऐसे कई मुकाम छूने का मौका है, जो उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे बड़े ओपनर्स की कतार में और ऊपर ले जा सकता है। पहला वनडे वडोदरा में खेला जाएगा, जहां हिटमैन एक और शतक जड़ते ही इतिहास की एक अहम सूची में बड़ा उछाल मार सकते हैं।

रोहित शर्मा
रोहित शर्मा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Jan 2026 04:48 PM
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Rohit Sharma : भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी से होने जा रही है और इस बार निगाहें सिर्फ टीम इंडिया के प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स पर भी टिकी हैं। वनडे में शानदार लय में चल रहे रोहित के पास इस सीरीज में ऐसे कई मुकाम छूने का मौका है, जो उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे बड़े ओपनर्स की कतार में और ऊपर ले जा सकता है। पहला वनडे वडोदरा में खेला जाएगा, जहां हिटमैन एक और शतक जड़ते ही इतिहास की एक अहम सूची में लंबी छलांग लगा सकते है।

रोहित के पास तेंदुलकर से आगे निकलने का अवसर

इंटरनेशनल क्रिकेट में ओपनर के रूप में सबसे ज्यादा शतक लगाने की चर्चा जब भी होती है, तो सबसे ऊपर कुछ बड़े नाम आते हैं। इस सूची में शीर्ष पर डेविड वॉर्नर हैं जिनके नाम 49 शतक दर्ज हैं। वहीं रोहित शर्मा और सचिन तेंदुलकर फिलहाल 45-45 शतकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर मौजूद हैं।

ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ अगर रोहित एक शतक और लगा देते हैं, तो वह ओपनर के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय बन जाएंगे और ओवरऑल लिस्ट में भी उनकी स्थिति और मजबूत हो जाएगी।

गेल के रिकॉर्ड पर नजर

रोहित शर्मा की पहचान सिर्फ शतकों से नहीं, बल्कि उनके छक्कों की बरसात से भी है। तीनों फॉर्मेट मिलाकर रोहित इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक 648 छक्के लगा चुके हैं। यानी उन्हें 650 तक पहुंचने के लिए सिर्फ 2 छक्कों की जरूरत है और यह आंकड़ा छूते ही वे इंटरनेशनल क्रिकेट में 650 छक्के लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन सकते हैं। इतना ही नहीं, वनडे क्रिकेट में ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी रोहित की पहुंच में है। इस समय यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने ओपनर के रूप में वनडे में 328 छक्के लगाए हैं। रोहित के नाम अभी 327 छक्के हैं। यानी पहले ही वनडे में अगर रोहित दो बार गेंद को स्टैंड्स में भेज देते हैं, तो वे इस मामले में भी गेल को पीछे छोड़ सकते हैं।

वनडे में रोहित का दमदार ट्रैक रिकॉर्ड

वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड खुद उनकी क्लास और निरंतरता की कहानी कहता है। उन्होंने अब तक 279 वनडे खेले हैं और 11,516 रन बना चुके हैं। खास बात यह है कि उनके नाम तीन दोहरे शतक भी दर्ज हैं जो वनडे इतिहास में बेहद दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। रोहित 2022 से 2025 के बीच वनडे में भारत की कप्तानी भी कर चुके हैं। हाल ही में वे विजय हजारे ट्रॉफी में नजर आए थे, जहां उन्होंने सिक्किम के खिलाफ 93 गेंदों पर 155 रन की पारी खेलकर अपना 37वां लिस्ट-ए शतक पूरा किया था। इसी फॉर्म को देखते हुए फैंस को उम्मीद है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ भी रोहित का बल्ला उसी अंदाज में बोलेगा। Rohit Sharma

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IPL क्या है और यह दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग कैसे बनी?

यही वजह है कि हर सीजन IPL सिर्फ रन नहीं बनाता, रिकॉर्ड, पहचान और नई कहानियाँ भी गढ़ता है। अब सवाल उठता है कि IPL आखिर है क्या, और इतनी कम अवधि में यह दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग कैसे बन गई?

IPL दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग बनने की पूरी कहानी
IPL: दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग बनने की पूरी कहानी
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userअभिजीत यादव
calendar10 Jan 2026 04:04 PM
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IPL : क्रिकेट की दुनिया बरसों तक टेस्ट और वनडे के इर्द-गिर्द घूमती रही, लेकिन 21वीं सदी में जिस क्रांति ने खेल की परिभाषा ही बदल दी वह है इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)। आज IPL महज एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि वैश्विक ब्रांड, अरबों डॉलर की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री और उन लाखों युवाओं का मंच है जिनके हाथ में बैट है और आंखों में बड़ा सपना। यही वजह है कि हर सीजन IPL सिर्फ रन नहीं बनाता, रिकॉर्ड, पहचान और नई कहानियाँ भी गढ़ता है। अब सवाल उठता है कि IPL आखिर है क्या, और इतनी कम अवधि में यह दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग कैसे बन गई?

IPL की शुरुआत: एक क्रांतिकारी सोच

IPL की शुरुआत वर्ष 2008 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा की गई। उस समय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में T20 फॉर्मेट नया था और इसे लेकर संशय भी था। लेकिन BCCI ने इसे एक व्यावसायिक और मनोरंजन से भरपूर लीग के रूप में पेश किया, जिसमें क्रिकेट के साथ ग्लैमर, संगीत और ब्रांडिंग का अनोखा संगम देखने को मिला। पहले सीजन से ही IPL ने यह साफ कर दिया कि यह पारंपरिक क्रिकेट से अलग है। शहर आधारित फ्रेंचाइज़ी, खिलाड़ियों की नीलामी, रंगारंग उद्घाटन समारोह और रात के मैचों ने इसे आम दर्शकों के बेहद करीब ला दिया।

फ्रेंचाइजी मॉडल ने बदली तस्वीर

IPL की सबसे बड़ी ताकत उसका फ्रेंचाइज़ी मॉडल है। मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमें सिर्फ क्रिकेट टीम नहीं, बल्कि ब्रांड बन गईं। इन टीमों के पीछे बड़े उद्योगपति, फिल्मी सितारे और कॉर्पोरेट कंपनियाँ जुड़ीं, जिससे लीग को आर्थिक मजबूती मिली। टीमों के साथ शहरों की भावनात्मक जुड़ाव ने दर्शकों की संख्या को कई गुना बढ़ा दिया। लोग सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि अपनी टीम को सपोर्ट करने लगे।

नीलामी प्रणाली

IPL की पहचान उसकी प्लेयर ऑक्शन प्रणाली है। यहाँ दुनिया भर के खिलाड़ी खुली नीलामी में बिकते हैं, जहाँ उनकी कीमत उनके प्रदर्शन, अनुभव और लोकप्रियता पर निर्भर करती है। इस व्यवस्था ने न सिर्फ खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति बदली, बल्कि घरेलू खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय सितारों के साथ खेलने का अवसर दिया। एक छोटे शहर से आने वाला युवा खिलाड़ी IPL के मंच से करोड़पति बन सकता है यही IPL को खास बनाता है।

ग्लोबल खिलाड़ियों की मौजूदगी

IPL की चमक को “ग्लोबल” बनाने में विदेशी सितारों की भूमिका सबसे बड़ी रही है। ऑस्ट्रेलिया की आक्रामक बल्लेबाज़ी, इंग्लैंड की आधुनिक T20 रणनीति, दक्षिण अफ्रीका की रफ्तार और वेस्टइंडीज की पॉवर-हिटिंग ये सब जब एक ही मैदान पर उतरते हैं, तो IPL सिर्फ भारतीय लीग नहीं रह जाती, वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे बड़ा शोकेस बन जाती है। दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी ने मैचों का स्तर भी ऊंचा किया और व्यूअरशिप का दायरा भी, यही वजह है कि IPL हर सीजन ग्लोबल फैंस को जोड़ती है और इसे सबसे प्रतिस्पर्धी T20 लीग के रूप में स्थापित करती है।

मनोरंजन और क्रिकेट का संगम

IPL ने क्रिकेट को सिर्फ खेल की सीमाओं में नहीं बाँधा, बल्कि उसे एक हाई-एनर्जी एंटरटेनमेंट पैकेज बना दिया। स्टेडियम में संगीत की धुन, बड़ी स्क्रीन पर चलती हाइलाइट्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड करती क्लिप्स और सोशल मीडिया पर पल-पल की चर्चा इन सबने IPL को युवाओं की पसंदीदा प्राइम-टाइम लीग बना दिया। तीन घंटे का तेज़, टाइट और थ्रिल से भरा यह फॉर्मेट आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में बिल्कुल फिट बैठता है।

डिजिटल और ब्रॉडकास्ट क्रांति

IPL को जन-जन की लीग बनाने में टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने सबसे बड़ा इंजन का काम किया। रिकॉर्ड ब्रॉडकास्ट डील्स, हाई-डेफिनिशन कवरेज, ऑनलाइन स्ट्रीमिंग और मोबाइल ऐप्स ने स्टेडियम का शोर सीधे दर्शकों के ड्रॉइंग रूम तक पहुँचा दिया। अब मैच सिर्फ टीवी पर नहीं, फोन की स्क्रीन पर हर जगह, हर वक्त उपलब्ध है। यही कारण है कि IPL ने व्यूअरशिप के नए पैमाने गढ़े और आज यह दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले खेल आयोजनों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कर चुका है।

भारतीय क्रिकेट को मिला नया आयाम

IPL ने भारतीय क्रिकेट को गहराई दी। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों ने IPL से पहचान बनाई और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का नाम रोशन किया। यह लीग टैलेंट की नर्सरी बन गई।

विवादों के बावजूद मजबूत होती लीग

IPL की चमक के साथ विवादों की परछाई भी कभी-कभी दिखी स्पॉट फिक्सिंग से लेकर प्रशासनिक पारदर्शिता तक कई सवाल उठे। लेकिन यही इसकी मजबूती भी रही कि संकट के दौर में लीग ने कड़े सुधारात्मक कदम, सख्त अनुशासन और नियमों की कसौटी पर खुद को कसकर अपनी विश्वसनीयता बचाए रखी। समय बीतने के साथ संचालन और भी प्रोफेशनल, प्रक्रियाएं ज्यादा जवाबदेह और सिस्टम अधिक मजबूत होता गया और IPL धीरे-धीरे केवल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि क्रिकेट मैनेजमेंट का एक मानक मॉडल बनकर उभरा।

दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग क्यों?

IPL को दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग यूँ ही नहीं कहा जाता यह मैदान पर रोमांच के साथ-साथ क्रिकेट की सबसे ताक़तवर अर्थव्यवस्था भी है। रिकॉर्ड राजस्व, दुनिया भर के टॉप क्रिकेटर्स की मौजूदगी, हर सीज़न टूटते टीवी-डिजिटल व्यूअरशिप के आंकड़े और फ्रेंचाइज़ी कल्चर से लेकर ब्रैंड-वैल्यू तक, IPL ने ऐसा मॉडल खड़ा किया है जहाँ खेल, कारोबार और मनोरंजन एक ही मंच पर सबसे सफल तरीके से मिलते हैं। यही वजह है कि IPL सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि वैश्विक क्रिकेट का सबसे बड़ा प्राइम-टाइम इवेंट बन चुका है। IPL

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IPL की कहानी: कैसे एक टूर्नामेंट ने भारतीय क्रिकेट को गेम-चेंजर बनाया

IPL ने खेल की रफ्तार बढ़ाई, प्रतिभाओं को रातों-रात पहचान दिलाई और क्रिकेट को एक नए प्रोफेशनल युग में धकेल दिया। IPL सिर्फ एक क्रिकेट लीग नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के विकास का सबसे प्रभावशाली माध्यम बन गया।

IPL ने भारतीय क्रिकेट को नए दौर की रफ्तार दी
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userअभिजीत यादव
calendar09 Jan 2026 03:52 PM
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IPL : दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक भारतीय क्रिकेट की पहचान लंबे समय तक अनुशासन, धैर्य और टेस्ट-वनडे की कठोर परीक्षा से बनी रही। मैदान पर जीत उतनी ही अहम थी, जितना वक्त के साथ खुद को साबित करना था। लेकिन 2008 में IPL के आगाज ने इस कहानी में ऐसा मोड़ ला दिया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। यह सिर्फ एक नया टूर्नामेंट नहीं था यह भारतीय क्रिकेट की सोच, सिस्टम और स्टाइल पर चलने वाला एक तेज अपग्रेड साबित हुआ। IPL ने खेल की रफ्तार बढ़ाई, प्रतिभाओं को रातों-रात पहचान दिलाई और क्रिकेट को एक नए प्रोफेशनल युग में धकेल दिया। IPL सिर्फ एक क्रिकेट लीग नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के विकास का सबसे प्रभावशाली माध्यम बन गया।

घरेलू खिलाड़ियों को मिला वैश्विक मंच

IPL से पहले घरेलू क्रिकेट खेलने वाले हजारों प्रतिभाशाली खिलाड़ी सीमित पहचान तक ही सिमटे रहते थे। रणजी ट्रॉफी या राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद, उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुँचने में वर्षों लग जाते थे। IPL ने इस दूरी को पाट दिया। एक सीज़न में शानदार प्रदर्शन कर खिलाड़ी सीधे चयनकर्ताओं और क्रिकेट प्रशंसकों की नजरों में आ गए। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी IPL के माध्यम से ही भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में स्थापित हुए।

खेल की शैली में आया बदलाव

IPL ने भारतीय क्रिकेट की खेलने की शैली को पूरी तरह बदल दिया। आक्रामक बल्लेबाज़ी, बड़े शॉट्स, इनोवेटिव स्ट्रोक्स और डेथ ओवर्स की रणनीति पहले भारतीय क्रिकेट में सीमित मानी जाती थी। लेकिन टी20 प्रारूप और IPL ने खिलाड़ियों को जोखिम लेना सिखाया। अब भारतीय बल्लेबाज़ निडर होकर खेलते हैं और गेंदबाज विविधताओं पर ज्यादा ध्यान देते हैं। यॉर्कर, स्लोअर बॉल और रणनीतिक फील्ड प्लेसमेंट जैसी तकनीकें आम हो गईं।

खिलाड़ियों की फिटनेस में भी आया बड़ा बदलाव

IPL ने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस और प्रोफेशनलिज़्म को नई पहचान दी। विदेशी खिलाड़ियों और अंतरराष्ट्रीय कोचों के साथ खेलने से भारतीय क्रिकेटरों को आधुनिक ट्रेनिंग, डाइट और मानसिक तैयारी का महत्व समझ में आया। फिटनेस अब सिर्फ चयन का मानदंड नहीं, बल्कि करियर की अनिवार्यता बन चुकी है। IPL फ्रेंचाइज़ियों द्वारा अपनाया गया प्रोफेशनल मैनेजमेंट मॉडल आगे चलकर भारतीय क्रिकेट टीम की संस्कृति का हिस्सा बन गया।

आर्थिक सशक्तिकरण और करियर की सुरक्षा

IPL ने क्रिकेट को केवल खेल नहीं, बल्कि एक सुरक्षित करियर विकल्प बना दिया। पहले जहां खिलाड़ी आर्थिक असुरक्षा से जूझते थे, वहीं अब IPL ने उन्हें आर्थिक स्थिरता दी। युवा खिलाड़ी कम उम्र में आर्थिक रूप से मजबूत हुए, जिससे वे बिना दबाव के अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सके। इससे क्रिकेट में ड्रॉपआउट की संख्या घटी और प्रतिभाओं का संरक्षण संभव हुआ। IPL के जरिए भारतीय क्रिकेट को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कोच, एनालिस्ट और रणनीतिकार मिले। डेटा एनालिटिक्स, मैच-अप रणनीति और माइक्रो-प्लानिंग जैसे पहलू पहले भारतीय क्रिकेट में सीमित थे। IPL ने इन सभी को मुख्यधारा में ला दिया। अब खिलाड़ी सिर्फ नेट प्रैक्टिस पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि विपक्षी टीम और खिलाड़ियों के आंकड़ों के आधार पर रणनीति बनाते हैं।

कप्तानी और नेतृत्व कौशल का विकास

IPL ने भारतीय क्रिकेट को कई मजबूत कप्तान दिए। महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा जैसे कप्तानों की नेतृत्व शैली IPL के अनुभव से और निखरी। इसके अलावा, कई युवा खिलाड़ियों को नेतृत्व के अवसर मिले, जिससे उनमें निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ा। आज भारतीय क्रिकेट में नेतृत्व की गहराई IPL की देन मानी जाती है।

क्रिकेट और मनोरंजन का संतुलन

IPL ने क्रिकेट को मनोरंजन से जोड़कर इसे जन-जन तक पहुँचाया। संगीत, रंगारंग कार्यक्रम और फैन एंगेजमेंट ने युवाओं को क्रिकेट से जोड़ा। इससे खेल की लोकप्रियता बढ़ी और क्रिकेट एक आधुनिक, युवा-केंद्रित खेल के रूप में उभरा। यह बदलाव भारतीय क्रिकेट के दर्शक आधार के विस्तार में महत्वपूर्ण साबित हुआ। IPL

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