पाकिस्तान के पलटते ही बच गए करोड़ो, ICC ने ली राहत की सांस

इस बार भी आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच बॉयकॉट करने की धमकी दी। यहां तक कि शीर्ष स्तर से यह संदेश दिया गया कि पाकिस्तान टूर्नामेंट खेलेगा, लेकिन भारत के सामने मैदान में नहीं उतरेगा।

भारत-पाक मैच
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Feb 2026 03:50 PM
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ICC T20 World Cup 2026 : क्रिकेट की दुनिया में भारत बनाम पाकिस्तान सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि ऐसा हाई-वोल्टेज इवेंट है जिसकी गूंज मैदान से निकलकर टीवी स्क्रीन, टिकट खिड़की, स्पॉन्सरशिप और ट्रैवल इंडस्ट्री तक पहुंचती है। यही वजह है कि ICC के लिए यह मैच सबसे बड़ा रेवेन्यू ड्राइवर में से एक माना जाता है। लेकिन पिछले कुछ बड़े टूर्नामेंट्स में पाकिस्तान की ओर से मैच को लेकर बयानबाजी और दबाव की राजनीति बार-बार देखने को मिली है। इस बार भी आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच बॉयकॉट करने की धमकी दी। यहां तक कि शीर्ष स्तर से यह संदेश दिया गया कि पाकिस्तान टूर्नामेंट खेलेगा, लेकिन भारत के सामने मैदान में नहीं उतरेगा। हालांकि सोमवार को माहौल पलटा पाकिस्तान ने पीछे हटते हुए यू-टर्न लिया और भारत के खिलाफ खेलने पर सहमति जता दी।

$174 मिलियन का नुकसान टलने का दावा

भारत के प्रसिद्ध अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी, कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले को लेकर जारी बहिष्कार-संबंधी निर्देश से कदम पीछे खींच लिए। इस यू-टर्न ने ICC को एक बड़े झटके से बचा लिया। अनुमान है कि अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर अड़ा रहता, तो ICC को करीब $174 मिलियन का संभावित नुकसान उठाना पड़ सकता था जो भारतीय मुद्रा में लगभग 15,75,69,61,500 रुपये (करीब 1575 करोड़ रुपये) बैठता है। सूत्र के अनुसार, कुल नुकसान लगभग $174 मिलियन तक पहुंच सकता था, जिसमें ब्रॉडकास्टर, गेट मनी (टिकटिंग) और अन्य स्पॉन्सरशिप से जुड़ी आमदनी पर असर शामिल होता।

मैच कन्फर्म होते ही बढ़े टिकट और ट्रैवल रेट

भारत-पाकिस्तान मैच का क्रेज सिर्फ स्टेडियम तक सीमित नहीं रहता उसका असर ट्रैवल इंडस्ट्री पर भी तुरंत दिखाई देता है।  जैसे ही यह संकेत पक्का हुआ कि भारत रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरेगा, फ्लाइट बुकिंग्स में अचानक उछाल आ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई-कोलंबो-मुंबई राउंड ट्रिप का किराया कुछ ही मिनटों में करीब 10 हजार रुपये बढ़कर 60 हजार रुपये तक पहुंच गया। यह तेजी बताती है कि ICC टूर्नामेंट में यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि आर्थिक लिहाज से भी सबसे बड़ा मैग्नेट है जो टिकट, ब्रॉडकास्ट और स्पॉन्सरशिप के साथ-साथ ट्रैवल इंडस्ट्री की कमाई तक को झटके में ऊपर-नीचे कर देता है। ICC T20 World Cup 2026

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बीते करीब 10 दिनों से पीसीबी और पाकिस्तान सरकार की तरफ से ‘मैच बहिष्कार’ जैसी सख्त बयानबाज़ी करके दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन बैठक के बाद वही तेवर फीके पड़ते दिखे। सूत्रों के मुताबिक, पीसीबी ने आईसीसी के सामने कुछ शर्तें रखीं, मगर उन्हें हरी झंडी नहीं मिली।

भारत-पाक मैच विवाद हुआ खत्म
भारत-पाक मैच विवाद हुआ खत्म
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Feb 2026 11:54 AM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर चल रहा सस्पेंस आखिरकार सोमवार की आईसीसी बैठक के बाद काफी हद तक टूटता नजर आया। बीते करीब 10 दिनों से पीसीबी और पाकिस्तान सरकार की तरफ से ‘मैच बहिष्कार’ जैसी सख्त बयानबाज़ी करके दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन बैठक के बाद वही तेवर फीके पड़ते दिखे। सूत्रों के मुताबिक, पीसीबी ने आईसीसी के सामने कुछ शर्तें रखीं, मगर उन्हें हरी झंडी नहीं मिली। 

इतिहास बताता है बहिष्कार की हिम्मत आसान नहीं

पाकिस्तान भले भारत के खिलाफ मैच न खेलने की बात करता रहा हो, लेकिन क्रिकेट इतिहास में एक बार भारत ने सचमुच बीच मुकाबला छोड़कर दुनिया को चौंका दिया था। यह घटना 3 नवंबर 1978 की बताई जाती है, जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मुकाबला विवादित अंपायरिंग के विरोध में बीच में रोक दिया था। उस फैसले से जुड़े किस्से आज भी क्रिकेट दुनिया में बहस का विषय रहते हैं।

1978 में क्या हुआ था?

साहीवाल में खेले जा रहे उस मुकाबले में भारत जीत की दहलीज पर खड़ा था। पाकिस्तान ने 40 ओवर में 205/7 रन बनाए, जवाब में भारत 37 ओवर के बाद 183/2 पर पहुंच चुका थाभारत को 18 गेंदों में 23 रन चाहिए थे और 8 विकेट शेष थे। क्रीज पर अंशुमान गायकवाड़ और दूसरे छोर पर गुंडप्पा विश्वनाथ मौजूद थे। इसी दौरान गेंदबाजी के लिए सरफराज नवाज आए। आरोप यह लगा कि उन्होंने लगातार ऐसी गेंदें फेंकीं जो बल्लेबाज की पहुंच से बाहर थीं, लेकिन अंपायर ने वाइड देने से परहेज किया। जब यह सिलसिला बार-बार दोहराया गया, तो भारतीय डगआउट में नाराजगी बढ़ती गई। कहानी के मुताबिक, एक के बाद एक गेंदें बाहर जाती रहीं, विकेटकीपर तक पहुंचीं, लेकिन वाइड का इशारा नहीं हुआ। भारतीय बल्लेबाजों को लगने लगा कि विपक्षी टीम की रणनीति साफ है गेंदों को जानबूझकर दूर रखो और अंपायर वाइड न दे। ऐसे में रन चेज का गणित अचानक पेचीदा होता गया और मैच का मजाक बनने की स्थिति बनती दिखी।

जब कप्तान ने खेल रोककर दर्ज कराया था विरोध

इसी मोड़ पर कप्तान बिशन सिंह बेदी ने मैदान पर ही निर्णायक कदम उठाया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने विरोध जताते हुए खेल आगे न बढ़ाने का फैसला किया और मुकाबला वहीं रोक दिया गया। नतीजा यह रहा कि मैच घरेलू टीम के पक्ष में चला गया और पाकिस्तान ने सीरीज 2-1 से जीत ली। इस घटना के बाद लंबे समय तक यह चर्चा रही कि विवाद की छाया साहीवाल पर भी पड़ी। दावा किया जाता है कि इसके बाद वहां अंतरराष्ट्रीय मैच दोबारा नहीं कराया गया। यही वजह है कि आज जब भारत-पाकिस्तान मुकाबलों पर बहिष्कार की बातें होती हैं, तो 1978 का वह किस्सा फिर से सामने आ जाता है। ICC T20 World Cup 2026

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आखिरकार निकल गई पाक की हेकड़ी, भारत मैच पर लेना पड़ा यू-टर्न

वही बांग्लादेश जिसे ICC ने कड़े फैसले के तहत टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस विवाद की जड़ में बांग्लादेश का वह फैसला रहा, जिसमें उसने सुरक्षा का हवाला देकर भारत में खेलने से मना कर दिया।

भारत पाकिस्तान मुकाबला अब तय
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Feb 2026 11:26 AM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 पाकिस्तान की बॉयकॉट वाली हेकड़ी नौ दिन भी नहीं टिक पाई। टूर्नामेंट से पहले जिस तेवर के साथ पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मुकाबला न खेलने का एलान किया था, वही अब ICC की सख्त हिदायत, नियम तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी और अलग-अलग क्रिकेट बोर्ड्स के बढ़ते दबाव के सामने फीका पड़ता दिखा। आखिरकार हालात ऐसे बने कि पाकिस्तान के पास पीछे हटने का रास्ता ही नहीं बचा और उसे भारत के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।

PM के बयान से शुरू हुआ बॉयकॉट ड्रामा

टी20 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मुकाबला नहीं खेलेगा। इस ‘बॉयकॉट’ के जरिए पाकिस्तान, दरअसल, बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन दिखाने की कोशिश कर रहा था वही बांग्लादेश जिसे ICC ने कड़े फैसले के तहत टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस विवाद की जड़ में बांग्लादेश का वह फैसला रहा, जिसमें उसने सुरक्षा का हवाला देकर भारत में खेलने से मना कर दिया। कहा गया कि जब BCCI ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करने का फैसला किया, उसके बाद बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में खेलने से इनकार कर दिया और मांग रखी कि उसके मुकाबले श्रीलंका शिफ्ट किए जाएं। ICC ने काफी कोशिश की, मगर बांग्लादेश नहीं माना और आखिरकार उसे टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया गया।

बांग्लादेश को उकसाने में पाकिस्तान की भूमिका

इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान का रोल सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में आया। जब ICC और बांग्लादेश के बीच भारत में खेलने को लेकर बातचीत चल रही थी, तब पाकिस्तान बीच में कूद पड़ा। बांग्लादेश को “समर्थन” देने के नाम पर पाकिस्तान ने उसे अपने फैसले से पीछे न हटने के लिए उकसाया। यहां तक कहा गया कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को संदेश दिया था अगर ICC ने बांग्लादेश को बाहर किया, तो पाकिस्तान भी टूर्नामेंट से हट जाएगा। लेकिन जैसे ही ICC ने बांग्लादेश को बाहर का रास्ता दिखाया, पाकिस्तान ने अगले ही दिन टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड का ऐलान कर दिया। यानी समर्थन की बात अलग, और असली रणनीति अलग। इसके बाद भी पाकिस्तान की ड्रामेबाज़ी रुकी नहीं। प्रधानमंत्री ने यह कहते हुए नया मोड़ दे दिया कि पाकिस्तान टूर्नामेंट में खेलेगा जरूर, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करेगा। यह बयान जितना सियासी था, उतना ही ICC के नियमों के हिसाब से जोखिम भरा भी क्योंकि किसी मैच से इनकार करना टूर्नामेंट रेगुलेशन्स का उल्लंघन माना जाता है।

बॉयकॉट पर ICC का अल्टीमेटम

ICC ने इस मामले में पाकिस्तान को सिर्फ समझाया नहीं, बल्कि साफ चेताया कि भारत के खिलाफ मैच न खेलना नियमों का उल्लंघन होगा और इसका बड़ा नुकसान PCB को झेलना पड़ सकता है। साथ ही, ICC ने अलग-अलग बोर्ड्स के जरिए पाकिस्तान पर दबाव बढ़वाया और यहीं से खेल पलट गया। IND vs PAK मैच कोलंबो में तय था। ऐसे में श्रीलंका के लिए यह मुकाबला फाइनेंशियल और प्रतिष्ठा दोनों लिहाज से बेहद अहम था। श्रीलंका ने पाकिस्तान को पत्र लिखकर बताया कि अगर यह मैच नहीं हुआ, तो उन्हें भारी आर्थिक, लॉजिस्टिकल और रेपुटेशनल नुकसान होगा। इसी पत्र में श्रीलंका ने 2009 के आतंकी हमले का संदर्भ भी दिया और याद दिलाया कि जब मुश्किल दौर में कोई टीम पाकिस्तान नहीं आ रही थी, तब श्रीलंका ने आगे बढ़कर उनका साथ दिया था। संदेश साफ था: अब पीछे हटना रिश्तों पर भी असर डालेगा।

बांग्लादेश ने पलट दी पाकिस्तान की चाल

इसके बाद यूएई की तरफ से दबाव बना। PCB को याद दिलाया गया कि कठिन समय में UAE ने पाकिस्तान को दुबई, अबूधाबी और शारजाह को लंबे वक्त तक होम बेस के तौर पर इस्तेमाल करने दिया था। साथ ही यह भी कहा गया कि अगर मैच नहीं होता, तो इसका असर सिर्फ बड़े बोर्ड्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एसोसिएट देशों की क्रिकेट भी आर्थिक नुकसान झेलेगी। ECB ने भी PCB से साफ कहा कि अगर पाकिस्तान मैच के लिए नहीं आता, तो क्रिकेट वर्ल्ड को बड़ा वित्तीय नुकसान होगा। ब्रॉडकास्टिंग, टिकटिंग, आयोजन और स्पॉन्सरशिप हर मोर्चे पर असर पड़ेगा, और सबसे ज्यादा चोट छोटे क्रिकेटिंग देशों को पहुंचेगी। सबसे बड़ा झटका पाकिस्तान को तब लगा जब बांग्लादेश ही सामने आकर बोला भारत के खिलाफ मैच खेलो। BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम खुद लाहौर पहुंचे, PCB प्रमुख मोहसिन नकवी से मुलाकात की और सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान से अपील कर दी कि वह “क्रिकेट के बड़े हित” में भारत के खिलाफ खेले। यानी जिस देश को ढाल बनाकर पाकिस्तान ‘बॉयकॉट’ की राजनीति कर रहा था, उसी ने पाकिस्तान की रणनीति को नैतिक रूप से कमजोर कर दिया। ICC T20 World Cup 2026

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