Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 03 फरवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “आधार सत्यापन नहीं होने से रजिस्ट्री के लिए जूझते रहे लोग” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि अब जमीन खरीदने के लिए रजिस्ट्री विभाग ने आधार सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था तैयार करना रहा, लेकिन पहले दिन ही अधिकतर लोगों का आधार सत्यापन करने में विभागीय कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सेक्टर-33ए स्थित उप निबंधन कार्यालय में सोमवार को बड़ी संख्या में लोग जमीन के लिए रजिस्ट्री कराने पहुंचे। शुरूआती वक्त में कुछ रजिस्ट्रियां हुईं लेकिन थोड़ी ही देर में वेबसाइट में कुछ शहरवासियों का आधार सत्यापन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासकर बुजुर्ग समेत ऐसे लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतें आईं, जिन्होंने लंबे समय से आधार कार्ड अपडेट ही नहीं कराया था। दिल्ली से आए शैलेश ने बताया कि वह सेक्टर 73 में जमीन खरीद रहे हैं। इसके लिए वह पहले से ही दस्तावेज तैयार करके लाए थे लेकिन आधार सत्यापन के दौरान उनके फिंगरप्रिंट के जरिए होने वाला सत्यापन कई बार प्रयास करने के बाद भी नहीं हो सका।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “एसआईटी जांच के बाद अब शासन करेगा कार्रवाई” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-150 के बीच तालाब बने प्लॉट में डूबकर 16 जनवरी की रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत पर विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण में वर्क सर्कल से लेकर ट्रैफिक सेल तक में कार्रवाई के डर का सन्नाटा है। कार्रवाई शासन स्तर से होनी है। सूत्रों की माने तो सड़क सुरक्षा इंतजाम न होने, गहरा जलभराव वाला प्लॉट खुला छूटने व सूचना के बाद भी युवराज को निकालने में देरी पर प्राधिकरण, पुलिस, प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी जांच के शिकंजे में आए हैं। इन पर विभागीय कार्रवाई या फिर शासन का रूख सख्त होने पर एफआईआर भी करवाया जाना मुमकिन है।FRRATED मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी जांच का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री खुद एसआईटी से घटना की प्राथमिक जांच पर जानकारी ले चुके हैं। इसलिए एसआईटी की रिपोर्ट को शासन स्तर पर भी गहनता से देखा जा रहा है। सूत्रों की माने तो जांच रिपोर्ट में एसआईटी ने कुछ सिफारिशें की हैं। इनमें जिले में बचाव संसाधनों की कमी दूर कराने, सड़क सुरक्षा इंतजाम को लेकर और भी काम गंभीरता से करवाए जाने की जरूरत बताई है। एसआईटी का गठन 19 जनवरी को हुआ था।
Hindi News:
अमर उजाला ने 03 फरवरी 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “न्यू नोएडा में 5600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से खरीदी जाएगी जमीन” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा प्राधिकरण ने दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन (न्यू नोएडा) के 80 गांव में किसानों से सीधे जमीन खरीदने के लिए 5600 रुपये प्रति वर्ग मीटर दरें प्रस्तावित कर दी हैं। जमीन दरों क प्रस्ताव शासन के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने पर ये दरें प्रभावी होंगी। इसके साथ ही न्यू नोएडा क्षेत्र में तेजी हो रही जमीनों की खरीद-फरोख्त रोकने को रजिस्ट्री पर रोक लगाने की जगह नई व्यवस्था प्रभावी करने की तैयारी है। इस नई व्यवस्था के प्रारूप पर मुख्यमंत्री ने नोएडा प्राधिकरण से रिपोर्ट मांगी है। प्रस्तावित की गई जमीन दरें नोएडा, ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण की मौजूदा दरों से ज्यादा हैं। न्यू नोएडा में बागपत और खेकड़ा तहसील के गावं भी शामिल करने पर विचार चल रहा है। स्थानीय प्रशासन का यह प्रस्ताव शासन में पहुंचा हुआ है। इसको लेकर भी नोएडा प्राधिकरण से राय मांगी गई है। बागपत तहसील में 113 गांव और 3 कस्बे हैं। वहीं खेकड़ा तहसील में 53 गांव हैं। यह शामिल होने पर निवेश क्षेत्र का दायरा और बढ़ेगा। इसके लिए मास्टर प्लान भी अलग से तैयार कराना होगा। यह भी सूचना है कि पूर्व में भी एक बार नोएडा प्राधिकरण से इस विषय में राय मांगी गई थी। लेकिन तब प्राधिकरण तैयार नहीं हुआ था। मौजूदा न्यू नोएडा के मास्टर प्लान का यह है प्रारूप : दादरी से खुर्जा के बीच 80 गांव की जमीन पर न्यू नोएडा का विकास किया जाना प्रस्तावित है। इसका प्रभारी नोएडा प्राधिकरण है। न्यू नोएडा के मास्टर प्लान-2041 को यूपी कैबिनेट ने 18 अक्टूबर 2024 को मंजूरी दी थी। विकास की तैयारी में प्राधिकरण मौके पर अस्थायी दफ्तर की जमीन देखा चुका है। अब मुआवजा दरों पर मंथन चल रहा है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत के लिए अस्थायी दफ्तर को जमीन सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में देखी गई है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 03 फरवरी 2026 का प्रमुख समाचार “पिकअप ने एंबुलेंस में मारी टक्कर, चार घायल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा नालेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में सोमवार दोपहर ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-147 के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने एंबुलेंस में पीछे से टक्कर मार दी। एंबुलेंस क्षतिग्रस्त हो गई और पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में एंबुलेंस सवार दो मरीज समेत चार लोग घायल हो गए। घायल दो बुजुर्ग मरीजों को एंबुलेंस से नालेज पार्क तीन स्थित सूर्या हास्पिटल से नोएडा के सेक्टर-49 स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर ले जाया जा रहा था। ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल अस्पताल से समन्वय कर दूसरी एंबुलेंस मंगाकर 10 मिनट के भीतर दोनों मरीजों को नोएडा के अस्पताल भेजा। समय राहते कार्रवाई से जनहानि नहीं हुई।
कोतवाली पुलिस के अनुसार, एंबुलेंस में मरीज अमीर सिंह (75) निवासी मैनपुरी और रिक्षपाल (77) निवासी बुलंदशहर थे। अमीर सिंह के चेहरे और पसलियों व रिक्षपाल को पेट और हाथ में चोटें लगी हैं। एंबुलेंस चालक पारस सक्सेना (24) निवासी सोहरखा सेक्टर-115 नोएडा और एंबुलेंस में मौजूद नर्सिंग स्टाफ अंकित कुमार को भी हल्की चोट हैं। पिकअप में दो भैंसे लदी थीं। पिकअप चालक ने लापरवाही से चलाते हुए पहले एंबुलेंस और फिर उसके आगे चल रही एल्ट्रीज कार को पोछे से टक्कर मार दी। यातायात निरीक्षक अमर सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंचे। ट्रैफिक पुलिस ने अतिरिक्त बल लगाकर कुछ ही देर में यातायात को सुचारू करा दिया। क्रेन से पिकअप को भी किनारे कराया। मरीजों को भी दूसरी एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल रवाना किया गया।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “सोसायटी के बेसमेंट में भरा सीवर का पानी, 50 लाख रुपये का जुर्माना” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अजनारा होम्स सोसायटी के बेसमेंट में सीवर का पानी भरने पर ग्रेनो प्राधिकरण ने बिल्डर प्रबंधन पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सोसायटी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) दो साल से बंद है और गंदा पानी नाले में बहाया जा रहा है। कचरे का निस्तारण न करने पर भी चार लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। सोसायटी में रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी प्रबंधन पर एफआइआर दर्ज करने के लिए पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। प्राधिकरण के मुताबिक, पूर्व में नोटिस जारी करने और पांच लाख का जुर्माना लगाने के बाद भी एसटीपी का संचालन नहीं किया गया। प्रतिदिन 1.15 एमएलडी सीवरेज निकलता है जिसे बिना शोधित किए नाले में बहाया जा रहा है।
निवासियों की शिकायत पर प्राधिकरण के सीवर विभाग की टीम ने रविवार को निरीक्षण किया तो बेसमेंट में दो से तीन फुट पानी भरा था। परिसर में भूजल का अवैध रूप से दोहन करते पाया गया। इसका उपयोग सफाई और उद्यान के कार्यों में किया जा रहा है। सोसायटी में 2300 परिवार रहते हैं। सीवर विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव ने बताया कि एसटीपी का संचालन न होने और बेसमेंट में पानी भरने पर बिल्डर प्रबंधन पर जुर्माना लगाया गया है। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 का उल्लंघन करने पर प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी 432000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बीते माह निरीक्षण के दौरान. एसटीपी चालू न मिलने पर 25 सोसायटियों पर पांच-पांच लाख रुपये के हिसाब से पौने दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को शिकायत मिली है कि शहर की कुछ बिल्डर सोसायटियों में एसटीपी चालू स्थिति में नहीं हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए सीवर विभाग ने ग्रेटर नोएडा ईस्ट व वेस्ट स्थित 220 बिल्डर सोसायटी को नोटिस जारी कर एसटीपी की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 03 फरवरी का प्रमुख समाचार “यमुना प्राधिकरण के विकास माडल को देखने पहुंचे तेलंगाना के अधिकारी” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि प्रदेश में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के विकास माडल देश के अन्य राज्यों के लिए नजीर बन रहे हैं। तेलंगाना की फ्यूचर सिटी डेवलपमेंट अथारिटी एफसीडीए अधिकारियों ने सोमवार को यमुना प्राधिकरण के विकास के माडल की जानकारी ली। नियोजित विकास के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया, आवासीय व औद्योगिक क्षेत्र के विकास, नियोजन, संरचनात्मक विकास, वित्तीय माडल, - पीपीपी मैकेनिज्म आदि के बारे में - अधिकारियों से चर्चा के साथ यीडा क्षेत्र में हो रहे विकास को भी देखा। - यीडा क्षेत्र के विकास माडल की खूबियों को तेलंगाना में नए शहरों के विकास में अपनाया जा सकता है एफसीडीए के निदेशक नियोजन देवेंद्र रेड्डी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल में प्रशासनिक अधिकारी पी. महेंद्र, तहसीलदार सुरेश कुमार, सहायक नियोजन अधिकारी सीएच लक्ष्मी नारायणा शामिल रहे। यीडा एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से यीडा के नियोजन प्रक्रिया, संस्थागत सुविधाओं के विकास आदि की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि यीडा अपने क्षेत्र का विकास मास्टर प्लान के आधार पर करता है। अधिसूचित क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार कर उसमें आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत आदि विभिन्न गतिविधियों के लिए सेक्टर निर्धारित किए जाते हैं। उन्होंने यीडा क्षेत्र में औद्योगिक पार्क व उनके विकास के लिए अपनाई गई प्रक्रिया की भी जानकारी दी। यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि यीडा क्षेत्र का विकास अब अन्य राज्यों के लिए माडल बन रहा है। विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारने, नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू होने के बाद जमीन अधिग्रहण के लिए अपनाई गई प्रक्रिया दूसरे राज्यों के लिए माडल बन रही है।
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